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जिला ओडीएफ होने के बाद मिले 30,456 शौचालय के लाभार्थी
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जिला जिला ओडीएफ होने के बाद शौचालय के लिए 30,456 लाभार्थियों का चयन किया गया है। इन लाभार्थियों के खाते में जल्द ही 12,000-12,000 रुपये भेजे जाएंगे। शौचालय बनाने की जिम्मेदारी अब लाभार्थी पर ही थोपी जाएगी। मगर लाभार्थी के अपात्र मिलने पर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और एडीओ पंचायत से बराबर -बराबर धनराशि की वसूली की जाएगी।
जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के बाद शौचालय के लाभार्थी खोजे जा रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि पिछले वर्ष सवा लाख लाभार्थियों को योजना से लाभा न्वित करने के बाद 30,456 लाभार्थियों को इस वर्ष चिंहित किया गया है। जिले के 17 विकास खंडों में चिह्नित इन लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजने के लिए ब्लाक स्तर से मुहर लग गई है।
मगर, शौचालय के रुपये का दुरुपयोग रोकने के लिए ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और एडीओ पंचायत को बराबर का जबाबदेह बनाया गया है। अगर अफसरों की जांच में लाभार्थी अपात्र मिलता है, तो इन्हीं तीनों लोगों से चार-चार हजार रुपये की रिकवरी की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी के दावे के अनुसार अब तक लगभग छह लाख शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। चयनित लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजने के लिए कवायद तेज हो गई है। पात्रता की जांच करके जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भी मुहर लगा दी है।
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5126 लाभार्थियों के खाते में आज पहुंच सकती है धनराशि
सदर, मानधाता, शिवगढ़, संडवा चंद्रिका, आसपुर देवसरा, गौरा, लक्ष्मणपुर, लालगंज के लगभग पांच हजार लाभार्थियों के खाते में आज धनराशि पहुंच सकती है। डीपीआरओ ने डाटा फीडिंग का कार्य पूर्ण होने पर लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजने की हरी झंडी दे ही है।
गांव-गांव शौचालय प्रयोग करने का हो रहा प्रचार
ग्रामीण इलाकों में इन दिनों शौचालय का प्रयोग करने पर जोर दिया जा रहा है। बाहर शौच के लिए जाने वाले लोगों को टोका जा रहा है। इसका असर यह देखने को मिल रहा है कि अधिकांश लोग अब शौचालय का प्रयोग करने लगे हैं।
जिले में चयनित लाभार्थियों के खाते में जल्द ही धनराशि भेजी जाएगी। पहले चरण में 5126 लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जा रही है। शासन से बजट मिलते ही और लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। रवि शंकर द्विवेदी, डीपीआरओ
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जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के बाद शौचालय के लाभार्थी खोजे जा रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि पिछले वर्ष सवा लाख लाभार्थियों को योजना से लाभा न्वित करने के बाद 30,456 लाभार्थियों को इस वर्ष चिंहित किया गया है। जिले के 17 विकास खंडों में चिह्नित इन लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजने के लिए ब्लाक स्तर से मुहर लग गई है।
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मगर, शौचालय के रुपये का दुरुपयोग रोकने के लिए ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और एडीओ पंचायत को बराबर का जबाबदेह बनाया गया है। अगर अफसरों की जांच में लाभार्थी अपात्र मिलता है, तो इन्हीं तीनों लोगों से चार-चार हजार रुपये की रिकवरी की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी के दावे के अनुसार अब तक लगभग छह लाख शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। चयनित लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजने के लिए कवायद तेज हो गई है। पात्रता की जांच करके जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भी मुहर लगा दी है।
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5126 लाभार्थियों के खाते में आज पहुंच सकती है धनराशि
सदर, मानधाता, शिवगढ़, संडवा चंद्रिका, आसपुर देवसरा, गौरा, लक्ष्मणपुर, लालगंज के लगभग पांच हजार लाभार्थियों के खाते में आज धनराशि पहुंच सकती है। डीपीआरओ ने डाटा फीडिंग का कार्य पूर्ण होने पर लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजने की हरी झंडी दे ही है।
गांव-गांव शौचालय प्रयोग करने का हो रहा प्रचार
ग्रामीण इलाकों में इन दिनों शौचालय का प्रयोग करने पर जोर दिया जा रहा है। बाहर शौच के लिए जाने वाले लोगों को टोका जा रहा है। इसका असर यह देखने को मिल रहा है कि अधिकांश लोग अब शौचालय का प्रयोग करने लगे हैं।
जिले में चयनित लाभार्थियों के खाते में जल्द ही धनराशि भेजी जाएगी। पहले चरण में 5126 लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जा रही है। शासन से बजट मिलते ही और लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। रवि शंकर द्विवेदी, डीपीआरओ