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CoronaVirus: रात में सीएमओ आफिस में घुसे कोरोना संदिग्ध, किया हंगामा
Fri, 03 Apr 2020 11:51 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 03 Apr 2020 11:51 PM IST
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आइसोलेशन वार्ड
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखे गए कोरोना संदिग्धों ने घर जाने के लिए गुरुवार रात जमकर हंगामा किया। सीएमओ आफिस का गेट पकड़कर शोर मचाते रहे। घर भेजने के लिए कहते रहे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने उनकी एक भी नहीं सुनी।
वह खाना-पानी न देने का भी आरोप लगा रहे थे। उधर, शुक्रवार दोपहर तीन लोगों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और कर्मचारियों में खलबली मच गई। आफिस छोड़कर ज्यादातर कर्मचारी और अफसर बाहर निकल लिए।
जिला अस्पताल पसिर में आई वार्ड के पास सीएमएस डॉक्टर पीपी पांडेय ने आइसोलेशन वार्ड का निर्माण कराया था। कम बेड देखकर उन्होंने सीएमओ आफिस के बगल स्थित बर्न यूनिट वार्ड में कोरोना के संदिग्ध मरीजों को रखवा दिया।
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इनमें तीन थरिया रानीगंज के रहने वाले तो दो जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग कराने वालों को रखा गया था। गुरुवार को रानीगंज के नरसिंगगढ़ मस्जिद में मिले तब्लीगी जमात से जुडे़ 11 लोगों को भी यहीं भर्ती करा दिया गया।
सीएमओ ने सभी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया। जांच में तीन लोगों में कोरोना की पुष्टी हुई। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। आइसोलेशन वार्ड के बगल स्थित सीएमओ आफिस के कर्मचारी डर गए।
वे अपना चैंबर छोड़कर भागने लगे। दोपहर बाद गिने-चुने अफसर और कर्मचारी ही अपने चैंबर में मिले। बाकी लोग ड्यूटी छोड़कर अस्पताल परिसर में भ्रमण कर रहे थे। सीएमओ आफिस के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि गुरुवार रात संदिग्ध मरीज हंगामा करते हुए सीएमओ आफिस में प्रवेश कर गए थे। फटकार कर भगाया गया तो वे गेट पर हंगामा करने लगे।
भोजन और पानी की व्यवस्था वार्ड में की गई है। स्वास्थ्य कर्मचारी सुबह नाश्ता और दोपहर व रात में खाना लेकर जाते हैं। आइसोलेशन वार्ड में रखे गए लोगों से मिलने तमाम लोग आते हैं। विरोध करने पर वे हंगामा करने लगते हैं। कोरोना वायरस के मरीजों को ट्रामासेंटर भेजवाने की तैयारी की जा रही है।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
वह खाना-पानी न देने का भी आरोप लगा रहे थे। उधर, शुक्रवार दोपहर तीन लोगों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और कर्मचारियों में खलबली मच गई। आफिस छोड़कर ज्यादातर कर्मचारी और अफसर बाहर निकल लिए।
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जिला अस्पताल पसिर में आई वार्ड के पास सीएमएस डॉक्टर पीपी पांडेय ने आइसोलेशन वार्ड का निर्माण कराया था। कम बेड देखकर उन्होंने सीएमओ आफिस के बगल स्थित बर्न यूनिट वार्ड में कोरोना के संदिग्ध मरीजों को रखवा दिया।
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इनमें तीन थरिया रानीगंज के रहने वाले तो दो जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग कराने वालों को रखा गया था। गुरुवार को रानीगंज के नरसिंगगढ़ मस्जिद में मिले तब्लीगी जमात से जुडे़ 11 लोगों को भी यहीं भर्ती करा दिया गया।
सीएमओ ने सभी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया। जांच में तीन लोगों में कोरोना की पुष्टी हुई। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। आइसोलेशन वार्ड के बगल स्थित सीएमओ आफिस के कर्मचारी डर गए।
वे अपना चैंबर छोड़कर भागने लगे। दोपहर बाद गिने-चुने अफसर और कर्मचारी ही अपने चैंबर में मिले। बाकी लोग ड्यूटी छोड़कर अस्पताल परिसर में भ्रमण कर रहे थे। सीएमओ आफिस के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि गुरुवार रात संदिग्ध मरीज हंगामा करते हुए सीएमओ आफिस में प्रवेश कर गए थे। फटकार कर भगाया गया तो वे गेट पर हंगामा करने लगे।
आइसोलेशन वार्ड में नहीं है पानी की सप्लाई
जिला अस्पताल के बर्न यूनिट को आइसोलेशन वार्ड तो बना दिया गया है, मगर यहां पानी की सप्लाई तक नहीं है। पानी के बहाने संदिग्ध मरीज सीएमओ आफिस और जिला अस्पताल परिसर में भ्रमण कर रहे थे। इतना ही नहीं उनके परिवार या फिर जानने वाले लोग खाना देने के लिए सीधे वार्ड तक जाते थे। खाना खिलाने के बाद लौट जाते थे।गेट पर नहीं तैनात किए गए चौकीदार और सिपाही
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना के संदिग्धों को वार्ड से बाहर निकलने से रोकने के लिए न तो चौकीदार की तैनाती की गई है और न ही सिपाही की। जबकि जिला अस्पताल में ही पुलिस चौकी है। तीन मरीजों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद एक चौकीदार की तैनाती की गई, लेकिन उसे सैनिटाइजर और ग्लब्स तक नहीं दिया गया था।भोजन और पानी की व्यवस्था वार्ड में की गई है। स्वास्थ्य कर्मचारी सुबह नाश्ता और दोपहर व रात में खाना लेकर जाते हैं। आइसोलेशन वार्ड में रखे गए लोगों से मिलने तमाम लोग आते हैं। विरोध करने पर वे हंगामा करने लगते हैं। कोरोना वायरस के मरीजों को ट्रामासेंटर भेजवाने की तैयारी की जा रही है।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।