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कर्जमाफी की उम्मीद में बैंकों के अरबों दबाए

Fri, 04 Mar 2022 12:11 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2022 12:11 AM IST
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Billions of banks pressed in the hope of loan waiver
विधानसभा चुनाव में नेताओं ने कर्जमाफी की दिलासा देकर कर्जदारों का मूड बदल दिया है। बैंकों की तरफ से नोटिस भेजे जाने के बाद भी किसान क्रेडिट कार्ड और स्वरोजगार के लिए कर्ज लेने वाले रुपये जमा करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ज्यादातर कर्जदार इस उम्मीद में हैं कि नई सरकार के गठन के बाद उनका कर्ज माफ हो सकता है।
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जिले के 14,926 लोगों ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से 5.64 अरब रुपये का कर्ज लिया है। इसमें किसान क्रेडिट कार्ड और स्वरोजगार का कर्ज शामिल है। इन कर्जदारों को बैंक अफसर डाक विभाग के माध्यम से रजिस्टर्ड पत्र भेजने के साथ ही फोनकर कर्ज चुकाने के लिए दबाव बना रहे हैं, मगर उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। दरअसल, कर्जदारों की नजर दस मार्च के बाद बनने वाली सरकार पर टिकी हुई है। नई सरकार किसकी होगी और वह कितना कर्ज माफ करती है, कर्जदार इसका इंतजार कर रहे हैं।
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चुनाव के दौरान राजनैतिक दलों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए कर्ज माफ करने की बात कही थी। इससे कर्जदार कर्ज जमा करने के लिए तैयार नहीं हैं। इधर, बैंक के शीर्ष अफसर मातहतों पर दबाव बनाकर ब्याज सहित कर्ज जमाने कराने का दबाव बनाए हुए हैं। अफसरों का कहना है कि कर्जदार नवंबर के बाद से भुगतान करने से कतरा रहे हैं। अभिकर्ताओं के बहुत दबाव बनाने पर वे कुछ दिनों के लिए गायब हो जाते हैं। कभी मोबाइल स्विच ऑफ कर लेते हैं।
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अफसरों का कहना है कि समय से कर्ज की अदायगी नहीं करने पर कर्जदार का ही नुकसान होता है। अगर समय पर किस्त का भुगतान किया जाए तो, छूट का सीधा लाभ मिलने के साथ ही कल्याणकारी योजनाओं में सब्सिडी का भी फायदा मिल जाता है। विलंब करने से कर्जदार का ही नुकसान होता है।
एजेंटों को मैनेज कर लौटा रहे
बैंकों को रुपये न लौटाने पड़ें, इसके लिए कर्जदार रिकवरी के लिए तैनात किए गए एजेंटों की जेब गर्म कर रहे हैं। अपनी परेशानी बताकर अप्रैल माह के बाद रुपये जमा करने का आश्वासन दे रहे हैं। राजस्व वसूली में भी इसका असर दिखाई पड़ रहा है।

कर्जदारों ने इन दिनों बकाया चुकता करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। नोटिस का उन पर कोई असर नहीं हो रहा है। अधिकांश लोग कर्जमाफी के इंतजार में हैं। बैंक बकाया वसूलने के लिए अब अभियान चलाएंगे।
सुमित सक्सेना, आरएम, एसबीआई, प्रतापगढ
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