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न्यायालय : बेटे की गवाही पर पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

Thu, 25 Aug 2022 01:01 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 25 Aug 2022 01:01 AM IST
सार

कमरे में पिता जब मां को पीट रहे थे तब उनके चिल्लाने पर मेरी नींद खुल गई। उस समय मां के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और पिता उनका गला दबा रहे थे। मैंने पूरी घटना देखी। मां की मौत के बाद पिता ने घर में ताला बंद कर दिया और मुझे बाहर लेटाकर भाग निकले।

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Court: Life imprisonment for wife's murder on son's testimony
अदालत - फोटो : file

विस्तार

अपर सत्र न्यायाधीश सीताराम ने तेरह साल के बेटे की गवाही के बाद पत्नी की हत्या के दोषी पट्टी इलाके के गड़ौरी खुर्द गांव निवासी राजेंद्र उर्फ मेड़ई गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस घटना का मुकदमा राजेंद्र के पिता रामलाल ने दर्ज कराया था। दोषी के पिता वादी मुकदमा रामलाल के अनुसार 11 अक्तूबर 2016 की रात उसके बेटे राजेंद्र उर्फ मेड़ई ने अपनी पत्नी कंचन गुप्ता की कमरे में गला दबाकर हत्या कर दी। इस मुकदमे में आरोपी का तेरह साल का बेटा ललित गवाह था। गवाही के दौरान उसने कोर्ट को बताया कि मां को पिता ने मारा था। 

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कमरे में पिता जब मां को पीट रहे थे तब उनके चिल्लाने पर मेरी नींद खुल गई। उस समय मां के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और पिता उनका गला दबा रहे थे। मैंने पूरी घटना देखी। मां की मौत के बाद पिता ने घर में ताला बंद कर दिया और मुझे बाहर लेटाकर भाग निकले। घटना के बाद आरोपी ने परिजनों के साथ ही पुलिस को गुमराह करते हुए बताया था कि अज्ञात लोगों ने उसकी पत्नी के साथ अप्रिय वारदात कर उसकी हत्या कर दी। कोर्ट ने बेटे की गवाही के बाद आरोपी को दोषी माना। इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी लोक अभियोजक देवेंद्र कुमार गुप्ता ने की।

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मां की मौत के बाद बहन के साथ ननिहाल में रहता है ललित 

पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के आरोप में दोषी राजेंद्र के खिलाफ गवाही देने वाला बेटा ललित मां की मौत के बाद से ही छोटी बहन लक्ष्मी के साथ ननिहाल प्रयागराज के ददौली गांव में रहता है। बच्चों के ननिहाल जाने के बाद राजेंद्र के पिता रामलाल गुप्ता अपने भाई रामबहादुर के साथ रहने लगे। दो साल पहले बीमारी के चलते रामलाल की मौत हो गई थी। ललित व उसकी बहन लक्ष्मी का पालन-पोषण ननिहाल के लोग ही कर रहे हैं।


इधर, राजेंद्र का बड़ा बेटा हीरालाल पिता के पक्ष में पैरवी कर रहा था। छोटे भाई-बहन के साथ उसकी नाराजगी है। हीरालाल मुंबई में पांच साल से रहकर प्राइवेट नौकरी कर रहा है। बुधवार को मां की हत्या के आरोप में पिता को आजीवन कारावास की सजा की जानकारी होने पर वह परेशान हो गया। वहीं हीरालाल के छोटे भाई ललित व बहन लक्ष्मी सहित मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।


जानलेवा हमले के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
अपर सत्र न्यायाधीश आलोक द्विवेदी की कोर्ट ने नगर कोतवाली इलाके के पुरानी आबकारी मोहल्ले के रहने वाले जानलेवा हमले के आरोपी अमन की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान एडीजीसी क्रिमिनल विक्रम सिंह ने बताया कि 15 मार्च 2022 को आरोपी ने सदरमोड़ के पास इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार से मारपीट कर जानलेवा हमला किया था। एडीजीसी की दलीलें सुनकर कोर्ट ने आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। संवाद

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