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कान्हा की भक्ति में डूबा तन-मन, मनगढ़ में उतरा मथुरा-वृंदावन

Sat, 20 Aug 2022 12:54 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2022 12:54 AM IST
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Body and mind immersed in the devotion of Kanha, Mathura-Vrindavan landed in Mangarh
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भक्तिधाम में मनगढ़ विद्युत लाइट से हुआ जगमग। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
जुबां पर कान्हा थे, दिल में घनश्याम। कोई माखनचोर बता रहा था कोई लड्डू गोपाल। राधे-राधे के साथ हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल भी गूंज रहा था। बिजली की सतरंगी छटा से नहाए मनगढ़ के भक्तिधाम में हजारों लोगों की भीड़ मुरलीवाले को निहार रही थी।
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रात के बारह बजते ही पूरा भक्तिधाम परिसर कृष्णा-कृष्णा के जयकारों से गूंज उठा। जन्म लेने के बाद द्वारिकाधीश की विधि-विधान से आरती हुई। शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर भक्तिधाम मनगढ़ में आस्था का विहंगम नजारा दिखा। ऐसा लगा जैसे पूरा मथुरा-वृंदावन उतर आया हो। रात बारह बजे जन्म लेने के बाद वैदिक मंत्रों के बीच भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाया गया। लोग श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उल्लास में डूबे रहे।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर शुक्रवार को सुबह से ही भक्तिधाम मनगढ़ में भीड़ उमड़ने लगी थी। कई जनपदों से लोग ट्रैक्टर और बसों से मंदिर पहुंचे। हालांकि वे मंदिर तक नहीं पहुंच पाए। उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। जिसके बाद पैदल जाना पड़ा। भक्तिधाम को सतरंगी झालरों व लाइटों से सजाया गया था।
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शाम चार बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लाइन लगवा दी गई। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं को अलग-अलग कतार में खड़ा कराया गया था। शाम सात बजे तक हजारों की संख्या में लोग जुट गए थे। सतरंगी लाइटों से पूरा वातावरण जगमग हो उठा। जगह-जगह लोग टोलियों में संकीर्तन कर रहे थे, तो कुछ माला लेकर मंत्रों के जाप में जुटे थे।

रात में 12 बजते ही पूरा वातावरण भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। देर रात तक भजन-कीर्तन के साथ ही दर्शन-पूजन का दौर चला। इधर पालने में लड्डू गोपाल का दूध, दही, घी, शहद और यमुना के जल से महाभिषेक किया गया।
अभिषेक के दौरान राधे-राधे और श्याम-श्याम के साथ जय कन्हैयालाल के जयकारे गूंजते रहे। अभिषेक के बाद श्रृंगार के लिए मंदिर के कपाट बंद कर कर दिए।
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