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राज्य विवि : छात्राओं की संख्या अधिक होने पर स्वकेंद्र होगी परीक्षा, नए नियम से मिलेगी सहूलियत

Sat, 27 Aug 2022 01:00 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: इलाहाबाद ब्यूरो Updated Sat, 27 Aug 2022 01:00 AM IST
सार

इस बार इन पाठ्यक्रमों के परीक्षार्थियों के लिए भी स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली लागू कर दी गई है। अभी तक स्नातक व्यवसायिक और परास्नातक की परीक्षा स्वकेंद्र नहीं होती थी। इस बार जिन कॉलेजों में छात्राओं की संख्या 100 से अधिक थी, उन्हें स्वकेंद्र बना दिया गया है।

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Colleges will become examination centers if there are more than 100 girl students
Prayagraj News : राज्य विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बीएड, एलएलबी, बीएससी एग्रीकल्चर और परास्नातक विषयों में छात्राओं की संख्या 100 से अधिक होने पर स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली लागू होगी। प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विवि ने इसी सत्र से यह नियम लागू कर दिया है। इससे छात्राओं को काफी राहत मिलेगी। राज्य रामविश्वविद्यालय द्वारा स्नातक की परीक्षाओं के लिए पहले से ही स्वकेंद्र प्रणाली लागू है। इस बार परास्नातक और व्यवसायिक स्नातक पाठ्यक्रम की परीक्षाएं 22 अगस्त से शुरू हुई हैं। जिसमें बीएड, एलएलबी, बीएससी एग्रीकल्चर सहित अन्य पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं चल रही हैं।

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इस बार इन पाठ्यक्रमों के परीक्षार्थियों के लिए भी स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली लागू कर दी गई है। अभी तक स्नातक व्यवसायिक और परास्नातक की परीक्षा स्वकेंद्र नहीं होती थी। इस बार जिन कॉलेजों में छात्राओं की संख्या 100 से अधिक थी, उन्हें स्वकेंद्र बना दिया गया है। 100 से अधिक छात्राओं की संख्या वाले स्ववित्तपोषित कॉलेजों को भी स्वकेंद्र बनाया गया है। जिले में कुल 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें 21 कॉलेज स्ववित्तपोषित हैं।

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स्वकेंद्र न होने से होती थी दिक्कत
पहले स्नातक व्यवसायिक और परास्नातक की परीक्षा के लिए 10 से 15 किमी दूर परीक्षा केंद्र बनाए जाते थे। एलएलबी की छात्रा आकांक्षा जायसवाल, बीएड की मंजू त्रिपाठी, बीएससी एजी की बिंदु सिंह का कहना है कि स्वकेंद्र होने से आवागमन का समय बचेगा। परीक्षा केंद्र दूर होने पर अभिभावकों को भी परेशानी झेलनी पड़ती थी। वहीं छात्र राघवेंद्र पांडेय, अश्वनी पाल, जगन्नाथ शर्मा का कहना है कि भले ही परीक्षा केंद्र का निर्धारण छात्राओं की संख्या के आधार पर किया गया है, लेकिन छात्रों को भी स्वकेंद्र परीक्षा का लाभ मिला है।

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जिन कॉलेजों में स्नातक व्यवसायिक और परास्नातक पाठ्यक्रम में छात्राओं की संख्या सौ से अधिक होगी, उन कॉलेजों को स्वकेंद्र बनाया जाएगा। कम छात्राओं की संख्या वाले कॉलेजों का परीक्षा केंद्र दूसरे कॉलेज को बनाया जाएगा। -डॉ. अखिलेश सिंह, कुलपति, राज्य विवि

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