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दो दिन तक युवती का शव नोंचते रहे जानवर, सोती रही पुलिस

Fri, 15 Sep 2017 07:07 PM IST
Updated Fri, 15 Sep 2017 07:07 PM IST
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दो दिन तक युवती का शव नोंचते रहे जानवर, सोती रही पुलिस
लालगंज। स्थानीय पुलिस की संवेदनहीनता से दो दिन तक युवती के शव को जानवर नोंचते रहे। ग्रामीणों के आक्रोशित होने पर पुलिस की नींद टूटी और क्षत-विक्षत शव को नहर से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। मृतका कौन थी, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है।
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लालगंज कोतवाली क्षेत्र से होकर बहने वाली सगरा रजबहा में गुरुवार को 22 वर्षीय अज्ञात युवती का शव बहता दिखाई दिया। लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंची लेकिन शव को बिना निकलवाए ही वापस लौट गई। गांववालाें की मानें तो पुलिसकर्मियों ने सोचा था कि तेज बहाव में शव दूर निकल जाएगा। हालांकि शाम को शव कोतवाली क्षेत्र में बाबूगंज रजबहा में जाकर पूरे तिलकराम गांव के पास फंस गया। सूचना के बावजूद पुलिस नहीं पहुंची। रजबहा में पानी कम था ऐसे में जानवरों ने शव को क्षत विक्षत कर दिया।
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ग्रामीणाें का कहना है कि कई बार कहने के बावजूद पुलिस नहीं पहुंची। शुक्रवार सुबह आक्रोशित ग्रामीणाें ने कुछ प्रभावशाली लोगाें को जानकारी दी। उनके फोन करने पर दोपहर में पुलिस ने पहुंचकर शव बाहर निकलवाया। प्रत्यक्षदर्शियाें के मुताबिक शव तीन-चार दिन पुराना लग रहा था। मृतका की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। कोतवाल का कहना है कि अज्ञात शव की शिनाख्त कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उसके बाद ही मौत का कारण साफ हो सकेगा।
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पहले भी स्थानीय पुलिस का संवेदनहीन चेहरा सामने आ चुका है। पखवारे भर पहले ही लालगंज सीएचसी के समीप फेंके गए नवजात के शव को कई घंटे तक जानवर नाेंचते रहे थे। अगस्त में रामपुर बावली चौराहे के समीप दरिहट गांव में कटरा संग्रामसिंह के एक युवक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। पुलिस के इंतजार में रोड किनारे शव रखकर परिजन चार घंटे तक बैठे रहे। बाद में कोतवाल मौके पर पहुंचे तो पुलिस पर संवेदनहीनता बरतने का आरोप लगाते हुए परिजन शव लेकर घर चले गए। इसके बाद कोतवाल ने गांव जाकर परिजनाें को समझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। आक्रोशित परिजनाें ने शव को पोस्टमार्टम कराए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।
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