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बदला मौसम, जेठ में 24 घंटे सावन जैसी रिमझिम फुहार
Sat, 06 Jun 2020 01:14 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 06 Jun 2020 01:14 AM IST
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शुक्रवार को रिमझिम बारिश से टीवी अस्पलात के समीप सड़क पर भरा पानी।
- फोटो : pratapgarh
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जेठ माह में तल्ख धूप के बीच कहर ढाने वाली पश्चिमी हवाओं की जगह सावनी फुहार पड़ रहीं है। आसमान में डेरा जमाए बादल बृहस्पतिवार की शाम से ही रिमझिम बरसात कर रहे हैं। बृहस्पतिवार रात के बाद शुक्रवार को दिनभर जिले में रिमझिम बरसात होती रही।
तापमान लुढ़कने से लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। हालांकि बारिश से सड़कों व संपर्क मार्गों पर जगह-जगह जलजमाव से लोगों को आवागमन में दिक्कतें भी हुईं। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 26.6 व न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा। कुल 10.0 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है।
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तापमान लुढ़कने से लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। हालांकि बारिश से सड़कों व संपर्क मार्गों पर जगह-जगह जलजमाव से लोगों को आवागमन में दिक्कतें भी हुईं। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 26.6 व न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा। कुल 10.0 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है।
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.बेलखरनाथ ब्लाक क्षेत्र में बारिश के दौरान धान की नर्सरी डालने को खेत में जुटे किसान।
- फोटो : pratapgarh
फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी बारिश, धान की नर्सरी डालने में जुटे किसान
रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान शुक्रवार को दिनभर खेतों में धान की नर्सरी डालने में जुटे रहे। खेत के मेड़ व नालियों को दुरुस्त करते रहे। किसानों का कहना है कि उरद, मूंग सहित अन्य फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी साबित होगी। जेठ के महीने में बारिश के कम ही आसार रहते हैं। धान की नर्सरी डालने के लिए पानी की दरकार रहती है।नहरों में भी अभी पानी की सप्लाई नहीं है। खेतों से नमी बिल्कुल खत्म हो जाती है। ऐसे में बारिश होने से धान की नर्सरी डालने में आसानी होगी। शुक्रवार को दिनभर किसान अपने-अपने खेतों में धान की नर्सरी डालने जुटे रहे। जिला कृषि अधिकारी डा. अश्वनी सिंह ने बताया कि बारिश उरद, मूंग सहित अन्य फसलों के लिए लाभकारी है।