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हार की समीक्षा में जुटे उम्मीदवार
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:21 PM IST
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निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद कम मतों से हार का मुंह देखने वाले प्रत्याशियों की नींद उड़ गई है। किसी तरह रात बीतने के बाद शनिवार सुबह से वे हार का कारण जानने को हलाकान हैं। इस दौरान जो तथ्य सामने आ रहे हैं वे चौंकाने वाले हैं। माना जा रहा है कि कुछ लोग टिकट न मिलने तो कुछ पारिवारिक भीतरघात का शिकार हो गए। हार की समीक्षा में सामने आ रहे तथ्य राजनीतिक रंजिश को हवा दे रहे हैं।
निकाय चुनाव में अध्यक्ष के दो और सदस्य पद के दर्जन भर उम्मीदवार ऐसे हैं जो जीतते-जीतते हार गए। मतगणना के दौरान वे जीत के प्रति पूरी तरह से आशान्वित थे। मगर घोषित परिणाम ने उनकी नींद उड़ा दी है। बहुत ही कम वोटों से हुई हार को लेकर ऐसे उम्मीदवार कारण तलाशने में जुट गए हैं। नगर चायल के अध्यक्ष पद के परिणाम को देखें तो यहां मात्र 26 वोट से निर्दल उम्मीदवार अहमद आदिल को हार का मुंह देखना पड़ा।
इसी तरह मंझनपुर में सपा उम्मीदवार शबी हैदर मीनू को महज 38 वोटों से हार मिली। अध्यक्ष पद के इन दोनों उम्मीदवारों को बहुत ही कम मतों से मिली हार साल रही है। इसी तरह कई सदस्यों के भी परिणाम हैं। चायल के वार्ड दो की सुमन देवी को महज एक वोट से हार का मुंह देखना पड़ा तो अजुहा के मनोज सिंह के हाथों से दो वोट के चलते सीट फिसल गई। सिराथू के राम सिंह को भी महज दो वोटों से शिकस्त मिली। कम वोटों से हुई हार ने इन प्रत्याशियों को कुरेद कर रख दिया है।
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इन उम्मीदवारों ने कारण का रात भर मंथन किया। शनिवार सुबह हार के कारणों की समीक्षा शुरू की तो कहीं पारिवारिक द्वेष तो कहीं पार्टी का टिकट न पाने वाले कार्यकर्ताओं का भितरघात सामने आ रहा है। बहरहाल कम मतों से हुई हार ने कई राजनीतिक दलों की एकता के लिए खतरा पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन हारे प्रत्याशियों के घावों पर मरहम न लगाया गया तो आगामी अन्य चुनावों में भी संबंधित दलों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
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निकाय चुनाव में अध्यक्ष के दो और सदस्य पद के दर्जन भर उम्मीदवार ऐसे हैं जो जीतते-जीतते हार गए। मतगणना के दौरान वे जीत के प्रति पूरी तरह से आशान्वित थे। मगर घोषित परिणाम ने उनकी नींद उड़ा दी है। बहुत ही कम वोटों से हुई हार को लेकर ऐसे उम्मीदवार कारण तलाशने में जुट गए हैं। नगर चायल के अध्यक्ष पद के परिणाम को देखें तो यहां मात्र 26 वोट से निर्दल उम्मीदवार अहमद आदिल को हार का मुंह देखना पड़ा।
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इसी तरह मंझनपुर में सपा उम्मीदवार शबी हैदर मीनू को महज 38 वोटों से हार मिली। अध्यक्ष पद के इन दोनों उम्मीदवारों को बहुत ही कम मतों से मिली हार साल रही है। इसी तरह कई सदस्यों के भी परिणाम हैं। चायल के वार्ड दो की सुमन देवी को महज एक वोट से हार का मुंह देखना पड़ा तो अजुहा के मनोज सिंह के हाथों से दो वोट के चलते सीट फिसल गई। सिराथू के राम सिंह को भी महज दो वोटों से शिकस्त मिली। कम वोटों से हुई हार ने इन प्रत्याशियों को कुरेद कर रख दिया है।
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इन उम्मीदवारों ने कारण का रात भर मंथन किया। शनिवार सुबह हार के कारणों की समीक्षा शुरू की तो कहीं पारिवारिक द्वेष तो कहीं पार्टी का टिकट न पाने वाले कार्यकर्ताओं का भितरघात सामने आ रहा है। बहरहाल कम मतों से हुई हार ने कई राजनीतिक दलों की एकता के लिए खतरा पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन हारे प्रत्याशियों के घावों पर मरहम न लगाया गया तो आगामी अन्य चुनावों में भी संबंधित दलों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।