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22 को जिले में चलेगा कोरोना टीकाकरण का महाअभियान
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Corona vaccination campaign will run in the district on 22
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कोरोना महामारी को हराने के लिए जिले में दूसरी बार टीकाकरण 22 जनवरी को होगा। जिले में टीकाकरण का महाअभियान चलाया जाएगा। 19 सौ हेल्थ वर्करों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। इस बार जिला अस्पताल और सुखपाल नगर के साथ सभी ब्लाक स्तरीय सीएचसी को कोरोना टीकाकरण बूथ बनाया जाएगा।
शासन के आदेश पर शनिवार को पहले टीकाकरण के दिन जिला महिला अस्पताल, कुंडा और रानीगंज सीएचसी को बूथ बनाया गया था। पहली बार प्रति बूथ पर सौ-सौ हेल्थ वर्करों को टीका लगाने के लिए बुलाया गया था। प्रधानमंत्री के लाइव प्रसारण के बाद 11 बजे से कोरोना टीकाकरण का शुभारंभ हुुुआ। तीन केंद्रों पर 300 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया जाना था, लेकिन आधे से अधिक लोग नहीं आए। 146 हेल्थ वर्करों ने ही बूथ पर पहुंचकर टीका लगवाया था। अब शासन ने 22 जनवरी को कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग को हरी झंडी दी है। इस बार तीन की जगह 19 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और सुखपालनगर पीएचसी के साथ ब्लाक स्तरीय 16 सीएचसी को बूथ बनाया जाएगा।
हर टीकाकरण स्थल पर सौ-सौ हेल्थ वर्करों को बुलाकर टीका लगवाने के लिए कहा गया है। हालांकि किन-किन स्वास्थ्य कर्मचारियों को 22 जनवरी को टीका लगना है, इसकी लिस्ट पोर्टल पर अभी अपलोड नहीं हुई है। शासन की ओर से आए आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण की तैयारियों में जुट गया है। सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार सभी ब्लाकों के एक-एक अस्पताल में कोरोना टीकाकरण बूथ बनाया जाएगा। जिससे हेल्थ वर्करों को टीका लग जाए। इसके बाद दूसरे चरण के लोगों को टीका लगाने के लिए शासन से अनुमति मांगी जाएगी।
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नहीं चलेगा बहाना, हार हाल में बूथ पर होगा आना
सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को ज्यादातर हेल्थवर्कर बहाना ढूंढकर टीका लगवाने के लिए बूथ पर नहीं आए। 22 जनवरी को होने वाले टीकाकरण में किसी प्रकार का बहाना नहीं चलेगा। बहाना बताकर गायब होने वाले और टीका न लगवाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस भेजकर उन्हें घर से अस्पताल लाया जाएगा। उन्होंने सभी हेल्थ वर्करों से अपील की है कि 22 जनवरी को समय से बूथ पर पहुंच जाएं। टीका जरूर लगवा लें। जिससे कोरोना पर काबू पाया जा सके।
पुलिस की निगरानी में तीनों बूथों पर रखी है वैक्सीन
शनिवार को जिला महिला अस्पताल, रानीगंज और कुंडा सीएचसी में कोरोना का टीकाकरण हुआ। तीनों सेंटर पर सौ-सौ डोज वैक्सीन सीएमओ खुद सुरक्षा कर्मियों के साथ पहुंचाने गए थे। महिला अस्पताल में 100 के बजाय महज 47 हेेल्थ वर्कर टीका लगवाने आए। इससे 53 लोगों की वैक्सीन की खुराक बची रह गई। रानीगंज में 100 की जगह महज 56 हेल्थ वर्करों ने कोरोना का टीका लगवाया। यहां 44 डोज बच गई। कुंडा में महज 43 लोगों ने टीका लगवाया था। 57 हेल्थ वर्करों की डोज बच गई थी। सीएमओ ने बताया कि बची हुई डोज को सुरक्षित अस्पताल में रखवा दिया गया है। वैक्सीन की निगरानी के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। कोल्डचेन के मेन गेट को सील कर दिया गया है।
यहां बनेंगे नए बूथ
