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बारह साल पहले मृत दिखाकर फर्जी लोगों के नाम कर दी वरासत
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:51 PM IST
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लालगंज। बारह साल पहले मृत दिखा कर खातेदार का नाम लेखपाल व कानूनगो ने खारिज कर दिया। उसके स्थान पर दो अज्ञात लोगों के नाम फर्जी खाता बांध दिया गया। मामला तब उजागर हुआ, जब खातेदार ने अपना नाम निरस्त देख फर्जी खातेदारों का नाम देखा। मामले की शिकायत एसडीएम से की गई है। एसडीएम ने तहसीलदार को जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मामला लालगंज तहसील के अगई गांव का है।
अगई गांव निवासी रामगरीब पुत्र सुखई का आरोप है कि वह गाटा संख्या 100 रकबा 0. 153 हेक्टेअर का भूमिधर है और उस पर काबिज दाखिल है। वर्ष 2006 में तत्कालीन लेखपाल न कानूनगो ने उसे मृत दिखाकर उसके नाम के स्थान पर फर्जी खातेदार सूर्यबली व दयाराम को उसका पुत्र दिखाकर वरासत कर दी। जब रामगरीब ने खतौनी की नकल ली तो ज्ञात हुआ कि उसके नाम के स्थान पर सूर्यबली व दयाराम का नाम दर्ज हो गया है। रामगरीब ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि वर्ष 2006 में लेखपाल व कानूनगो ने उसको मृत दिखा कर वरासत कर दिया है। अब रामगरीब खुद का आधार, किसान बही, परिवार रजिस्टर लगाकर खुद को जीवित साबित करने में लगा है। उसने मामले की शिकायत एसडीएम से कर फर्जी वरासत निरस्त कराने तथा दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। एसडीएम ने तहसीलदार को जांच सौंपकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
यह गंभीर मामला है। तहसीलदार से जांच कराई जा रही है। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और जीवित काश्तकार केे नाम पुन: जमीन कराई जाएगी।
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कोमल यादव, एसडीएम, लालगंज।
चकबंदी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सांगीपुर (ब्यूरो)। चकबंदी लेखपाल की कार्यशैली से नाराज वकीलों ने एसओसी से लेखपाल को हटाने की मांग की है। सांगीपुर चकबंदी कार्यालय में तैनात लेखपाल रमेश यादव के ऊपर आमीशंकरपुर निवासी अधिवक्ता सतीश उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि बेवजह काश्तकारों को परेशान कर उनसे अवैध वसूली करना, एक ही कार्य के लिए कई बार लोगों को दौड़ाना लेखपाल की आदत है। सतीश उपाध्याय ने मामले की शिकायत एसओसी से कर आरोपी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
बारह साल पहले मृत दिखाकर फर्जी लोगों के नाम कर दी वरासत
लेखपाल और कानूनगो की कारगुजारी, अगई गांव का मामला
उपजिलाधिकारी ने जांच तहसीलदार को सौंपी
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अगई गांव निवासी रामगरीब पुत्र सुखई का आरोप है कि वह गाटा संख्या 100 रकबा 0. 153 हेक्टेअर का भूमिधर है और उस पर काबिज दाखिल है। वर्ष 2006 में तत्कालीन लेखपाल न कानूनगो ने उसे मृत दिखाकर उसके नाम के स्थान पर फर्जी खातेदार सूर्यबली व दयाराम को उसका पुत्र दिखाकर वरासत कर दी। जब रामगरीब ने खतौनी की नकल ली तो ज्ञात हुआ कि उसके नाम के स्थान पर सूर्यबली व दयाराम का नाम दर्ज हो गया है। रामगरीब ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि वर्ष 2006 में लेखपाल व कानूनगो ने उसको मृत दिखा कर वरासत कर दिया है। अब रामगरीब खुद का आधार, किसान बही, परिवार रजिस्टर लगाकर खुद को जीवित साबित करने में लगा है। उसने मामले की शिकायत एसडीएम से कर फर्जी वरासत निरस्त कराने तथा दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। एसडीएम ने तहसीलदार को जांच सौंपकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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यह गंभीर मामला है। तहसीलदार से जांच कराई जा रही है। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और जीवित काश्तकार केे नाम पुन: जमीन कराई जाएगी।
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कोमल यादव, एसडीएम, लालगंज।
चकबंदी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सांगीपुर (ब्यूरो)। चकबंदी लेखपाल की कार्यशैली से नाराज वकीलों ने एसओसी से लेखपाल को हटाने की मांग की है। सांगीपुर चकबंदी कार्यालय में तैनात लेखपाल रमेश यादव के ऊपर आमीशंकरपुर निवासी अधिवक्ता सतीश उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि बेवजह काश्तकारों को परेशान कर उनसे अवैध वसूली करना, एक ही कार्य के लिए कई बार लोगों को दौड़ाना लेखपाल की आदत है। सतीश उपाध्याय ने मामले की शिकायत एसओसी से कर आरोपी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
बारह साल पहले मृत दिखाकर फर्जी लोगों के नाम कर दी वरासत
लेखपाल और कानूनगो की कारगुजारी, अगई गांव का मामला
उपजिलाधिकारी ने जांच तहसीलदार को सौंपी