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151 आरोपी में से नहीं हुई एक की भी गिरफ्तारी
Updated Sat, 12 Aug 2017 06:55 PM IST
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लालगंज। कानून-व्यवस्था को लेकर लापरवाही न बरतने के शासन के आदेश का जिले की पुलिस कितनी गंभीरता से पालन कर रही है, इसकी बानगी देखिए। एक घटना, जिसमें कुल चार मुकदमे दर्ज हुए, के 151 आरोपियों में से पुलिस 10 दिन बीतने के बाद एक आरोपी को भी नहीं पकड़ सकी। वह भी तब जब खुद दो मुकदमे पुलिस की ओर से लिखाए गए हैं। उदयपुर के ननौती में हुए इस घटना में मारपीट, तोड़फोड़, फायरिंग के बाद पुलिस पर भी हमला किया गया था।
उदयपुर थाना क्षेत्र के ननौती में वर्चस्व की जंग में आमने सामने हुए दो पक्षाें के बीच जमकर बवाल हुआ था। इसमें कई राउंड गोली चलने से तीन लोग घायल हो गए। पुलिस के पहुचने पर दोनों पक्ष के लोगों ने पुलिस पर भी हमला बोल दिया था। किसी तरह भागकर पुुलिसकर्मियों ने अपनी जान बचाई। इस घटना में चार मुकदमे दर्ज कराए गए। दो मुकदमे पुलिस की ओर से लिखाए गए, जिसमें दोनों पक्षों के लोगाें पर हत्या के प्रयास, बलवा, फायरिंग से दहशत, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़ समेत कई संगीन धाराएं शामिल हैं। एसबीआई में भी हमलावरों ने तोड़फोड़ की। जिसमें शाखा प्रबंधक की ओर से केस लिखाया गया। इसके दो दिनाें बाद एक पक्ष ने हत्या के प्रयास समेत कई संगीन आरोप लगाकर विपक्षियों पर केस दर्ज कराया। इस तरह से अभी चार मुकदमे दर्ज हो गए हैं। हालांकि पुलिस पर कातिलाना हमला करने वाले दोनों पक्षों के 151 आरोपियाें तक 10 दिन बाद भी पुलिस नहीं पहुंच सकी।
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उदयपुर थाना क्षेत्र के ननौती में वर्चस्व की जंग में आमने सामने हुए दो पक्षाें के बीच जमकर बवाल हुआ था। इसमें कई राउंड गोली चलने से तीन लोग घायल हो गए। पुलिस के पहुचने पर दोनों पक्ष के लोगों ने पुलिस पर भी हमला बोल दिया था। किसी तरह भागकर पुुलिसकर्मियों ने अपनी जान बचाई। इस घटना में चार मुकदमे दर्ज कराए गए। दो मुकदमे पुलिस की ओर से लिखाए गए, जिसमें दोनों पक्षों के लोगाें पर हत्या के प्रयास, बलवा, फायरिंग से दहशत, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़ समेत कई संगीन धाराएं शामिल हैं। एसबीआई में भी हमलावरों ने तोड़फोड़ की। जिसमें शाखा प्रबंधक की ओर से केस लिखाया गया। इसके दो दिनाें बाद एक पक्ष ने हत्या के प्रयास समेत कई संगीन आरोप लगाकर विपक्षियों पर केस दर्ज कराया। इस तरह से अभी चार मुकदमे दर्ज हो गए हैं। हालांकि पुलिस पर कातिलाना हमला करने वाले दोनों पक्षों के 151 आरोपियाें तक 10 दिन बाद भी पुलिस नहीं पहुंच सकी।
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