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Pratapgarh News: बांस का पुल बहा, परेशानी
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मानधाता विकासखंड से गुजरी बकुलाही नदी के उफनाते ही सोमवार की रात बांस के अस्थायी पुल की पटरियां बह गईं। अब चार किमी का चक्कर लगाकर इलाके के लोग देल्हूपुर व मानधाता पहुंच रहे हैं।
प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर गजेहड़ा जंगल के पूर्व की ओर बकुलाही नदी पर बांस का पुल ग्रामीणों ने बनाया है। नदी के उस पार खंडापार, गुलरा महदौरी गांव है। इसी पुल के सहारे पहाड़पुर, गजेहड़ा, गुलरा, खंडापार, महदौरी, शेखनपुर भावलपुर, खमपुर, दूबे पट्टी सहित विश्वनाथगंज व रानीगंज विधानसभाग के लोग करीब एक साल से बाइक व पैदल आते जाते हैं। स्कूली बच्चे भी जिंदगी खतरे में डाल बांस के पुल को पार कर अपने घर पहुंचते हैं।
बरसात के दिनों में बकुलाही नदी में पानी का जलस्तर से बढ़ने से अक्सर बांस का पुल डूब जाता है। पुल डूबने से करीब पांच हजार आबादी को बुनियादी जरूरतें पूरा करने में समस्या होती है। लोगों का आवागमन बाधित हो जाने से पढ़ाई, नौकरी में दिक्कत आती है। समय पर अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
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पहाड़पुर गजेहड़ा में बने कब्रिस्तान जाने के लिए भी लोगों को पुल का ही सहारा लेना पड़ता है। गजेहड़ा के रहने वाले मौलाना नफीस, शेखनपुर भावलपुर के मोहम्मद आरिफ ने बताया कि बांस के पुल के रास्ते प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर पहुंचना आसान होता है। मानधाता बाजार जाकर भी लोग खरीदारी करते हैं।
बकुलाही नदी में पानी बढ़ने से पुल डूब जाने की जानकारी है। ग्रामीणों से बातचीत करके आवागमन का दूसरा रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे ग्रामीणों को बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े।
नैंसी सिंह, एसडीएम सदर
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प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर गजेहड़ा जंगल के पूर्व की ओर बकुलाही नदी पर बांस का पुल ग्रामीणों ने बनाया है। नदी के उस पार खंडापार, गुलरा महदौरी गांव है। इसी पुल के सहारे पहाड़पुर, गजेहड़ा, गुलरा, खंडापार, महदौरी, शेखनपुर भावलपुर, खमपुर, दूबे पट्टी सहित विश्वनाथगंज व रानीगंज विधानसभाग के लोग करीब एक साल से बाइक व पैदल आते जाते हैं। स्कूली बच्चे भी जिंदगी खतरे में डाल बांस के पुल को पार कर अपने घर पहुंचते हैं।
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बरसात के दिनों में बकुलाही नदी में पानी का जलस्तर से बढ़ने से अक्सर बांस का पुल डूब जाता है। पुल डूबने से करीब पांच हजार आबादी को बुनियादी जरूरतें पूरा करने में समस्या होती है। लोगों का आवागमन बाधित हो जाने से पढ़ाई, नौकरी में दिक्कत आती है। समय पर अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
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पहाड़पुर गजेहड़ा में बने कब्रिस्तान जाने के लिए भी लोगों को पुल का ही सहारा लेना पड़ता है। गजेहड़ा के रहने वाले मौलाना नफीस, शेखनपुर भावलपुर के मोहम्मद आरिफ ने बताया कि बांस के पुल के रास्ते प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर पहुंचना आसान होता है। मानधाता बाजार जाकर भी लोग खरीदारी करते हैं।
बकुलाही नदी में पानी बढ़ने से पुल डूब जाने की जानकारी है। ग्रामीणों से बातचीत करके आवागमन का दूसरा रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे ग्रामीणों को बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े।
नैंसी सिंह, एसडीएम सदर