प्रतापगढ़ : एमएलसी गोपालजी के राजनीतिक भविष्य पर संकट के बादल, जानें क्या है मामला
एमएलसी चुनाव के ऐन वक्त पर एफटीसी कोर्ट ने फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह को दोषी करार दिया है। इससे उनकी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक में खलबली मची है।
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निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी के राजनीतिक भविष्य का फैसला मंगलवार को होगा। धोखाधड़ी के मामले में अगर अक्षय प्रताप को दो वर्ष से अधिक की सजा होती है, तो वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। अगर सजा दो वर्ष से कम होती है, तो वह चुनाव लड़ सकते हैं। एफटीसी कोर्ट ने उन्हें साढ़े दस बजे पेश होने का निर्देश दिया है।
एमएलसी चुनाव के ऐन वक्त पर एफटीसी कोर्ट ने फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह को दोषी करार दिया है। इससे उनकी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक में खलबली मची है।
सपा से सांसद भी रह चुके हैं गोपालजी
वर्ष 2004 से 2009 तक गोपालजी जिले के सांसद भी रहे। ग्राम प्रधानों, बीडीसी सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों के बीच गहरी पैठ रखने वाले निवर्तमान एमएलसी इस बार भी प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। कोर्ट के फैसले से न सिर्फ अक्षय प्रताप सिंह बल्कि उनके समर्थकों को बड़ा झटका लगा है। अब सबकी नजरें मंगलवार को आने वाले कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। मंगलवार को एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों के पर्चों की जांच होगी और उसी दिन एफटीसी कोर्ट का फैसला भी आएगा।
डीजीसी क्रिमिनल योगेश शर्मा के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को दो साल या इससे अधिक की सजा होती है, तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो जाता है। अगर सजा की अवधि इससे कम होती है, तो वह चुनाव लड़ सकता है। फिलहाल जिला प्रशासन की नजरें भी कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं। कोर्ट का फैसला आने पर ही निवर्तमान एमएलसी की उम्मीदवारी पर फैसला लिया जाएगा।