Pratapgarh : सैन्य सम्मान के साथ बीएसएफ का जवान पंचतत्व में विलीन, गूंजे भारत माता के जयकारे
बीएसएफ में तैनात रहे एएसआई शिव बहादुर सिंह का शनिवार को पैतृक गांव बड़नपुर में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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बीएसएफ में तैनात रहे एएसआई शिव बहादुर सिंह का शनिवार को पैतृक गांव बड़नपुर में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हो गई थी। शहीद जवान को प्रदेश सरकार के मंत्री मंयकेश्वरशरण सिंह, सांसद, विधायक, डीएम, एसपी आदि ने श्रद्धांजलि दी। अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
भारत मां के जयकारों की गूंज के बीच पुलिस व बीएसएफ के जवानों ने शहीद को सलामी दी। सदर विकासखंड के बड़नपुर गांव निवासी शिव बहादुर सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार की रात सेना के वाहन से उनके घर लाया गया।
शनिवार की सुबह प्रदेश सरकार के मंत्री मंयकेश्वरशरण सिंह, सांसद संगमलाल गुप्ता, सदर विधायक राजेंद्र मौर्य, डीएम डॉ. नितिन बंसल, एसपी सतपाल अंतिल, पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह मुन्ना यादव, कांग्रेस नेता डॉ. नीरज तिवारी, पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह, सिराजुल हसन, सपा नेता छविनाथ यादव, अब्दुल कादिर जिलानी व दिनेश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। परिवार के लोगों के करुण क्रंदन से वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। घर के करीब ही बलिदानी शिव बहादुर सिंह के पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ। घर से अंत्येष्टि स्थल तक भारत माता के जयकारों की गूंज रही।
मंत्री ने पत्नी को दिया सरकारी सहायता राशि का चेक व नौकरी का प्रमाण पत्र
प्रदेश सरकार के मंत्री मंयकेश्वरशरण सिंह, सांसद संगमलाल गुप्ता, सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने शहीद शिवबहादुर की पत्नी प्रेमलता सिंह को शासकीय सहायता का 50 लाख का चेक, नौकरी प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज सौंपे। मंत्री व सांसद ने शहीद शिवबहादुर के पिता बंश बहादुर सिंह, बेटी अर्पिता, शिवानी, बेटे मितेश सिंह से ढांढस बंधाते हुए प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही संवेदना जताकर मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व गांव की एक सड़क का नामकरण करने की घोषणा कर चुके हैं।
बेटे ने चिता को लगाई आग, पिता को सौंपा तिरंगा
शहीद शिव बहादुर सिंह की चिता को बेटे मितेश ने मुखाग्नि दी। बीएसएफ के जवानों ने शहीद के पिता को तिरंगा सौंपा।
अंतिम समय तक बच्चों से छिपाई सच्चाई
ग्रामीणों के अनुसार शिव बहादुर सिंह स्वभाव के सरल व साहसी थे। उन्होंने बच्चों को पढ़ने के लिए पहले वाराणसी भेजा था फिर इस साल दिल्ली शिफ्ट कर दिया। शिव बहादुर के शहीद होने की बात पत्नी समेत बच्चों से छिपाई गई। शुक्रवार की शाम सभी को लखनऊ ले जाया गया। जिसके बाद पत्नी व बच्चों को शिव बहादुर के शहीद होने की जानकारी हो सकी।