फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Bikru scandal: Even after two years, the wife of martyr Inspector Anoop did not get a job

बिकरू कांड : दो साल बाद भी शहीद दरोगा अनूप की पत्नी को नहीं मिली नौकरी

Sun, 03 Jul 2022 01:20 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 03 Jul 2022 01:20 AM IST
सार

मानधाता थाना क्षेत्र के बेलखरी निवासी अनूप सिंह पुलिस की सेवा में वर्ष 2004 में शामिल हुए थे। वर्ष 2015 में वह दरोगा बने। उन्नाव में ट्रेनिंग करने के बाद उनकी पहली तैनाती वर्ष 2017 में कानपुर में हुई थी।

विज्ञापन
Bikru scandal: Even after two years, the wife of martyr Inspector Anoop did not get a job
शहीद अनूप सिंह के परिजन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कानपुर के बिकरू में दो जुलाई 2020 को हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे गिरोह से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए दरोगा अनूप सिंह की पत्नी नीतू सिंह को दो साल बाद भी नौकरी नहीं मिल सकी। हालांकि 15 दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवार के लोगों से मुलाकात कर जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र मिलने का भरोसा दिलाया। अनूप की शहादत पर सत्ता दल के नेताओं ने तमाम वादे किए, मगर उनमें से कई आज भी अधूरे हैं। तत्कालीन विधायक डॉ. आरके वर्मा की पहल पर घर तक सड़क बनी थी, लेकिन वह भी सालभर में जर्जर हो गई। न तो स्मारक बना और न ही पानी की टंकी का निर्माण हो सका। गांव की सीमा पर प्रवेश द्वार का भी निर्माण नहीं कराया जा सका। 

विज्ञापन



मानधाता थाना क्षेत्र के बेलखरी निवासी अनूप सिंह पुलिस की सेवा में वर्ष 2004 में शामिल हुए थे। वर्ष 2015 में वह दरोगा बने। उन्नाव में ट्रेनिंग करने के बाद उनकी पहली तैनाती वर्ष 2017 में कानपुर में हुई थी। दो जुलाई 2020 की रात बिकरू में दबिश के दौरान हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे गैंग से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। जिसमें दरोगा अनूप सिंह शहीद हो गए।

विज्ञापन

उनकी शहादत की खबर मिलने पर गांव में मातम पसर गया था। तीन जुलाई को उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद दरोगा अनूप सिंह की शहादत के बाद मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में तत्कालीन सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह मानधाता के बेलखरी गांव पहुंचे। कैबिनेट मंत्री ने शहीद दरोगा अनूप को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद पत्नी और पिता को ढांढस बंधाते हुए कहा था कि परिवार का कोई भी व्यक्ति नौकरी कर सकता है।  


इस पर अनूप की पत्नी ने स्वयं नौकरी करने की बात कही थी। गांव के मुख्य सड़क पर शहीद अनूप सिंह प्रवेश द्वार, पानी की टंकी के निर्माण के साथ ही शहीद के घर तक सड़क बनाने का आश्वासन दिया था। तत्कालीन विधायक डॉ. आरके वर्मा की पहल पर सिर्फ सड़क का निर्माण कराया गया। वह भी अब जर्जर हो चुकी है। अभी तक पत्नी नीतू को नौकरी नहीं मिल सकी। जबकि परिवार के लोग दो-दो बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल चुके हैं।


हर बार उन्हें जल्द नियुक्ति पत्र मिलने का भरोसा दिया गया। गांव में अभी तक अंतिम संस्कार स्थल पर न स्मारक बना और न ही प्रवेश द्वार का निर्माण हुआ। पानी की टंकी के लिए भी कोई कवायद नहीं हुई। पिता रमेश बहादुर सिंह को इस बात का मलाल है कि उस समय हर कोई हमदर्दी दिखा रहा था। समय के साथ लोग वादे भूलते चले गए। पहले भी सीएम से बहू नीतू मिल चुकी है। पंद्रह दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद बुलाया था। उन्होंने जल्द ही नियुक्ति पत्र मिलने का भरोसा दिलाया है।

शहीद अनूप की पत्नी को 80 व माता-पिता को दिए थे 10-10 लाख
बेलखरी निवासी दरोगा अनूप सिंह की शहादत पर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे तत्कालीन कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने पत्नी नीतू को 80 लाख और उनके माता-पिता को 10-10 लाख रुपये का चेक दिया था। बेटी गौरी व बेटे श्रेयांस से वादा किया था कि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। बेटे व बेटी की पढ़ाई के लिए नीतू प्रयागराज के अल्लापुर में रहती हैं।

बोर्ड भी हो चुका क्षतिग्रस्त
कानपुर के बिकरू कांड में शहीद दरोगा अनूप सिंह के घर तक पक्की सड़क का निर्माण एक साल पहले कराया गया। सड़क किनारे लोक निर्माण विभाग ने बोर्ड लगाया, मगर वह क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसे देखने वाला कोई नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed