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होटल के रजिस्टर में नहीं हुई थी इंस्पेक्टर की इंट्री
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 24 Nov 2015 11:16 PM IST
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वैष्णवी होटल के रजिस्टर में कहीं भी इंस्पेक्टर की इंट्री नहीं हुई है। जबकि जांच के दौरान कमरा नंबर 101 में उनके रुकने की बात सामने आ चुकी है। मॉडल शाप में सुरक्षा के लिहाज से कोई व्यवस्था नहीं है। इंस्पेक्टर अनिल कुमार की 19 नवंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस का दावा है कि मॉडल शाप में शराब पीने के बाद बाइक को लेकर दो गुट के लोगों के बीच हुए विवाद और फायरिंग के दौरान इंस्पेक्टर को गोली लगी। जिससे उनकी मौत हो गई। खास बात यह है कि इंस्पेक्टर उसी दिन लखनऊ से आए थे। क्लब में रखा सामान भी अपने साथ समेटे और होटल वैष्णवी में जा पहुंचे।
वैसे तो होटल में रुकने के पहले ही सभी की रजिस्टर में इंट्री होती है, लेकिन कर्मचारियों की मानें तो इंस्पेक्टर भले ही कमरा नंबर 101 में रुके थे, लेकिन उनकी रजिस्टर में कोई इंट्री नहीं हुई थी। जबकि होटल के मैनेजर अमित सिंह का दावा था कि इंस्पेक्टर अनिल ने फोन कर रुकने की इच्छा जताई थी, लेकिन कमरे खाली नहीं थे। पहली बार मना कर दिया गया था। दूसरी बार इंस्पेक्टर को वह मना नहीं कर सके। 101 नंबर कमरा खाली होने के पहले ही इंस्पेक्टर आ चुके थे और वे कमरे में रुक गए। इसे लेकर पुलिस महकमे के साथ ही आम लोगों के बीच कयासबाजी का दौर चल रहा है। हर कोई इंस्पेक्टर अनिल के साथ हुई घटना को शक की निगाह से देख रहा है। क्योंकि जिस समय घटना हुई उस समय वे अपना कपड़ा उतारकर आराम से बैठे थे। लोगों का कहना है कि आम लोगों को बिना आईडी व फार्मेल्टी के कमरे में प्रवेश तक नहीं करने दिया जाता। इस सवाल का जवाब पुलिस अफसरोें के पास भी नहीं है।
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वैसे तो होटल में रुकने के पहले ही सभी की रजिस्टर में इंट्री होती है, लेकिन कर्मचारियों की मानें तो इंस्पेक्टर भले ही कमरा नंबर 101 में रुके थे, लेकिन उनकी रजिस्टर में कोई इंट्री नहीं हुई थी। जबकि होटल के मैनेजर अमित सिंह का दावा था कि इंस्पेक्टर अनिल ने फोन कर रुकने की इच्छा जताई थी, लेकिन कमरे खाली नहीं थे। पहली बार मना कर दिया गया था। दूसरी बार इंस्पेक्टर को वह मना नहीं कर सके। 101 नंबर कमरा खाली होने के पहले ही इंस्पेक्टर आ चुके थे और वे कमरे में रुक गए। इसे लेकर पुलिस महकमे के साथ ही आम लोगों के बीच कयासबाजी का दौर चल रहा है। हर कोई इंस्पेक्टर अनिल के साथ हुई घटना को शक की निगाह से देख रहा है। क्योंकि जिस समय घटना हुई उस समय वे अपना कपड़ा उतारकर आराम से बैठे थे। लोगों का कहना है कि आम लोगों को बिना आईडी व फार्मेल्टी के कमरे में प्रवेश तक नहीं करने दिया जाता। इस सवाल का जवाब पुलिस अफसरोें के पास भी नहीं है।
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