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Pratapgarh News: राजा भैया के लिए चुनौती...रण में खींच रही सियासत
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जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने भले ही कार्यकर्ताओं से अपनी पसंद का प्रत्याशी चुनने की बात कह अपने को पर्दे के पीछे कर लिया हो। सियासत उन्हें खींच रही है। जिस भाजपा ने चंद रोज पहले मंत्री संजीव बालियान के साथ प्रत्याशी विनोद सोनकर को उनके पास समर्थन मांगने भेजा था, शनिवार को उसी भाजपा के मंच से बिना नाम लिए उन पर निशाना साधा गया।
राज्य सभा चुनाव में भाजपा की मदद के एवज राजा भैया की कुछ उम्मीदें थीं, जो टिकट बंटवारे में पूरी नहीं हुईं। यहीं से खटास शुरू हुई। लेकिन बेंगलुरु में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद माना जा रहा था कि राजा भैया का रुख बदलेगा। लेकिन उन्होंने अपने को अलग कर लिया।
दो दिन से स्थितियां अलग नजर आने लगीं। कुंडा और बाबागंज में राजा भैया समर्थक सपा प्रत्याशी की जनसभाओं में नजर आए। राजा भैया-अखिलेश यादव के नारे भी लग रहे हैं। इससे पहले राजा भैया की ओर से सपा महासचिव इंद्रजीत सरोज के ऊपर दायर मानहानि का मुकदमा वापस लेने का बात भी सामने आई।
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इधर, चुप बैठे भाजपाई सक्रिय हो गए। इसका खुला रूप प्रचार के अंतिम दिन शनिवार को सभा में नजर आया, जब कुंडा में भाजपा के मंच से अपना दल (एस) की मुखिया अनुप्रिया ने बिना नाम लिए रजवाड़ों पर हमला बोल दिया। कौशांबी संसदीय सीट पर 20 मई को मतदान होना है। राजा भैया के प्रभाव वाले बाबागंज और कुंडा विधान सभा क्षेत्र उसी का हिस्सा हैं।
सियासी जानकारों का कहना है कि भले ही जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा, लेकिन यह चुनाव राजा भैया के लिए परीक्षा से कम नहीं है।
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राज्य सभा चुनाव में भाजपा की मदद के एवज राजा भैया की कुछ उम्मीदें थीं, जो टिकट बंटवारे में पूरी नहीं हुईं। यहीं से खटास शुरू हुई। लेकिन बेंगलुरु में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद माना जा रहा था कि राजा भैया का रुख बदलेगा। लेकिन उन्होंने अपने को अलग कर लिया।
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दो दिन से स्थितियां अलग नजर आने लगीं। कुंडा और बाबागंज में राजा भैया समर्थक सपा प्रत्याशी की जनसभाओं में नजर आए। राजा भैया-अखिलेश यादव के नारे भी लग रहे हैं। इससे पहले राजा भैया की ओर से सपा महासचिव इंद्रजीत सरोज के ऊपर दायर मानहानि का मुकदमा वापस लेने का बात भी सामने आई।
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इधर, चुप बैठे भाजपाई सक्रिय हो गए। इसका खुला रूप प्रचार के अंतिम दिन शनिवार को सभा में नजर आया, जब कुंडा में भाजपा के मंच से अपना दल (एस) की मुखिया अनुप्रिया ने बिना नाम लिए रजवाड़ों पर हमला बोल दिया। कौशांबी संसदीय सीट पर 20 मई को मतदान होना है। राजा भैया के प्रभाव वाले बाबागंज और कुंडा विधान सभा क्षेत्र उसी का हिस्सा हैं।
सियासी जानकारों का कहना है कि भले ही जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा, लेकिन यह चुनाव राजा भैया के लिए परीक्षा से कम नहीं है।