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सांसद के करीबियों ने जिला अस्पताल में काटा बवाल
Updated Wed, 28 Nov 2018 07:07 PM IST
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सांसद के करीबियों ने जिला अस्पताल में काटा बवाल
घटना को कैमरे में कैद कर रहे मीडियाकर्मी पर बोला हमला, मुकदमा दर्ज
रात में सहमे रहे स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस रही तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। सांसद हरिवंश सिंह के करीबियों ने मंगलवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बवाल काटा। जिसके बाद इमरजेंसी छोड़कर स्वास्थ्यकर्मी भाग निकले। मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मी घटना को कैमरे में कैद करने लगा तो उस पर हमला बोल दिया। जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने सांसद के करीबियों पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार की रात डा. आशुतोष सिंह की ड्यूटी थी। रात करीब सवा 11 बजे वह अपने कक्ष में मौजूद थे। तभी खुद को सांसद का निजी सचिव बताने वाले दीपक मिश्र व कार्यालय प्रभारी नरेंद्र दुबे कुछ लोगों के साथ पहुंचे। ईएमओ आशुतोष सिंह की मानें तो नरेंद्र दुबे पुरानी चोट का आपरेशन करने की जिद करने लगे। डाक्टर ने मरहम-पट्टी व इंजेक्शन लगाने के साथ ही दवा देने की बात कही, मगर वह आपरेशन करने की जिद पकड़े रहे। असमर्थता जताने पर सभी इमरजेंसी में हंगामा करते हुए गालीगलौज करने लगे। जिससे स्वास्थ्यकर्मी जान बचाकर भागे। इस दौरान घटना की कवरेज करने पहुंचे इलेक्ट्रानिक चैनल के एक रिपोर्टर पर निगाह पड़ी तो सांसद के करीबी उनका मोबाइल तोड़ने के लिए छीनाझपटी करने लगे। उसे मारापीटा और गला दबाने की कोशिश की। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो उसकी जान बची। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल, सीओ सिटी अंजनी राय व एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्रा अस्पताल पहुंचे। घटना की छानबीन के बाद रिपोर्टर की तहरीर पर पुलिस ने सांसद के निजी सचिव दीपक मिश्रा व कार्यालय प्रभारी नरेंद्र दुबे व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है। वहीं जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्यकर्मी तक सहमे रहे। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी रातभर सुरक्षा में मुस्तैद रहे।
हब्बू व सद्दाम की तलाश में पुलिस की जोरदार दबिश
एएसपी पूर्वी की अगुवाई में चला तीन घंटे तक सघन अभियान
अमेठी व सुलतानपुर तक इनामी बदमाशों की तलाश में छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले की पुलिस के लिए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश हब्बू पासी व सद्दाम सिरदर्द बने हुए हैं। उनकी तलाश में मंगलवार को रातभर छापेमारी की गई। एएसपी पूर्वी की अगुवाई में अमेठी व सुलतानपुर में भी दबिश देने के लिए पुलिस की टीमें पहुंचीं, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
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कोहड़ौर के मदुरा रानीगंज निवासी हब्बू पासी व सद्दाम ने मिलकर कोहड़ौर के व्यापारी श्यामसुंदर व श्याममूरत को रंगदारी न देने पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। सुलतानपुर में बैंक लूटने के बाद अंतू की बैंक लूट ली। सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम देने के बाद एसपी की स्पेशल टीम ने कोहड़ौर के अभिषेक सरोज को दबोचने के बाद घटनाओं का अनावरण किया। सुलतानपुर और जिले की पुलिस ने फरार चल रहे हब्बू पासी और सद्दाम के खिलाफ एक-एक लाख रुपये का ईनाम घोषित कर दिया। काफी दिनों से दोनों को दबोचने के लिए एसटीएफ और अमेठी, सुलतानपुर और प्रतापगढ़ की पुलिस पीछे लगी हुई थाी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। एक सप्ताह पूर्व कोहड़ौर के लाखीपुर के प्रधान रामकुमार को धमकी देने के बाद सद्दाम व हब्बू की तलाश में पुलिस जुटी। यहां तक कि आईजी जोन मोहित अग्रवाल खुद हब्बू, सद्दाम , इंजमामुल हसन और आजाद के घर दबिश दी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मंगलवार की रात एएसपी अवनीश मिश्रा, सीओ सिटी अंजनी राय कोहड़ौर, नगर कोतवाली, कंधई पुलिस के साथ मदुरा रानीगंज, अमेठी व सुलतानपुर के कुछ गांवों में दबिश दी लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
इनसेट--------
अपराधियों के आगे स्वाट टीम ने टेके घुटने
जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच में स्वाट टीम का गठन किया गया है। जिसकी कमान तेजतर्रार दरोगा व सिपाहियों के हाथों में सौंपी गई है लेकिन हकीकत यह है कि जिले के अपराधियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। हालिया घटनाओं के साथ ही पुराने घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ने जितने भी टास्क स्वाट टीम को सौंपा। एक भी मामले का खुलासा करने में स्वाट टीम को कामयाबी नहीं मिली। केवल पुराने अपराधियों या फिर शातिर की सेटिंग से विरोधियों को बाइक चोरी में जेल भेजने तक ही स्वाट टीम सिमटकर रह गई। हब्बू व सद्दाम की तलाश में भी लगाया गया लेकिन उनकी परछाई तक वे नहीं पहुंचे। सूत्रों की मानें तो स्वाट टीम के कार्यों से पुराने कप्तान नाखुश थे और जल्द ही पूरी टीम को ही भंग करने की तैयारी की कवायद भी शुरू कर दी थी।
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घटना को कैमरे में कैद कर रहे मीडियाकर्मी पर बोला हमला, मुकदमा दर्ज
रात में सहमे रहे स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस रही तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। सांसद हरिवंश सिंह के करीबियों ने मंगलवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बवाल काटा। जिसके बाद इमरजेंसी छोड़कर स्वास्थ्यकर्मी भाग निकले। मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मी घटना को कैमरे में कैद करने लगा तो उस पर हमला बोल दिया। जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने सांसद के करीबियों पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार की रात डा. आशुतोष सिंह की ड्यूटी थी। रात करीब सवा 11 बजे वह अपने कक्ष में मौजूद थे। तभी खुद को सांसद का निजी सचिव बताने वाले दीपक मिश्र व कार्यालय प्रभारी नरेंद्र दुबे कुछ लोगों के साथ पहुंचे। ईएमओ आशुतोष सिंह की मानें तो नरेंद्र दुबे पुरानी चोट का आपरेशन करने की जिद करने लगे। डाक्टर ने मरहम-पट्टी व इंजेक्शन लगाने के साथ ही दवा देने की बात कही, मगर वह आपरेशन करने की जिद पकड़े रहे। असमर्थता जताने पर सभी इमरजेंसी में हंगामा करते हुए गालीगलौज करने लगे। जिससे स्वास्थ्यकर्मी जान बचाकर भागे। इस दौरान घटना की कवरेज करने पहुंचे इलेक्ट्रानिक चैनल के एक रिपोर्टर पर निगाह पड़ी तो सांसद के करीबी उनका मोबाइल तोड़ने के लिए छीनाझपटी करने लगे। उसे मारापीटा और गला दबाने की कोशिश की। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो उसकी जान बची। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल, सीओ सिटी अंजनी राय व एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्रा अस्पताल पहुंचे। घटना की छानबीन के बाद रिपोर्टर की तहरीर पर पुलिस ने सांसद के निजी सचिव दीपक मिश्रा व कार्यालय प्रभारी नरेंद्र दुबे व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है। वहीं जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्यकर्मी तक सहमे रहे। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी रातभर सुरक्षा में मुस्तैद रहे।
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हब्बू व सद्दाम की तलाश में पुलिस की जोरदार दबिश
एएसपी पूर्वी की अगुवाई में चला तीन घंटे तक सघन अभियान
अमेठी व सुलतानपुर तक इनामी बदमाशों की तलाश में छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले की पुलिस के लिए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश हब्बू पासी व सद्दाम सिरदर्द बने हुए हैं। उनकी तलाश में मंगलवार को रातभर छापेमारी की गई। एएसपी पूर्वी की अगुवाई में अमेठी व सुलतानपुर में भी दबिश देने के लिए पुलिस की टीमें पहुंचीं, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
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कोहड़ौर के मदुरा रानीगंज निवासी हब्बू पासी व सद्दाम ने मिलकर कोहड़ौर के व्यापारी श्यामसुंदर व श्याममूरत को रंगदारी न देने पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। सुलतानपुर में बैंक लूटने के बाद अंतू की बैंक लूट ली। सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम देने के बाद एसपी की स्पेशल टीम ने कोहड़ौर के अभिषेक सरोज को दबोचने के बाद घटनाओं का अनावरण किया। सुलतानपुर और जिले की पुलिस ने फरार चल रहे हब्बू पासी और सद्दाम के खिलाफ एक-एक लाख रुपये का ईनाम घोषित कर दिया। काफी दिनों से दोनों को दबोचने के लिए एसटीएफ और अमेठी, सुलतानपुर और प्रतापगढ़ की पुलिस पीछे लगी हुई थाी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। एक सप्ताह पूर्व कोहड़ौर के लाखीपुर के प्रधान रामकुमार को धमकी देने के बाद सद्दाम व हब्बू की तलाश में पुलिस जुटी। यहां तक कि आईजी जोन मोहित अग्रवाल खुद हब्बू, सद्दाम , इंजमामुल हसन और आजाद के घर दबिश दी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मंगलवार की रात एएसपी अवनीश मिश्रा, सीओ सिटी अंजनी राय कोहड़ौर, नगर कोतवाली, कंधई पुलिस के साथ मदुरा रानीगंज, अमेठी व सुलतानपुर के कुछ गांवों में दबिश दी लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
इनसेट--------
अपराधियों के आगे स्वाट टीम ने टेके घुटने
जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच में स्वाट टीम का गठन किया गया है। जिसकी कमान तेजतर्रार दरोगा व सिपाहियों के हाथों में सौंपी गई है लेकिन हकीकत यह है कि जिले के अपराधियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। हालिया घटनाओं के साथ ही पुराने घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ने जितने भी टास्क स्वाट टीम को सौंपा। एक भी मामले का खुलासा करने में स्वाट टीम को कामयाबी नहीं मिली। केवल पुराने अपराधियों या फिर शातिर की सेटिंग से विरोधियों को बाइक चोरी में जेल भेजने तक ही स्वाट टीम सिमटकर रह गई। हब्बू व सद्दाम की तलाश में भी लगाया गया लेकिन उनकी परछाई तक वे नहीं पहुंचे। सूत्रों की मानें तो स्वाट टीम के कार्यों से पुराने कप्तान नाखुश थे और जल्द ही पूरी टीम को ही भंग करने की तैयारी की कवायद भी शुरू कर दी थी।