कोरोना टीकाकरण के लिए इस बार जिला अस्पताल, सुखपालनगर, पट्टी, कोहड़ौर, संडवाचंद्रिका, गौरा, बेलखरनाथ, लक्ष्मणपुर, मानधाता, सांगीपुर, लालगंज, बाबागंज, कालाकांकर समेत जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सुखपालनगर पीएचसी को बूथ बनाया जाएगा।
गंभीर रोगियों और गर्भवती हेल्थ वर्कर को अभी नहीं लगेगा टीका
सहायक प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि शासन की ओर से आई गाइड लाइन के मुताबिक हेल्थ वर्कर यदि बीमार चल रहा है। लंबे समय से उसका इलाज चल रहा है या फिर ऐसी महिला हेल्थ वर्कर जो गर्भवती है अथवा कुछ ही दिनों पहले उनका प्रसव हुआ है। ऐेसे लोगों को अभी कोरोना का टीका नहीं लगाया जाएगा। शासन की ओर से आदेश मिलने के बाद ही इनका टीकाकरण होगा। इनको घबराने की जरूरत नहीं है। इनकी वैक्सीन सुरक्षित रखी रहेगी।
जिले में कोरोना टीकाकरण का महाअभियान 22 जनवरी को होगा। इस बार 19 बूूथ जिले में बनाए जाएंगे। जिला अस्पताल के साथ सुखपालनगर को भी शामिल किया गया है। सभी ब्लाक स्तरीय सीएचसी में बूथ बनाए जाएंगे। बूथ पर हेल्थ वर्करों को कोरोना को मात देने वाला टीका लगाया जाएगा।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ।पहले दिन टीका लगवाने वाले सभी हेल्थवर्कर पूरी तरह स्वस्थ
नहीं है कोई दिक्कत, साथियों से की टीका लगवाने की अपील
शनिवार को पहले दिन कोरोना का टीका लगवाने वाले हेल्थ वर्कर पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। उन्होंने साथियों से टीका लगवाने की अपील की है। उनका कहना है कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।
कोरोना के टीकाकरण को लेकर कुछ हेल्थ वर्कर सहमे हुए हैं। यही कारण है कि पहले दिन लिस्ट में नाम होने के बावजूद वे टीका लगवाने के लिए बूथों तक नहीं पहुंचे। देर शाम तक सीएमओ आफिस के अफसर और कर्मचारी फोन कर बुलाते रहे, मगर वे कुछ न कुछ बहाना बनाकर फोन काट दे रहे थे। उधर, कोरोना का टीका लगवाने वाले सभी कर्मचारी पूरी तरह स्वस्थ हैं।
उनका कहना है कि कोरोना का टीका लगवाने से किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। जिला अस्पताल के डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि मेरा नाम पहले दिन की लिस्ट में था। बगैर किसी से कुछ पूछे बूथ पर जाकर मैंने टीका लगवाया। यह टीका नवजात बच्चों को लगने वाले खसरा और टीबी सहित अन्य बीमारियों से बचाव वाले जैसे टीके की तरह ही है। उन्होंने साथ काम करने वाले सभी हेल्थ वर्करों से अपील की है कि वे 22 जनवरी को बूथ पर जाकर टीका लगवाएं। इससे किसी प्रकार नुकसान नहीं होगा।
महिला अस्पताल की डॉ. पारुल सक्सेना ने बताया कि मैं टीका लगने के पहले भी पूरी तरह से स्वस्थ थी और उसके बाद भी। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। उन्होंने भी विभाग के सभी कर्मचारियों से कोरोना का टीका लगवाने की अपील की है। जिला अस्पताल के डॉ. राजीव त्रिपाठी, फार्मासिस्ट राकेश यादव, महिला अस्पताल की नर्स वंदना, जिला अस्पताल की नर्स रूबी, जेपी यादव, रानीगंज के स्वीपर अनीस ने भी सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों से अपील की है कि वे 22 जनवरी को समय से बूथ पर पहुंचकर कोरोना का टीका लगवाएं। इससे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है।
सिर्फ टीकाकरण के लिए खुलता है रसोइया गांव का एएनएम सेंटर
विकासखंड बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र में दर्जन भर से अधिक एएनएम सेंटर हैं। कुछ को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर सेंटर पर एएनएम नहीं रहती हैं। महज टीकाकरण के दौरान ही सेंटर खुलते हैं। इससे गर्भवती महिलाओं के साथ प्रसव पीड़िताओं को परेशान होना पड़ता है।
