{"_id":"10f4105c169d904ec687eccbbef6d826","slug":"cdo-is-the-dream-grunde-released-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीडीओ ने किया ‘सपनों के घरौंदे’ का विमोचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीडीओ ने किया ‘सपनों के घरौंदे’ का विमोचन
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Mon, 22 Dec 2014 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। कवि प्रमोद प्रियदर्शी की रचना ‘सपनों के घरौंदे’ नामक पुस्तक का रविवार को विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि इस पुस्तक में कवि ने संभावनाओं, देश प्रेम एवं राष्ट्रीयता के भाव को समेटा है। आने वाले दिनों में यह पुस्तक अमिट हस्ताक्षर बनेगी।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ल ने कहा कि इस पुस्तक में व्याकरण की उत्तमता मौजूद है। सागर सत्यार्थी ने कहा कि कवि प्रमोद प्रियदर्शी की रचना राष्ट्रवाद के मौन को भंग करती हुई दिख रही है। इस अवसर पर राजमूर्ति सौरभ, सुनील प्रभाकर, डॉ. संगम लाल भंवर, डॉ. पीयूषकांत शर्मा, डॉ. दयाराम मौर्य रत्न, सत्येन्द्र नाथ मिश्र मृदुल आदि ने भी उस पुस्तक की सराहना की और रचनाकार को बधाई भी दी। प्रमोद प्रियदर्शी ने कहा कि माता प्रेरणा, पिता के संस्कारों एवं जीवन की शैली ने उनके जीवन में साहित्य के बीज को अंकुरित किया। अध्यक्षता डॉ. रामजी मिश्र ने की।
विज्ञापन
वरिष्ठ साहित्यकार एवं अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ल ने कहा कि इस पुस्तक में व्याकरण की उत्तमता मौजूद है। सागर सत्यार्थी ने कहा कि कवि प्रमोद प्रियदर्शी की रचना राष्ट्रवाद के मौन को भंग करती हुई दिख रही है। इस अवसर पर राजमूर्ति सौरभ, सुनील प्रभाकर, डॉ. संगम लाल भंवर, डॉ. पीयूषकांत शर्मा, डॉ. दयाराम मौर्य रत्न, सत्येन्द्र नाथ मिश्र मृदुल आदि ने भी उस पुस्तक की सराहना की और रचनाकार को बधाई भी दी। प्रमोद प्रियदर्शी ने कहा कि माता प्रेरणा, पिता के संस्कारों एवं जीवन की शैली ने उनके जीवन में साहित्य के बीज को अंकुरित किया। अध्यक्षता डॉ. रामजी मिश्र ने की।
विज्ञापन