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आधारकार्ड बनाने में फिसड्डी निकले बैंक
Wed, 19 Dec 2018 01:59 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 19 Dec 2018 01:59 AM IST
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आधार कार्ड
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एक तरफ सरकार ने सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आधारकार्ड जरूरी कर दिया है। बैंक खातों को भी आधार से लिंक कराया जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ बैंक आधारकार्ड बनाने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। बैंकों में आधारकार्ड बनाने में नाम खानापूर्ति की जा रही है। महीनेभर में बैंक शाखाओं में एक हजार भी आधारकार्ड नहीं बनाए जा सके हैं। मजे की बात यह है कि कुछ ऐसी भी शाखाएं हैं जहां शुभारंभ तक नहीं हो सका है। जबकि आधारकार्ड बनवाने के लिए लोग इधर-उधर भटक रहे हैं।
शासन ने तकरीबन सभी सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। शुरुआती दिनों में आधारकार्ड बनाने की जिम्मेदारी फ्रेंचाइजी को दी गई थी। जिसमें संचालक निर्धारित फीस से ज्यादा वसूली करते थे। कुछ फर्जी एजेंसियाें ने भी आधारकार्ड बनाने के नाम पर गांवों में कैंप लगाकर वसूली की। तमाम कवायदों के बाद भी ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग आधारकार्ड बनवाने से वंचित रह गए।
फर्जीवाड़े को देखते हुए शासन ने आधारकार्ड बनाने की जिम्मेदारी डाकघरों एवं बैंकों को दे दी। मुख्यालय पर संचालित बैंक, प्रधान डाकघर व उपडाकघरों में आधारकार्ड काउंटर बनाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए काउंटर खोलने व सूचना बोर्ड लगाने के लिए भी कहा गया। ताकि निर्धारित फीस में ही लोगों को आधारकार्ड मिल सके। मगर शासन की मंशा पर बैंक खरे नहीं उतर पा रहे हैं। बैंकों और डाकघरों में माहभर के भीतर आधारकार्ड की संख्या का आकलन किया गया तो जिले के बैंक फिसड्डी निकल गए।
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आधार बनाने में बैंकों से आगे डाकघर
आधारकार्ड बनाने में महीनेभर के सर्वे पर गौर करें तो बैंकों की अपेक्षा प्रधानडाकघर आगे रहा है। प्रधान डाकघर के सीनियर पोस्टमास्टर एसके बुनकर ने बताया कि आधारकार्ड काउंटर नियमित चल रहा है। इस माह 534 आधारकार्ड बनाए गए हैं।
शासन ने तकरीबन सभी सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। शुरुआती दिनों में आधारकार्ड बनाने की जिम्मेदारी फ्रेंचाइजी को दी गई थी। जिसमें संचालक निर्धारित फीस से ज्यादा वसूली करते थे। कुछ फर्जी एजेंसियाें ने भी आधारकार्ड बनाने के नाम पर गांवों में कैंप लगाकर वसूली की। तमाम कवायदों के बाद भी ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग आधारकार्ड बनवाने से वंचित रह गए।
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फर्जीवाड़े को देखते हुए शासन ने आधारकार्ड बनाने की जिम्मेदारी डाकघरों एवं बैंकों को दे दी। मुख्यालय पर संचालित बैंक, प्रधान डाकघर व उपडाकघरों में आधारकार्ड काउंटर बनाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए काउंटर खोलने व सूचना बोर्ड लगाने के लिए भी कहा गया। ताकि निर्धारित फीस में ही लोगों को आधारकार्ड मिल सके। मगर शासन की मंशा पर बैंक खरे नहीं उतर पा रहे हैं। बैंकों और डाकघरों में माहभर के भीतर आधारकार्ड की संख्या का आकलन किया गया तो जिले के बैंक फिसड्डी निकल गए।
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आधार बनाने में बैंकों से आगे डाकघर
आधारकार्ड बनाने में महीनेभर के सर्वे पर गौर करें तो बैंकों की अपेक्षा प्रधानडाकघर आगे रहा है। प्रधान डाकघर के सीनियर पोस्टमास्टर एसके बुनकर ने बताया कि आधारकार्ड काउंटर नियमित चल रहा है। इस माह 534 आधारकार्ड बनाए गए हैं।