बाबा बेलखरनाथधाम क्षेत्र के रसोइयां गांव में एएनएम सेंटर टीकाकरण के दौरान खुलता है। अन्य दिनों में दिन में भी ताला लटकता रहता है। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सेंटर पर तैनात संध्या शुक्ला मुख्यालय पर रहती हैं। कभी-कभार वह सेंटर पर आकर सिर्फ खानापूर्ति कर लौट जाती हैं। गांव के पूर्व प्रधान बबलू सिंह, बृजेश मौर्य, बाबूलाल मौर्य, जय कुमार मिश्रा, जीतलाल विश्वकर्मा, विवेक सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, विजय पाल सिंह, रामअचल वर्मा आदि ने एएनएम सेंटर पूर्ण रूप से संचालित कराए जाने की मांग की है।
56 पीएचसी में आयोजित किया गया स्वास्थ्य मेला
जिले के 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। मेला में आए 4856 मरीजों का चिकित्सकों ने इलाज किया।
शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को जिले के 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन किया। मेले में 4856 मरीज पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने ब्लड प्रेशर, शुगर जांचने के साथ मरीजों का इलाज किया।
मेले में एलोपैथ, होम्योपैथ और आयुर्वेद के चिकित्सक व उनके समस्त स्टाफ मौजूद रहे। मेले में आने वाले सभी मरीजों को सरकार की ओर से संचालित आयुष्मान भारत, मातृत्व वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही थी। आयुष्मान के लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड भी निर्गत किया जा रहा था। सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने कटरागुलाब सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। डिप्टी सीएमओ एसके सिंह ने दीवानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का फीता काटकर शुभारंभ किया।
आयुर्वेद चिकित्सकों के पास पहुंच रहे मरीज
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में एलोपैथ से ज्यादा आयुर्वेद चिकित्सकों के पास मरीज जा रहे हैं। जांच करवाकर उनसे इलाज करवा रहे हैं।
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शासन के आदेश पर शनिवार को पहले टीकाकरण के दिन जिला महिला अस्पताल, कुंडा और रानीगंज सीएचसी को बूथ बनाया गया था। पहली बार प्रति बूथ पर सौ-सौ हेल्थ वर्करों को टीका लगाने के लिए बुलाया गया था। प्रधानमंत्री के लाइव प्रसारण के बाद 11 बजे से कोरोना टीकाकरण का शुभारंभ हुुुआ। तीन केंद्रों पर 300 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया जाना था, लेकिन आधे से अधिक लोग नहीं आए। 146 हेल्थ वर्करों ने ही बूथ पर पहुंचकर टीका लगवाया था। अब शासन ने 22 जनवरी को कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग को हरी झंडी दी है। इस बार तीन की जगह 19 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और सुखपालनगर पीएचसी के साथ ब्लाक स्तरीय 16 सीएचसी को बूथ बनाया जाएगा।
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हर टीकाकरण स्थल पर सौ-सौ हेल्थ वर्करों को बुलाकर टीका लगवाने के लिए कहा गया है। हालांकि किन-किन स्वास्थ्य कर्मचारियों को 22 जनवरी को टीका लगना है, इसकी लिस्ट पोर्टल पर अभी अपलोड नहीं हुई है। शासन की ओर से आए आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण की तैयारियों में जुट गया है। सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार सभी ब्लाकों के एक-एक अस्पताल में कोरोना टीकाकरण बूथ बनाया जाएगा। जिससे हेल्थ वर्करों को टीका लग जाए। इसके बाद दूसरे चरण के लोगों को टीका लगाने के लिए शासन से अनुमति मांगी जाएगी।
