{"_id":"5b57216e4f1c1b572f8b63cf","slug":"161532436846-pratapgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर से भागी किशोरी को मनचलों ने दबोचा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घर से भागी किशोरी को मनचलों ने दबोचा
Updated Tue, 24 Jul 2018 06:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घर से भागी किशोरी की अस्मत लूटने के लिए मनचलों ने उसका पीछा किया और फिर उसे सूनसान स्थान पर दबोच लिया। अचानक राहगीरों के आने से किशोरी भाग निकली। इसके बाद भी मनचले किशोरी को जिला अस्पताल तक घेरे रहे। महिला हेल्पलाइन पर लोगों ने मदद के लिए कई बार कॉल किया, लेकिन कोई जबाव नहीं मिला। आसपास के दुकानदारों के साथ एंबुलेंस चालक किशोरी की मदद को आगे आ गए। इसके बाद जाकर वह शोहदों के चंगुल से बच सकी।
नगर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी को सोमवार की शाम उसके पिता ने किसी बात को लेकर डांट लगा दी थी। इससे नाराज होकर वह घर से भाग निकली। घर से काफी दूर निकल आने के बाद वह रास्ता भूल गई और भटककर जीआईसी के समीप बनी कांशीराम कॉलोनी पहुंच गई। रात करीब सवा दस बजे बरसात होने लगी। बरसात से बचने के लिए वह कॉलोनी के समीप रूक गई। इस दौरान कॉलोनी के रहने वाले करीब चार मनचलों की उस पर नजर पड़ गई। मौका देख मनचले उसके पास पहुंचे और उसे बुरी नियत से दबोच लिया। उनके चंगुल से बचकर वह भागी। पोस्टमार्टम हाउस के करीब फिर मनचलों ने उसे दबोचा और पकड़कर कॉलोनी की ओर लाने लगे। तभी कुछ लोगों को आता देख मनचलों ने किशोरी को छोड़ दिया। यहां से किशोरी जिला अस्पताल गेट तक पहुंची, लेकिन मनचलों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। इस बीच चाय दुकानदार व एंबुलेंस चालक नन्हे सिंह ने घबराई किशोरी की दशा देख पूछताछ करने लगे। किशोरी की बातें सुनने के बाद उन्होंने महिला हेल्पलाइन पर मदद मांगी, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। बाद में लोगों ने किशोरी के घरवालों को खबर देकर बुलाया। परिजन उसे अपने साथ ले गए। नगर कोतवाल ने बताया कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नही है।
विज्ञापन
नगर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी को सोमवार की शाम उसके पिता ने किसी बात को लेकर डांट लगा दी थी। इससे नाराज होकर वह घर से भाग निकली। घर से काफी दूर निकल आने के बाद वह रास्ता भूल गई और भटककर जीआईसी के समीप बनी कांशीराम कॉलोनी पहुंच गई। रात करीब सवा दस बजे बरसात होने लगी। बरसात से बचने के लिए वह कॉलोनी के समीप रूक गई। इस दौरान कॉलोनी के रहने वाले करीब चार मनचलों की उस पर नजर पड़ गई। मौका देख मनचले उसके पास पहुंचे और उसे बुरी नियत से दबोच लिया। उनके चंगुल से बचकर वह भागी। पोस्टमार्टम हाउस के करीब फिर मनचलों ने उसे दबोचा और पकड़कर कॉलोनी की ओर लाने लगे। तभी कुछ लोगों को आता देख मनचलों ने किशोरी को छोड़ दिया। यहां से किशोरी जिला अस्पताल गेट तक पहुंची, लेकिन मनचलों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। इस बीच चाय दुकानदार व एंबुलेंस चालक नन्हे सिंह ने घबराई किशोरी की दशा देख पूछताछ करने लगे। किशोरी की बातें सुनने के बाद उन्होंने महिला हेल्पलाइन पर मदद मांगी, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। बाद में लोगों ने किशोरी के घरवालों को खबर देकर बुलाया। परिजन उसे अपने साथ ले गए। नगर कोतवाल ने बताया कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नही है।
विज्ञापन