{"_id":"5b71c23942c79206455d9e9e","slug":"call-dm-for-help","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम की चौखट पर पति के लिए बहाया आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम की चौखट पर पति के लिए बहाया आंसू
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:18 PM IST
विज्ञापन
news
- फोटो : pratpgarh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गायब पति के साथ अनहोनी की आशंका को लेकर सोमवार को महिला ग्रामीणों के साथ इंसाफ मांगने के लिए जिलाधिकारी की चौखट पर पहुंची। इसके पहले अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी से ग्रामीणों की तकरार हो चुकी थी। डीएम के न मिलने पर परिवार के लोगों के साथ ग्रामीण एडीएम से मिले। ठोस कार्रवाई व गायब युवक के बारे में जानकारी न मिलने पर 24 घंटे बाद आंदोलन का अल्टीमेटम जिला प्रशासन को दिया।
रानीगंज थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी मनोज पटेल के गायब होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। रानीगंज पुलिस की लापरवाही से आक्रोशित परिवार के लोगों के साथ ग्रामीण सोमवार को पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। एसपी के न मिलने पर ग्रामीण बजरंग दल के सुरक्षा प्रमुख अक्लदत्त मिश्र निराला की अगुवाई में एएसपी पूर्वी पूर्णेंदू सिंह से मिले। प्रकरण को लेकर एएसपी की ग्रामीणों से तकरार होने लगी। जिसके बाद आक्रोशित परिवार के लोगों को लेकर ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उस समय जिलाधिकारी नहीं थे। इंसाफ न मिलने की उम्मीद में मनोज की पत्नी संजू व उसकी मां जिलाधिकारी कार्यालय की चौखट को जाने वाली सीढिय़ों पर ही लेटकर आंसू बहाने लगीं। इससे लोगों का गुस्सा भडक़ उठा। वे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। डीएम कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। करीब आधे घंटे तक सीढिय़ों पर लेटकर आंसू बहाने वाली संजू को लोग समझाबुझाकर अपर जिलाधिकारी मनोज के पास ले गए। एडीएम ने तुरंत एसपी से बात कर सभी को भरोसा दिलाया कि जल्द ही कार्रवाई होगी। इसके बाद ग्रामीण जिला प्रशासन को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई न होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।
रानीगंज एसओ के रवैए पर ग्रामीणों में आक्रोश
रानीगंज के शाहपुर निवासी श्यामलाल का आरोप था कि उसके बेटे के गायब होने की गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी है। जिन लोगों का नाम बताया जा रहा है। पुलिस उनकी तलाश करने के बजाय दूसरे लोगों की धरपकड़ कर रही है। हर दिन लोगों को लाया जाता है और बाद में छोड़ यिा जाता है। एसओ रानीगंज उन लोगों की कोई बात नहीं सुनते। ऐसा लगता है कि वह आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रानीगंज थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी मनोज पटेल के गायब होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। रानीगंज पुलिस की लापरवाही से आक्रोशित परिवार के लोगों के साथ ग्रामीण सोमवार को पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। एसपी के न मिलने पर ग्रामीण बजरंग दल के सुरक्षा प्रमुख अक्लदत्त मिश्र निराला की अगुवाई में एएसपी पूर्वी पूर्णेंदू सिंह से मिले। प्रकरण को लेकर एएसपी की ग्रामीणों से तकरार होने लगी। जिसके बाद आक्रोशित परिवार के लोगों को लेकर ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उस समय जिलाधिकारी नहीं थे। इंसाफ न मिलने की उम्मीद में मनोज की पत्नी संजू व उसकी मां जिलाधिकारी कार्यालय की चौखट को जाने वाली सीढिय़ों पर ही लेटकर आंसू बहाने लगीं। इससे लोगों का गुस्सा भडक़ उठा। वे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। डीएम कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। करीब आधे घंटे तक सीढिय़ों पर लेटकर आंसू बहाने वाली संजू को लोग समझाबुझाकर अपर जिलाधिकारी मनोज के पास ले गए। एडीएम ने तुरंत एसपी से बात कर सभी को भरोसा दिलाया कि जल्द ही कार्रवाई होगी। इसके बाद ग्रामीण जिला प्रशासन को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई न होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।
विज्ञापन
रानीगंज एसओ के रवैए पर ग्रामीणों में आक्रोश
रानीगंज के शाहपुर निवासी श्यामलाल का आरोप था कि उसके बेटे के गायब होने की गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी है। जिन लोगों का नाम बताया जा रहा है। पुलिस उनकी तलाश करने के बजाय दूसरे लोगों की धरपकड़ कर रही है। हर दिन लोगों को लाया जाता है और बाद में छोड़ यिा जाता है। एसओ रानीगंज उन लोगों की कोई बात नहीं सुनते। ऐसा लगता है कि वह आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन