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Pratapgarh News: बर्न यूनिट बनकर तैयार, शुरू होने का इंतजार
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मेडिकल कॉलेज परिसर में बनाया गया बदहाल पड़ा बर्न यूनिट भवन। संवाद
मेडिकल कॉलेज की प्लास्टिक सर्जरी एंड बर्न यूनिट आठ साल बाद भी शुरू नहीं हो सकी। तीन करोड़ से बना भवन जर्जर हो रहा है। गेट टूट गया है। दिवाली पर अगर कोई पटाखों से गंभीर रूप से झुलसता है तो उसे प्रयागराज के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
वर्ष 2016 में शासन की स्वीकृति पर बर्न यूनिट बनवाई थी। उम्मीद थी कि झुलसे और हादसे में अंग कटने वाले मरीजों को यहीं इलाज मिलेगा पर विशेषज्ञ डॉक्टर, स्टाफ और उपकरण न होने से यूनिट का संचालन नहीं हो सका।
जिले में महज 10 से 15 फीसदी तक झुलसे मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज में होता है। अन्य को प्रयागराज रेफर कर दिया जाता है। कोविड काल में इस भवन में टीकाकरण हुआ। अब एचआईवी मरीजों का इलाज चल रहा है।
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सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि यूनिट शुरू करने को चार विशेषज्ञ और 10 स्टाफ नर्स चाहिए। 10 बार शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का बर्न वार्ड तैयार है। जहां 15 से 25 फीसदी तक झुलसे मरीज भर्ती होते हैं।
इनसेट-- -
सुविधाओं पर एक नजर
- बर्न आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर, स्किन बैंक।
- संक्रमण रोकने के लिए हवा को शुद्ध करने वाले हेपा फिल्टर और पॉजिटिव/नेगेटिव एयर प्रेशर वाले कमरे।
- बर्न और प्लास्टिक सर्जन, मैक्सिलोफेशियल सर्जन, प्लास्टिक सर्जन, एसआर और जेआर
वर्जन-- -
बर्न यूनिट के संचालन के लिए पूर्व में क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। यूनिट संचालन के लिए शासन को दिवाली के बाद पत्राचार किया जाएगा।
डॉ. देवजीत शर्मा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
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वर्ष 2016 में शासन की स्वीकृति पर बर्न यूनिट बनवाई थी। उम्मीद थी कि झुलसे और हादसे में अंग कटने वाले मरीजों को यहीं इलाज मिलेगा पर विशेषज्ञ डॉक्टर, स्टाफ और उपकरण न होने से यूनिट का संचालन नहीं हो सका।
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जिले में महज 10 से 15 फीसदी तक झुलसे मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज में होता है। अन्य को प्रयागराज रेफर कर दिया जाता है। कोविड काल में इस भवन में टीकाकरण हुआ। अब एचआईवी मरीजों का इलाज चल रहा है।
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सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि यूनिट शुरू करने को चार विशेषज्ञ और 10 स्टाफ नर्स चाहिए। 10 बार शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का बर्न वार्ड तैयार है। जहां 15 से 25 फीसदी तक झुलसे मरीज भर्ती होते हैं।
इनसेट
सुविधाओं पर एक नजर
- बर्न आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर, स्किन बैंक।
- संक्रमण रोकने के लिए हवा को शुद्ध करने वाले हेपा फिल्टर और पॉजिटिव/नेगेटिव एयर प्रेशर वाले कमरे।
- बर्न और प्लास्टिक सर्जन, मैक्सिलोफेशियल सर्जन, प्लास्टिक सर्जन, एसआर और जेआर
वर्जन
बर्न यूनिट के संचालन के लिए पूर्व में क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। यूनिट संचालन के लिए शासन को दिवाली के बाद पत्राचार किया जाएगा।
डॉ. देवजीत शर्मा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।