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लालगंज में टेंपो चालक की जहर खाने मौत
Updated Tue, 14 Nov 2017 06:26 PM IST
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प्रतापगढ़/लालगंज। पत्नी से विवाद के बाद किराए के मकान में अकेले रहने वाले टेंपो चालक की जहर खाने से मौत हो गई। नाराज चल रही पत्नी ने उसे अस्पताल पहुंचायसा। स्वास्थ्यकर्मियों ने शव को मर्चरी में बंद करने के बाद पुलिस को सूचना भेज दी। मृतक के भाई ने जहर देकर उसकी हत्या करने का आशंका जताई है।
सांगीपुर थाना क्षेत्र के देऊम पूरब निवासी मोतीलाल (26) पुत्र गुरूदीन गौतम टेंपो चलाकर जीवन यापन करता था। उसकी पांच माह पहले पंजाब की रहने वाली शीला से विवाह हुआ था। शादी के बाद शीला ससुराल में रहने के बजाय लालगंज में किराए का कमरा लेकर रहने की जिद करने लगी। जिसके चलते मोतीलाल लालगंज कस्बे में किराए पर कमरा लेकर रहने लगा। सोमवार की रात दस बजे अचानक मोतीलाल की तबियत खराब हो गई। नाराज चल रही पत्नी शीला खबर मिलने पर कमरे पर पहुंची और उसे उपचार के लिए लालगंज सीएचसी ले गई। जहां डाक्टरों ने बताया कि मोतीलाल ने जहर खा लिया है। डाक्टरों ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
मोतीलाल के परिजनों को खबर देने के बाद शीला उसे लेकर जिला अस्पताल आई। इलाज के दौरान उसकी तबियत खराब देख डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। इलाहाबाद ले जाने के लिए परिजन बाहर निकले लेकिन उसकी सांसें थम गईं। यह देख परिजन रोने पीटने लगे। सूचन मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में मृतक के भाई ज्ञानी ने आरोप लगाया है कि शीला से विवाह करने के बाद उसका भाई मानसिक रूप से तनाव में था। उसे आशंका है कि कुछ दिनों पहले पत्नी शीला से उसका विवाद हुआ था। मोतीलाल शीला को अपने साथ रखना चाहता था लेकिन वह उसके साथ नहीं रहना चाहती थी। शक जताया कि शीला ने ही जहर देकर उसे मार डाला। दूसरी ओर शीला का कहना था कि विवाद के बाद वह अपनी बहन के घर पर रहती थी। मकान मालिक से सूचना मिलने के बाद वह पहुंची और उसे अस्पताल लेकर भागी। मोतीलाल ने खुद जहर खाने की बात सबके सामने कही। लालगंज कोतवाल ने बताया कि अभी उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। यदि कोई तहरीर देगा तो मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पंजाब की रहने वाली शीला की पहले शादी हो चुकी है। जिससे एक पांच साल का लड़का भी है। शीला के पहले पति ने उसे तलाक दे दिया। जिसके बाद वह नए रिश्ते की तलाश में थी। लालगंज कस्बे में शीला की बहन रहती है। यहां आने के बाद मोतीलाल के संपर्क में आ गई। दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली लेकिन कुछ ही दिनों बाद दोनों के बीच अनबन होने लगी। जिला अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा मोतीलाल शीला को अपने पास बुलाता रहा लेकिन वह वार्ड से दूर थी। मृतक के भाई ज्ञानी की मानें तो मोतीलाल कहता था कि वह शीला के बिना जिंदा नहीं रह पाएगा। अंतिम समय में भी मोतीलाल शीला को बुलाता रहा लेकिन वह उसके पास बैठी तक नहीं। फिलहाल मोतीलाल की मौत को लेकर भाई जहां शीला पर आरोप लगा रहा था। वहीं शीला पति के खुदकुशी की बात कह रही थी।
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सांगीपुर थाना क्षेत्र के देऊम पूरब निवासी मोतीलाल (26) पुत्र गुरूदीन गौतम टेंपो चलाकर जीवन यापन करता था। उसकी पांच माह पहले पंजाब की रहने वाली शीला से विवाह हुआ था। शादी के बाद शीला ससुराल में रहने के बजाय लालगंज में किराए का कमरा लेकर रहने की जिद करने लगी। जिसके चलते मोतीलाल लालगंज कस्बे में किराए पर कमरा लेकर रहने लगा। सोमवार की रात दस बजे अचानक मोतीलाल की तबियत खराब हो गई। नाराज चल रही पत्नी शीला खबर मिलने पर कमरे पर पहुंची और उसे उपचार के लिए लालगंज सीएचसी ले गई। जहां डाक्टरों ने बताया कि मोतीलाल ने जहर खा लिया है। डाक्टरों ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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मोतीलाल के परिजनों को खबर देने के बाद शीला उसे लेकर जिला अस्पताल आई। इलाज के दौरान उसकी तबियत खराब देख डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। इलाहाबाद ले जाने के लिए परिजन बाहर निकले लेकिन उसकी सांसें थम गईं। यह देख परिजन रोने पीटने लगे। सूचन मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में मृतक के भाई ज्ञानी ने आरोप लगाया है कि शीला से विवाह करने के बाद उसका भाई मानसिक रूप से तनाव में था। उसे आशंका है कि कुछ दिनों पहले पत्नी शीला से उसका विवाद हुआ था। मोतीलाल शीला को अपने साथ रखना चाहता था लेकिन वह उसके साथ नहीं रहना चाहती थी। शक जताया कि शीला ने ही जहर देकर उसे मार डाला। दूसरी ओर शीला का कहना था कि विवाद के बाद वह अपनी बहन के घर पर रहती थी। मकान मालिक से सूचना मिलने के बाद वह पहुंची और उसे अस्पताल लेकर भागी। मोतीलाल ने खुद जहर खाने की बात सबके सामने कही। लालगंज कोतवाल ने बताया कि अभी उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। यदि कोई तहरीर देगा तो मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पंजाब की रहने वाली शीला की पहले शादी हो चुकी है। जिससे एक पांच साल का लड़का भी है। शीला के पहले पति ने उसे तलाक दे दिया। जिसके बाद वह नए रिश्ते की तलाश में थी। लालगंज कस्बे में शीला की बहन रहती है। यहां आने के बाद मोतीलाल के संपर्क में आ गई। दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली लेकिन कुछ ही दिनों बाद दोनों के बीच अनबन होने लगी। जिला अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा मोतीलाल शीला को अपने पास बुलाता रहा लेकिन वह वार्ड से दूर थी। मृतक के भाई ज्ञानी की मानें तो मोतीलाल कहता था कि वह शीला के बिना जिंदा नहीं रह पाएगा। अंतिम समय में भी मोतीलाल शीला को बुलाता रहा लेकिन वह उसके पास बैठी तक नहीं। फिलहाल मोतीलाल की मौत को लेकर भाई जहां शीला पर आरोप लगा रहा था। वहीं शीला पति के खुदकुशी की बात कह रही थी।