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बेसिक शिक्षा: मजाक बनी परीक्षा, कक्षा छह के गणित के पेपर में हिंदी विषय के प्रश्न
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संविलियल प्राथमिक विद्यालय दहिलामऊ में एक कमरे में बैठे परीक्षा देने आये एक से पांच तक के बच्चे।
- फोटो : PRATAPGARH
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बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही की वजह से परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा मजाक बनकर गई है। परीक्षा में अव्यवस्था का आलम बरकरार है। किसी दिन विद्यालय में पेपर नहीं पहुंच रहा तो किसी दिन बंडल में प्रश्नपत्र ही कम पड़ जा रहे हैं।
शुक्रवार को तो लापरवाही की इंतेहा हो गई। कक्षा छह के गणित के प्रश्नपत्र में हिंदी के सवाल पूछे गए थे। यह देखकर बच्चे हैरान रह गए। जानकारी होने पर शिक्षकों ने विभागीय अधिकारियों को सूचना दी। हालांकि किसी तरह परीक्षा संपादित कराई गई।
पहले कोरोना की वजह से सालभर तक परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रही। अब परीक्षा के नाम पर भी उनके साथ मजाक हो रहा है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पेपर तक नहीं मिल पा रहा है। बंडल कम पड़ जा रहे हैं। प्रश्नपत्र न मिलने से बच्चे परीक्षा दिए बगैर ही लौट जा रहे हैं। शुक्रवार को भी विभाग की भारी लापरवाही सामने आई। पहली पाली में कक्षा छह के बच्चों की गणित विषय की परीक्षा थी।
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सुबह साढ़े आठ बजे परीक्षा शुरू हुई। गणित का पेपर देख बच्चे हैरान हो गए। गणित के पेपर में हिंदी के भी प्रश्न थे। इसकी जानकारी बच्चों ने शिक्षकों को दी। सभी के पेपर में हिंदी के प्रश्न पाए गए। इस पर शिक्षकों ने विभागीय अफसरों को सूचना दी। हालांकि किसी तरह शिक्षकों ने परीक्षा संपादित कराई। डीसी श्रीकृष्ण विश्वकर्मा ने बताया कि प्रिंटिंग के दौरान के दौरान गलती हुई होगी।
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शुक्रवार को तो लापरवाही की इंतेहा हो गई। कक्षा छह के गणित के प्रश्नपत्र में हिंदी के सवाल पूछे गए थे। यह देखकर बच्चे हैरान रह गए। जानकारी होने पर शिक्षकों ने विभागीय अधिकारियों को सूचना दी। हालांकि किसी तरह परीक्षा संपादित कराई गई।
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पहले कोरोना की वजह से सालभर तक परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रही। अब परीक्षा के नाम पर भी उनके साथ मजाक हो रहा है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पेपर तक नहीं मिल पा रहा है। बंडल कम पड़ जा रहे हैं। प्रश्नपत्र न मिलने से बच्चे परीक्षा दिए बगैर ही लौट जा रहे हैं। शुक्रवार को भी विभाग की भारी लापरवाही सामने आई। पहली पाली में कक्षा छह के बच्चों की गणित विषय की परीक्षा थी।
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सुबह साढ़े आठ बजे परीक्षा शुरू हुई। गणित का पेपर देख बच्चे हैरान हो गए। गणित के पेपर में हिंदी के भी प्रश्न थे। इसकी जानकारी बच्चों ने शिक्षकों को दी। सभी के पेपर में हिंदी के प्रश्न पाए गए। इस पर शिक्षकों ने विभागीय अफसरों को सूचना दी। हालांकि किसी तरह शिक्षकों ने परीक्षा संपादित कराई। डीसी श्रीकृष्ण विश्वकर्मा ने बताया कि प्रिंटिंग के दौरान के दौरान गलती हुई होगी।