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नहीं चलेगा बहाना, हार हाल में बूथ पर होगा आना
सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को ज्यादातर हेल्थवर्कर बहाना ढूंढकर टीका लगवाने के लिए बूथ पर नहीं आए। 22 जनवरी को होने वाले टीकाकरण में किसी प्रकार का बहाना नहीं चलेगा। बहाना बताकर गायब होने वाले और टीका न लगवाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस भेजकर उन्हें घर से अस्पताल लाया जाएगा। उन्होंने सभी हेल्थ वर्करों से अपील की है कि 22 जनवरी को समय से बूथ पर पहुंच जाएं। टीका जरूर लगवा लें। जिससे कोरोना पर काबू पाया जा सके।
पुलिस की निगरानी में तीनों बूथों पर रखी है वैक्सीन
शनिवार को जिला महिला अस्पताल, रानीगंज और कुंडा सीएचसी में कोरोना का टीकाकरण हुआ। तीनों सेंटर पर सौ-सौ डोज वैक्सीन सीएमओ खुद सुरक्षा कर्मियों के साथ पहुंचाने गए थे। महिला अस्पताल में 100 के बजाय महज 47 हेेल्थ वर्कर टीका लगवाने आए। इससे 53 लोगों की वैक्सीन की खुराक बची रह गई। रानीगंज में 100 की जगह महज 56 हेल्थ वर्करों ने कोरोना का टीका लगवाया। यहां 44 डोज बच गई। कुंडा में महज 43 लोगों ने टीका लगवाया था। 57 हेल्थ वर्करों की डोज बच गई थी। सीएमओ ने बताया कि बची हुई डोज को सुरक्षित अस्पताल में रखवा दिया गया है। वैक्सीन की निगरानी के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। कोल्डचेन के मेन गेट को सील कर दिया गया है।
यहां बनेंगे नए बूथ
कोरोना टीकाकरण के लिए इस बार जिला अस्पताल, सुखपालनगर, पट्टी, कोहड़ौर, संडवाचंद्रिका, गौरा, बेलखरनाथ, लक्ष्मणपुर, मानधाता, सांगीपुर, लालगंज, बाबागंज, कालाकांकर समेत जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सुखपालनगर पीएचसी को बूथ बनाया जाएगा।
गंभीर रोगियों और गर्भवती हेल्थ वर्कर को अभी नहीं लगेगा टीका
सहायक प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि शासन की ओर से आई गाइड लाइन के मुताबिक हेल्थ वर्कर यदि बीमार चल रहा है। लंबे समय से उसका इलाज चल रहा है या फिर ऐसी महिला हेल्थ वर्कर जो गर्भवती है अथवा कुछ ही दिनों पहले उनका प्रसव हुआ है। ऐेसे लोगों को अभी कोरोना का टीका नहीं लगाया जाएगा। शासन की ओर से आदेश मिलने के बाद ही इनका टीकाकरण होगा। इनको घबराने की जरूरत नहीं है। इनकी वैक्सीन सुरक्षित रखी रहेगी।
जिले में कोरोना टीकाकरण का महाअभियान 22 जनवरी को होगा। इस बार 19 बूूथ जिले में बनाए जाएंगे। जिला अस्पताल के साथ सुखपालनगर को भी शामिल किया गया है। सभी ब्लाक स्तरीय सीएचसी में बूथ बनाए जाएंगे। बूथ पर हेल्थ वर्करों को कोरोना को मात देने वाला टीका लगाया जाएगा।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ।पहले दिन टीका लगवाने वाले सभी हेल्थवर्कर पूरी तरह स्वस्थ
नहीं है कोई दिक्कत, साथियों से की टीका लगवाने की अपील
शनिवार को पहले दिन कोरोना का टीका लगवाने वाले हेल्थ वर्कर पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। उन्होंने साथियों से टीका लगवाने की अपील की है। उनका कहना है कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।
कोरोना के टीकाकरण को लेकर कुछ हेल्थ वर्कर सहमे हुए हैं। यही कारण है कि पहले दिन लिस्ट में नाम होने के बावजूद वे टीका लगवाने के लिए बूथों तक नहीं पहुंचे। देर शाम तक सीएमओ आफिस के अफसर और कर्मचारी फोन कर बुलाते रहे, मगर वे कुछ न कुछ बहाना बनाकर फोन काट दे रहे थे। उधर, कोरोना का टीका लगवाने वाले सभी कर्मचारी पूरी तरह स्वस्थ हैं।
