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यूरिया को समितियों पर उमड़ी भीड़, निराशा
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Thu, 08 Jan 2015 01:09 AM IST
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कुंडा/मानिकपुर। समितियों पर किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। हर दिन चक्कर काटने के बाद भी उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। इसके चलते किसानों के सामने भारी समस्या खड़ी हो गई है। बुधवार को समितियों का यह हाल रहा कि सैकड़ों लोगों को बिना खाद के ही लौटना पड़ा।
पहली जनवरी को हुई बरसात से ही गेहूं की फसलों की सिंचाई हो गई। इसके बाद इसे खाद की जरूरत है। ऐसे में किसानों ने सहकारी समितियों की तरफ रुख किया। एक दिन तो जो खाद थी वह मिली लेकिन इसके बाद समितियों पर खाद का अकाल हो गया। समिति पर पहुंचने वाले किसानों को बिना खाद के ही लौटाया जाने लगा। केंद्रीय उपभोक्ता भंडार, सहकारी समिति कुंडा, ताजपुर, इटौरा, अहिबरनपुर, किलहनापुर, जमेठी, बहोरिकपुर मौली, बेती आदि समितियों पर लोगों को खाद मिल रही है। कुछ समितियों पर सदस्यों को सीमित खाद दी जा रही है वह भी चोरी से। जब भी भीड़ रहती है लोगों के डर से उन्हें भी खाद नहीं मिल पाती है।
इसके चलते किसानों को हर दिन निराश लौटना पड़ रहा है। खेतों में इस समय खाद की बेहद जरूरत है। इसके लिए निराश किसानों को दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे क्षेत्रीय लोगों में खासा आक्रोश है। उधर मानिकपुर के भड़चक, लाटतारा, बभनपुर, मानिकपुर, मिरगड़वा के उपभोक्ता केंद्र से खाद गायब है। लाटतारा समिति पर 600 बोरी खाद उतारी गई। मौके पर जुटे किसानों को समिति के एक सदस्य को एक बोरी खाद देने की बात कही। इस पर तमाम किसान निराश लौट गए।
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पहली जनवरी को हुई बरसात से ही गेहूं की फसलों की सिंचाई हो गई। इसके बाद इसे खाद की जरूरत है। ऐसे में किसानों ने सहकारी समितियों की तरफ रुख किया। एक दिन तो जो खाद थी वह मिली लेकिन इसके बाद समितियों पर खाद का अकाल हो गया। समिति पर पहुंचने वाले किसानों को बिना खाद के ही लौटाया जाने लगा। केंद्रीय उपभोक्ता भंडार, सहकारी समिति कुंडा, ताजपुर, इटौरा, अहिबरनपुर, किलहनापुर, जमेठी, बहोरिकपुर मौली, बेती आदि समितियों पर लोगों को खाद मिल रही है। कुछ समितियों पर सदस्यों को सीमित खाद दी जा रही है वह भी चोरी से। जब भी भीड़ रहती है लोगों के डर से उन्हें भी खाद नहीं मिल पाती है।
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इसके चलते किसानों को हर दिन निराश लौटना पड़ रहा है। खेतों में इस समय खाद की बेहद जरूरत है। इसके लिए निराश किसानों को दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे क्षेत्रीय लोगों में खासा आक्रोश है। उधर मानिकपुर के भड़चक, लाटतारा, बभनपुर, मानिकपुर, मिरगड़वा के उपभोक्ता केंद्र से खाद गायब है। लाटतारा समिति पर 600 बोरी खाद उतारी गई। मौके पर जुटे किसानों को समिति के एक सदस्य को एक बोरी खाद देने की बात कही। इस पर तमाम किसान निराश लौट गए।
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