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कुल्हाड़ी से पैर काटने से घायल टैक्सी चालक की मौत
Updated Sat, 21 Jul 2018 07:40 PM IST
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फतनपुर थाना क्षेत्र के केवरा कला बाजार में शुक्रवार रात लाठी-डंडे से पीटकर कुल्हाड़ी से पैर काट लिए जाने से गंभीर रूप से घायल दुर्गा प्रसाद दुबे उर्फ पोटे (45) की शनिवार भोर में मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर गांव में तनाव फैल गया। बवाल की आशंका में सीओ रानीगंज कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ गांव पहुंच गए। मामले में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
फतनपुर थाना क्षेत्र के शर्मा का पूरा केवरा खुर्द निवासी दुर्गा प्रसाद दुबे उर्फ पोटे (45) मुंबई में टैक्सी चलाते थे। पड़ोसी राजेंद्र मिश्रा से जमीन को लेकर उनका विवाद चल रहा था। शुक्रवार की देर शाम दुर्गा प्रसाद बाइक से केवरा कला बाजार सब्जी लेने जा रहे थे। चौराहे के करीब पहुंचकर बाइक खड़ी करते ही राजेंद्र पक्ष के लोग लाठी-डंडे लेकर उन पर टूट पड़े। हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए फायर भी किया। कुल्हाड़ी व लाठी-डंडे से दुर्गा प्रसाद पर प्रहार करते रहे। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बुरी तरह पीटने के कारण उनके हाथ-पैर भी टूट गए। आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उनका एक पैर काट डाला। सरेबाजार हुई इस घटना के बाद दुर्गा प्रसाद चीखते रहे, लेकिन कोई उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया। खबर मिलने पर परिवार के लोग भागकर पहुंचे और उन्हें एसआरएन इलाहाबाद ले गए। यहां शनिवार भोर में इलाज के दौरान दुर्गा प्रसाद ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही बवाल की आशंका में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। फतनपुर पुलिस के साथ पीएसी को गांव में मुस्तैद कर दिया गया। कुछ देर बाद सीओ रानीगंज रमेशचंद्र भी पहुंच गए। मृतक के भतीजे राजेश कुमार दुबे की तहरीर पर पुलिस ने राजेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ राजू, दुर्गा प्रसाद मिश्र, शैलेश मिश्र, संगम मिश्र, ह्दयेश मिश्र, अनीश मिश्र उर्फ मनोज, पिंकू मिश्रा, रजनीश मिश्रा, रामलाल मिश्र, सुजीत मिश्रा निवासी केवरा कला और शैलेश के भांजे राजन उर्फ राजा निवासी मेढ़ा जौनपुर के खिलाफ हत्या, बलवा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस बाबत सीओ रानीगंज रमेशचंद्र ने बताया कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। तनाव को देखते हुए पट्टी, रानीगंज व फतनपुर पुलिस मौके पर मौजूद है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम शव गांव पहुंचने पर एसडीएम रानीगंज भी गांव पहुंच गए।
इनसेट--------
थाने के दरोगा ने मेरे पति को मरवाया
दुर्गा प्रसाद की मौत के बाद उनकी पत्नी प्रतिभा फतनपुर थाने पर तैनात दरोगा एसपी पाठक पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाने लगी। उसका कहना था कि तीन दिन पहले दरोगा पाठक उसके घर आए और सभी को घर में ही रहने के लिए कह दिया। उसके घर के बाहर खुद वह बैठ गए। जिसके बाद मौका पाकर राजेंद्र मिश्र पक्ष के लोगों ने विवादित जमीन की जुताई करा दी। दरोगा अरोपियों से मिले हुए हैं। सीओ से भी वह दुखड़ा सुनाती रही। मृतक के दो बेटे सुजीत व अजीत हैं। बेटी रूबी का विवाह हो चुका है। पिता की मौत की खबर मिलने पर रूबी रोते हुए बेहोश हो जाती रही।
