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लिपिक निलंबित, बीडीओ के निलंबन को शासन को भेजा पत्र
Fri, 04 Jan 2019 12:37 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 04 Jan 2019 12:37 AM IST
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भारतीय करंसी
जिले के शिवगढ़ और गौरा ब्लाकों में 30.87 लाख रुपये के घपले में आरोपी वरिष्ठ लिपिक उमेश पांडेय को निलंबित कर दिया गया है, जबकि गौरा ब्लाक में तैनात लेखाकार भोलानाथ के निलंबन के लिए निदेशक को पत्र लिखा गया है। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विकास शुक्ला के निलंबन के लिए शासन को पत्र पहले ही भेजा जा चुका है।
जिले के गौरा और शिवगढ़ ब्लाकों में 294 शौचालयों के निर्माण के लिए मिले 30.87 लाख रुपये का बंदरबांट करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसने लगा है। बीडीओ विकास शुक्ला को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया हैञ वहीं शिवगढ़ ब्लाक में लेखाकार बनकर डोगल लगाने वाले वरिष्ठ लिपिक उमेश पांडेय को निलंबित कर दिया गया है।
गौरा में तैनात लेखाकार भोलानाथ पर निलंबित करने के लिए निदेशक को पत्र लिखा गया है। प्रभारी सीडीओ और डीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि एफआईआर होने के बाद निलंबन निश्चित होता है। अगर निलंबन की कार्रवाई नहीं होती है तो कार्रवाई अधूरी रह जाती है। विभागीय जांच में बीडीओ विकास शुक्ला से 15.43 लाख, उमेश पांडेय से 3,78,000 और भोलानाथ से 11,65,500 रुपये रिकवरी का आदेश पहले ही जारी हो चुका है।
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जिले के गौरा और शिवगढ़ ब्लाकों में 294 शौचालयों के निर्माण के लिए मिले 30.87 लाख रुपये का बंदरबांट करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसने लगा है। बीडीओ विकास शुक्ला को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया हैञ वहीं शिवगढ़ ब्लाक में लेखाकार बनकर डोगल लगाने वाले वरिष्ठ लिपिक उमेश पांडेय को निलंबित कर दिया गया है।
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गौरा में तैनात लेखाकार भोलानाथ पर निलंबित करने के लिए निदेशक को पत्र लिखा गया है। प्रभारी सीडीओ और डीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि एफआईआर होने के बाद निलंबन निश्चित होता है। अगर निलंबन की कार्रवाई नहीं होती है तो कार्रवाई अधूरी रह जाती है। विभागीय जांच में बीडीओ विकास शुक्ला से 15.43 लाख, उमेश पांडेय से 3,78,000 और भोलानाथ से 11,65,500 रुपये रिकवरी का आदेश पहले ही जारी हो चुका है।
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