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सांगीपुर में 21 लाख रुपये हजम कर गए अफसर
Updated Fri, 05 Jan 2018 08:09 PM IST
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सांगीपुर। सांगीपुर ब्लाक में चौदहवें वित्त आयोग से मिली धनराशि में बड़े पैमाने पर अनियमितता और गबन का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत पर हुई जंाच के बाद डीपीआरओ ने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को भेज दी है। इसमें 21 लाख रुपये के गबन और कार्यों में भारी अनियमितता की बात सामने आई है। हालांकि ब्लाक के अफसरों ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है।
सांगीपुर ब्लाक के देउम पश्चिम निवासी विवेक शुक्ला ने जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि 14वें वित्त आयोग के प्रशासनिक मद में आई धनराशि में अनियमितता व गबन किया गया है। इसकी जांच सीडीओ ने जिलापंचायत राज अधिकारी को सौंपी। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सांगीपुर ब्लाक में 14वें वित्त आयोग के तहत आई धनराशि और कार्यों की जांच की जिसमें तमाम अनियमितताएं पाई गईं। डीपीआरओ ने मुख्य विकास अधिकारी को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि सहायक विकास अधिकारी पंचायत व खंड विकास अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित खाते से निकाली गई धनराशि में चार लाख रुपये की अनियमितता व 21 लाख रुपये से अधिक का गबन पाया गया है। यही नहीं बिना अनुमोदन के ही लाखों रुपये खर्च भी कर दिए गए।
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सांगीपुर ब्लाक के देउम पश्चिम निवासी विवेक शुक्ला ने जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि 14वें वित्त आयोग के प्रशासनिक मद में आई धनराशि में अनियमितता व गबन किया गया है। इसकी जांच सीडीओ ने जिलापंचायत राज अधिकारी को सौंपी। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सांगीपुर ब्लाक में 14वें वित्त आयोग के तहत आई धनराशि और कार्यों की जांच की जिसमें तमाम अनियमितताएं पाई गईं। डीपीआरओ ने मुख्य विकास अधिकारी को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि सहायक विकास अधिकारी पंचायत व खंड विकास अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित खाते से निकाली गई धनराशि में चार लाख रुपये की अनियमितता व 21 लाख रुपये से अधिक का गबन पाया गया है। यही नहीं बिना अनुमोदन के ही लाखों रुपये खर्च भी कर दिए गए।
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