उनका कहना है कि कोरोना का टीका लगवाने से किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। जिला अस्पताल के डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि मेरा नाम पहले दिन की लिस्ट में था। बगैर किसी से कुछ पूछे बूथ पर जाकर मैंने टीका लगवाया। यह टीका नवजात बच्चों को लगने वाले खसरा और टीबी सहित अन्य बीमारियों से बचाव वाले जैसे टीके की तरह ही है। उन्होंने साथ काम करने वाले सभी हेल्थ वर्करों से अपील की है कि वे 22 जनवरी को बूथ पर जाकर टीका लगवाएं। इससे किसी प्रकार नुकसान नहीं होगा।
महिला अस्पताल की डॉ. पारुल सक्सेना ने बताया कि मैं टीका लगने के पहले भी पूरी तरह से स्वस्थ थी और उसके बाद भी। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। उन्होंने भी विभाग के सभी कर्मचारियों से कोरोना का टीका लगवाने की अपील की है। जिला अस्पताल के डॉ. राजीव त्रिपाठी, फार्मासिस्ट राकेश यादव, महिला अस्पताल की नर्स वंदना, जिला अस्पताल की नर्स रूबी, जेपी यादव, रानीगंज के स्वीपर अनीस ने भी सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों से अपील की है कि वे 22 जनवरी को समय से बूथ पर पहुंचकर कोरोना का टीका लगवाएं। इससे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है।
सिर्फ टीकाकरण के लिए खुलता है रसोइया गांव का एएनएम सेंटर
विकासखंड बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र में दर्जन भर से अधिक एएनएम सेंटर हैं। कुछ को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर सेंटर पर एएनएम नहीं रहती हैं। महज टीकाकरण के दौरान ही सेंटर खुलते हैं। इससे गर्भवती महिलाओं के साथ प्रसव पीड़िताओं को परेशान होना पड़ता है।
बाबा बेलखरनाथधाम क्षेत्र के रसोइयां गांव में एएनएम सेंटर टीकाकरण के दौरान खुलता है। अन्य दिनों में दिन में भी ताला लटकता रहता है। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सेंटर पर तैनात संध्या शुक्ला मुख्यालय पर रहती हैं। कभी-कभार वह सेंटर पर आकर सिर्फ खानापूर्ति कर लौट जाती हैं। गांव के पूर्व प्रधान बबलू सिंह, बृजेश मौर्य, बाबूलाल मौर्य, जय कुमार मिश्रा, जीतलाल विश्वकर्मा, विवेक सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, विजय पाल सिंह, रामअचल वर्मा आदि ने एएनएम सेंटर पूर्ण रूप से संचालित कराए जाने की मांग की है।
56 पीएचसी में आयोजित किया गया स्वास्थ्य मेला
जिले के 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। मेला में आए 4856 मरीजों का चिकित्सकों ने इलाज किया।
शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को जिले के 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन किया। मेले में 4856 मरीज पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने ब्लड प्रेशर, शुगर जांचने के साथ मरीजों का इलाज किया।
मेले में एलोपैथ, होम्योपैथ और आयुर्वेद के चिकित्सक व उनके समस्त स्टाफ मौजूद रहे। मेले में आने वाले सभी मरीजों को सरकार की ओर से संचालित आयुष्मान भारत, मातृत्व वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही थी। आयुष्मान के लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड भी निर्गत किया जा रहा था। सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने कटरागुलाब सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। डिप्टी सीएमओ एसके सिंह ने दीवानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का फीता काटकर शुभारंभ किया।
आयुर्वेद चिकित्सकों के पास पहुंच रहे मरीज
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में एलोपैथ से ज्यादा आयुर्वेद चिकित्सकों के पास मरीज जा रहे हैं। जांच करवाकर उनसे इलाज करवा रहे हैं।