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उपडाकपाल को ले गई सीबीआई, डाकघर का कामकाज प्रभावित
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डाकखाने से उपडाकपाल और लिपिक को सीबीआई के ले जाने के बाद सोमवार को कोई काम नहीं हो सका। हालांकि उपडाकपाल का चार्ज एक दूसरे लिपिक को दे दिया गया है बावजूूद इसके पासवर्ड न होने की वजह से लेन-देन नहीं हो सका। उधर पूरे दिन कार्यालय और बाहर सीबीआई की ही चर्चा होती रही।
कुंडा डाकखाने में रिश्वत की शिकायत पर सीबीआई ने शनिवार को छापेमारी की थी। कई घंटे चली जांच के बाद रात के एक बजे उपडाकपाल संतोष और लिपिक सूरज मिश्रा को सीबीआई अपने साथ ले गई। अगला दिन रविवार होने के चलते डाकखाना बंद ही रहा। सोमवार को डाकखाना खुलने पर लोगों की भारी भीड़ पहुंच गई। इसमें ज्यादातर संख्या एजेंटों की ही रही।
वह जमा किए गए पैसे के बारे में जानकारी करने के लिए बेताब थे। उधर दो कर्मचारियों के सीट पर न होने के चलते कोई कार्य नहीं हो सका। किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत का पैसा जमा करने आए एजेंट और लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। हालांकि लिपिक जय प्रकाश पांडेय को चार्ज दिया गया है लेकिन पासवर्ड न होने के चलते कोई भी पैसा पोस्ट नहीं किया गया।
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वैसे भी पूरे दिन सीबीआई के बारे में ही चर्चा होती रही। एजेंटों के बीच भी सीबीआई छाई रही तो कार्यालय में भी कार्यों और जांच को लेकर चर्चा होती रही। फिलहाल इसमें सबसे ज्यादा परेशान एजेंट हैं। शनिवार को उनके जमा किए गए पैसे की लाट नहीं बन सकी थी। इसके चलते उन्हें इसकी रसीद भी नहीं मिल पाई है।
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कुंडा डाकखाने में रिश्वत की शिकायत पर सीबीआई ने शनिवार को छापेमारी की थी। कई घंटे चली जांच के बाद रात के एक बजे उपडाकपाल संतोष और लिपिक सूरज मिश्रा को सीबीआई अपने साथ ले गई। अगला दिन रविवार होने के चलते डाकखाना बंद ही रहा। सोमवार को डाकखाना खुलने पर लोगों की भारी भीड़ पहुंच गई। इसमें ज्यादातर संख्या एजेंटों की ही रही।
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वह जमा किए गए पैसे के बारे में जानकारी करने के लिए बेताब थे। उधर दो कर्मचारियों के सीट पर न होने के चलते कोई कार्य नहीं हो सका। किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत का पैसा जमा करने आए एजेंट और लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। हालांकि लिपिक जय प्रकाश पांडेय को चार्ज दिया गया है लेकिन पासवर्ड न होने के चलते कोई भी पैसा पोस्ट नहीं किया गया।
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वैसे भी पूरे दिन सीबीआई के बारे में ही चर्चा होती रही। एजेंटों के बीच भी सीबीआई छाई रही तो कार्यालय में भी कार्यों और जांच को लेकर चर्चा होती रही। फिलहाल इसमें सबसे ज्यादा परेशान एजेंट हैं। शनिवार को उनके जमा किए गए पैसे की लाट नहीं बन सकी थी। इसके चलते उन्हें इसकी रसीद भी नहीं मिल पाई है।