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इनसेट------
पुलिस और प्रशासन की लापरवाही से गई दुर्गा की जान
फतनपुर थाना क्षेत्र के केवराखुर्द निवासी दुर्गा प्रसाद व राजेंद्र मिश्र के बीच कई सालों से केस चल रहा है। दुर्गा की बाग के बगल राजेंद्र की भूमिधरी है। इसे लेकर उनके बीच न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। 6 माह पहले भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो चुकी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। तालाब की जमीन पर कब्जे को लेकर भी विवाद चल रहा था। हर विवाद के बाद मामला पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों के पास पहुंचता, लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। आखिरकार सात साल से चली आ रही रंजिश ने दुर्गा प्रसाद की जिंदगी छीन ली।
इनसेट-------
मुंबई जाने की थी तैयारी, मौत खींच लाई बाजार
फतनपुर थाना क्षेत्र के केवराखुर्द निवासी दुर्गा प्रसाद दुबे को शनिवार को मुंबई जाना था। इलाहाबाद से दूरंतो एक्सप्रेस से उनका टिकट था। वह सफर के लिए बाजार से सब्जी लेने के लिए घर से निकला। ग्रामीणों की मानें तो उनके मुंबई जाने की जानकारी विरोधियों को हो गई थी। तभी तो वह पूरी तैयारी से केवरा कला बाजार में आकर ठहरे हुए थे। उन लोगों को मालूम था कि दुर्गा प्रसाद बाजार जरूर आएंगे।
इनसेट-------
आरोपित करता था गांव की प्रधानी
फतनपुर थाना क्षेत्र के केवराखुर्द निवासी दुर्गा प्रसाद दुबे और राजेंद्र मिश्र उर्फ राजू पंचायत चुनाव में भी अलग-अलग प्रत्याशियों की मदद करते थे। मृतक के परिवार के लोगों का आरोप है कि मौजूदा समय में भले ही आरक्षित सीट होने के कारण बोंबा देवी प्रधान हैं, लेकिन वह केवल नाम की हैं। गांव की प्रधानी राजेंद्र मिश्रा व उसके परिवार के लोग करते हैं। विकास कार्यों में उनका पूरा दखल रहता है। उनकी मर्जी के खिलाफ कुछ नहीं होता है। इसकी भी शिकायत मृतक ने अधिकारियों से की थी।
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फतनपुर थाना क्षेत्र के शर्मा का पूरा केवरा खुर्द निवासी दुर्गा प्रसाद दुबे उर्फ पोटे (45) मुंबई में टैक्सी चलाते थे। पड़ोसी राजेंद्र मिश्रा से जमीन को लेकर उनका विवाद चल रहा था। शुक्रवार की देर शाम दुर्गा प्रसाद बाइक से केवरा कला बाजार सब्जी लेने जा रहे थे। चौराहे के करीब पहुंचकर बाइक खड़ी करते ही राजेंद्र पक्ष के लोग लाठी-डंडे लेकर उन पर टूट पड़े। हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए फायर भी किया। कुल्हाड़ी व लाठी-डंडे से दुर्गा प्रसाद पर प्रहार करते रहे। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बुरी तरह पीटने के कारण उनके हाथ-पैर भी टूट गए। आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उनका एक पैर काट डाला। सरेबाजार हुई इस घटना के बाद दुर्गा प्रसाद चीखते रहे, लेकिन कोई उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया। खबर मिलने पर परिवार के लोग भागकर पहुंचे और उन्हें एसआरएन इलाहाबाद ले गए। यहां शनिवार भोर में इलाज के दौरान दुर्गा प्रसाद ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही बवाल की आशंका में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। फतनपुर पुलिस के साथ पीएसी को गांव में मुस्तैद कर दिया गया। कुछ देर बाद सीओ रानीगंज रमेशचंद्र भी पहुंच गए। मृतक के भतीजे राजेश कुमार दुबे की तहरीर पर पुलिस ने राजेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ राजू, दुर्गा प्रसाद मिश्र, शैलेश मिश्र, संगम मिश्र, ह्दयेश मिश्र, अनीश मिश्र उर्फ मनोज, पिंकू मिश्रा, रजनीश मिश्रा, रामलाल मिश्र, सुजीत मिश्रा निवासी केवरा कला और शैलेश के भांजे राजन उर्फ राजा निवासी मेढ़ा जौनपुर के खिलाफ हत्या, बलवा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस बाबत सीओ रानीगंज रमेशचंद्र ने बताया कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। तनाव को देखते हुए पट्टी, रानीगंज व फतनपुर पुलिस मौके पर मौजूद है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम शव गांव पहुंचने पर एसडीएम रानीगंज भी गांव पहुंच गए।
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थाने के दरोगा ने मेरे पति को मरवाया
दुर्गा प्रसाद की मौत के बाद उनकी पत्नी प्रतिभा फतनपुर थाने पर तैनात दरोगा एसपी पाठक पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाने लगी। उसका कहना था कि तीन दिन पहले दरोगा पाठक उसके घर आए और सभी को घर में ही रहने के लिए कह दिया। उसके घर के बाहर खुद वह बैठ गए। जिसके बाद मौका पाकर राजेंद्र मिश्र पक्ष के लोगों ने विवादित जमीन की जुताई करा दी। दरोगा अरोपियों से मिले हुए हैं। सीओ से भी वह दुखड़ा सुनाती रही। मृतक के दो बेटे सुजीत व अजीत हैं। बेटी रूबी का विवाह हो चुका है। पिता की मौत की खबर मिलने पर रूबी रोते हुए बेहोश हो जाती रही।
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पुलिस और प्रशासन की लापरवाही से गई दुर्गा की जान
फतनपुर थाना क्षेत्र के केवराखुर्द निवासी दुर्गा प्रसाद व राजेंद्र मिश्र के बीच कई सालों से केस चल रहा है। दुर्गा की बाग के बगल राजेंद्र की भूमिधरी है। इसे लेकर उनके बीच न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। 6 माह पहले भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो चुकी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। तालाब की जमीन पर कब्जे को लेकर भी विवाद चल रहा था। हर विवाद के बाद मामला पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों के पास पहुंचता, लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। आखिरकार सात साल से चली आ रही रंजिश ने दुर्गा प्रसाद की जिंदगी छीन ली।
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मुंबई जाने की थी तैयारी, मौत खींच लाई बाजार
फतनपुर थाना क्षेत्र के केवराखुर्द निवासी दुर्गा प्रसाद दुबे को शनिवार को मुंबई जाना था। इलाहाबाद से दूरंतो एक्सप्रेस से उनका टिकट था। वह सफर के लिए बाजार से सब्जी लेने के लिए घर से निकला। ग्रामीणों की मानें तो उनके मुंबई जाने की जानकारी विरोधियों को हो गई थी। तभी तो वह पूरी तैयारी से केवरा कला बाजार में आकर ठहरे हुए थे। उन लोगों को मालूम था कि दुर्गा प्रसाद बाजार जरूर आएंगे।
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आरोपित करता था गांव की प्रधानी
फतनपुर थाना क्षेत्र के केवराखुर्द निवासी दुर्गा प्रसाद दुबे और राजेंद्र मिश्र उर्फ राजू पंचायत चुनाव में भी अलग-अलग प्रत्याशियों की मदद करते थे। मृतक के परिवार के लोगों का आरोप है कि मौजूदा समय में भले ही आरक्षित सीट होने के कारण बोंबा देवी प्रधान हैं, लेकिन वह केवल नाम की हैं। गांव की प्रधानी राजेंद्र मिश्रा व उसके परिवार के लोग करते हैं। विकास कार्यों में उनका पूरा दखल रहता है। उनकी मर्जी के खिलाफ कुछ नहीं होता है। इसकी भी शिकायत मृतक ने अधिकारियों से की थी।