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जेल में बंदियों के दो गुटों में खूनी संघर्ष
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Tue, 05 May 2015 12:06 AM IST
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जिला कारागार में बंदियों के दो गुटोें के बीच सोमवार की सुबह वर्चस्व को लेकर चाय लेने के दौरान खूनी संघर्ष हो गया। इससे एक बंदी का हाथ टूटा गया, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। जेल पुलिस ने किसी तरह मारपीट करने वाले बंदियों पर काबू पाया। सूचना पर एडीएम पुनीत शुक्ला और एएसपी पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय ने दलबल के साथ जेल का निरीक्षण किया। अफसरों ने मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है।
जिला कारागार में बंदियों के बीच टकराव काफी दिनों से चल रहा है। सोमवार की सुबह बंदियों को गोल चक्कर के पास चाय व नाश्ता वितरित किया जा रहा था। इस दौरान बैरक नंबर एक के बंदी विकास पांडेय और राधेश्याम तिवारी चाय लेने के लिए पहुंचे। वहां पहले से ही दूसरे गुट के राजेश और बरकत खड़े थे। विकास के पहुंचते ही दोनों उस पर टूट पड़े। राधेश्याम उसे बचाने के लिए दौड़ा तो हमलावर बंदियों ने उसे भी पीटना शुरू कर दिया। विकास और राधेश्याम भी उनसे भिड़ गए। मारपीट होते देखकर दूसरे गुट के कई बंदी दौड़ पड़े और विकास और राधेश्याम की पिटाई कर दी।
मारपीट की खबर मिलने पर जेल अधीक्षक विजय सिंह, डिप्टी जेलर एके श्रीवास्तव बंदी रक्षकों के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बंदियों पर काबू पाया। सभी को बैरकों में निरुद्ध करने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली। जेल सूत्रों के मुताबिक, मारपीट में विकास पांडेय का जहां हाथ टूट गया वहीं राधेश्याम भी घायल हो गया। दूसरे गुट के बरकत और इरशाद उर्फ सतरंगी को भी चोटें आईं हैं। इधर घटना की सूचना मिलने पर दोपहर बाद अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला, एएसपी पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय, सीओ सिटी एमपी सलोनिया, शहर कोतवाल बलिराम मिश्र दलबल के साथ जेल पहुंचे। बैरकों में जाकर मारपीट करने वाले बंदियों से पूछताछ की गई। हालांकि कोई भी पुलिस को तहरीर देने के लिए राजी नहीं हुआ। एडीएम ने जेल अधीक्षक को मारपीट करने वाले बंदियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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जिला कारागार में बंदियों के बीच टकराव काफी दिनों से चल रहा है। सोमवार की सुबह बंदियों को गोल चक्कर के पास चाय व नाश्ता वितरित किया जा रहा था। इस दौरान बैरक नंबर एक के बंदी विकास पांडेय और राधेश्याम तिवारी चाय लेने के लिए पहुंचे। वहां पहले से ही दूसरे गुट के राजेश और बरकत खड़े थे। विकास के पहुंचते ही दोनों उस पर टूट पड़े। राधेश्याम उसे बचाने के लिए दौड़ा तो हमलावर बंदियों ने उसे भी पीटना शुरू कर दिया। विकास और राधेश्याम भी उनसे भिड़ गए। मारपीट होते देखकर दूसरे गुट के कई बंदी दौड़ पड़े और विकास और राधेश्याम की पिटाई कर दी।
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मारपीट की खबर मिलने पर जेल अधीक्षक विजय सिंह, डिप्टी जेलर एके श्रीवास्तव बंदी रक्षकों के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बंदियों पर काबू पाया। सभी को बैरकों में निरुद्ध करने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली। जेल सूत्रों के मुताबिक, मारपीट में विकास पांडेय का जहां हाथ टूट गया वहीं राधेश्याम भी घायल हो गया। दूसरे गुट के बरकत और इरशाद उर्फ सतरंगी को भी चोटें आईं हैं। इधर घटना की सूचना मिलने पर दोपहर बाद अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला, एएसपी पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय, सीओ सिटी एमपी सलोनिया, शहर कोतवाल बलिराम मिश्र दलबल के साथ जेल पहुंचे। बैरकों में जाकर मारपीट करने वाले बंदियों से पूछताछ की गई। हालांकि कोई भी पुलिस को तहरीर देने के लिए राजी नहीं हुआ। एडीएम ने जेल अधीक्षक को मारपीट करने वाले बंदियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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