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कृमि दिवस पर दवा खाने से सोलह बच्चों की तबियत बिगड़ी

Fri, 10 Aug 2018 11:48 PM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
प्रतापगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 10 Aug 2018 11:48 PM IST
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कृमि दिवस पर पेट के कीड़े की दवा खाने से प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सोलह छात्राें की तबियत बिगड़ गई। दवा खाने के कुछ देर बाद ही दो छात्राओं के अचेत होने से ग्रामीणों व शिक्षकाें में हड़कंप मच गया। जानकारी पर चिकित्सकाें की टीम मौके पर गई, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणाें ने उपचार कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद आनन फानन में सभी को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। दो घंटे बाद दो की तबियत में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए अभियान के तहत राष्ट्रीय कृमि दिवस के मौके पर शुक्रवार को लालगंज विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय के 185 व पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोड़वा के 55 छात्र-छात्राआें को मिड डे मील का भोजन देने के बाद पेट का कीड़ा खत्म करने की दवा खिलाई गई। दवा खाने के कुछ देर बाद ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा तीन की छात्रा लक्ष्मी व शिफा अचेत हो गई। इससे पहले शिक्षक कुछ समझ पाते प्रावि में पढ़ने वाली मो. अनस, दीपक, सुमित कुमार सरोज, नेहा, सलोनी, विपिन सरोज, राज सरोज, आकाश गौड़, राज सरोज की तबियत भी बिगड़ने लगी। उधर पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दवा खाने के बाद छात्र कृष्ण कुमार, मन्नू गुप्ता, नसरीन बानाें, कोमल गुप्ता, धीरू सरोज, शिवम सरोज भी तबियत खराब होने की शिकायत करने लगे। सभी छात्राें की शिकायत थी कि उनको चक्कर आ रहा है और उल्टी होने जैसा लग रहा है। स्कूल में छात्राें की तबियत खराब होने की जानकारी मिली तो अभिभावक भागकर मौके पर पहुंचे। नौनिहालाें की हालत खराब देख अभिभावकाें ने हंगामा शुरू कर दिया। यह देख शिक्षकाें ने लालगंज सीएचसी अधीक्षक को सूचना दी। यहां से आनन फानन में सीएचसी से डॉ. रईस फात्मा व डॉ. स्नेहा सिंह की टीम गोड़वा भेजी गई। लेकिन यहां पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणाें ने डॉक्टरों से उपचार कराने से इंकार कर दिया। उनकी मांग थी कि नौनिहालाें को अस्पताल ले जाया जाए। इस पर बोलेरो व एंबुलेंस से सभी सोलह छात्र-छात्राआें को लालगंज सीएचसी लाया गया। स्कूली बच्चाें का मामला होने के चलते शिक्षक भी भाग कर अस्पताल आ गए। यहां उपचार के दौरान अचेत हुई दोनों छात्राआें को होश आ गया। शाम को सभी की तबियत में सुधार होने पर एंबुलेंस से घर भेज दिया गया। इसके बाद परिजनाें ने राहत की सांस ली। अधीक्षक डॉ. अरविंद गुुप्ता ने बताया कि पेट की दवा खाने के बाद उलझन या सिर दर्द हो सकता है। यह कोई गंभीर बात नहीं है सभी छात्र सकुशल हैं और उनको घर भेज दिया गया है।
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ट्रेनिंग के दौरान स्वास्थ्य विभाग से दी गई दवा
लालगंज। स्थानीय बीआरसी केंद्र पर बीती छह अगस्त को परिषदीय विद्यालयाें के शिक्षकाें को बुलाया गया था। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आवश्यक जानकारी देने के बाद सभी स्कूलाें के प्रतिनिधियाें को पेट के कीडे़ की दवा दे दी। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक मनोज यादव व मनोज गुप्ता तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक शिव कुमार ने बताया कि छात्राें को दोपहर का भोजन कराने के बाद दवा दी गई। लेकिन दवा खाने के कुछ देर बाद तबियत बिगड़ने लगी।
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