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बिजली विभाग की लापरवाही से 12 दिन में पांच मौतें
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 18 Jul 2016 12:33 AM IST
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बिजली विभाग की लापरवाही से करंट की चपेट में आने से जिले में बारह दिन के भीतर पांच मौतें हो गईं। हर जगह कारण लटकते और टूटे हुए तार ही बने। तमाम शिकायतों के बाद भी विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। हफ्तों तक टूटे और लटकते तारों को ठीक नहीं कराया जाता है। नतीजा लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। बिजली विभाग की लापरवाही से बाग, खेत और रास्ते में एचटी व एलटी लाइन खींची गई है। खास बात यह है कि दस दिन के भीतर बिजली के टूटे तार व लटक रहे तार में उतरे करंट से लोगों को जान गंवानी पड़ी। इसके बाद भी बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। पट्टी कोतवाली के बहुता गांव में तीन जुलाई को बिजली का तार लटक रहा था।
उसकी चपेट में आने से संजय वर्मा का आठ वर्षीय बेटा शशी आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित लोगों ने जाम भी लगाया था। 4 जुलाई को हथिगवां थाना क्षेत्र के अहिबरनपुर निवासी जगतपाल हौदेश्वरनाथ धाम में निशान चढ़ाने जा रहा था। चौराहे के पास 11 हजार की लाइन की चपेट में निशान आ गया। इससे जगतपाल की दर्दनाक मौत हो गई। देवसरा निवासी रामलाल चौहान भी 6 जुलाई को बिजली के टूटे तार की चपेट में आ गया। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। बिजली विभाग की लापरवाही से लगातार हो रही घटनाआें में भले ही लोगों की जाने जा रही हैं। लेकिन इसका कोई भी असर महकमे के जिम्मेदार अधिकारियों पर नहीं पड़ता दिख रहा। रविवार को चचेरे भाई बहन की मौत के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी ऐसे लटक या टूटकर गिरे तारों को दुरुस्त कराने की जहमत उठाते नहीं दिखे।
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उसकी चपेट में आने से संजय वर्मा का आठ वर्षीय बेटा शशी आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित लोगों ने जाम भी लगाया था। 4 जुलाई को हथिगवां थाना क्षेत्र के अहिबरनपुर निवासी जगतपाल हौदेश्वरनाथ धाम में निशान चढ़ाने जा रहा था। चौराहे के पास 11 हजार की लाइन की चपेट में निशान आ गया। इससे जगतपाल की दर्दनाक मौत हो गई। देवसरा निवासी रामलाल चौहान भी 6 जुलाई को बिजली के टूटे तार की चपेट में आ गया। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। बिजली विभाग की लापरवाही से लगातार हो रही घटनाआें में भले ही लोगों की जाने जा रही हैं। लेकिन इसका कोई भी असर महकमे के जिम्मेदार अधिकारियों पर नहीं पड़ता दिख रहा। रविवार को चचेरे भाई बहन की मौत के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी ऐसे लटक या टूटकर गिरे तारों को दुरुस्त कराने की जहमत उठाते नहीं दिखे।
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