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Pratapgarh News: आयुष्मान से इंपैनल तो हैं मगर 12 सीएचसी में आरोग्य मित्र ही नहीं

Mon, 19 Dec 2022 08:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Dec 2022 08:00 AM IST
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Ayushman is empaneled but there is no Arogya Mitra in 12 CHCs
Ayushman is empaneled but there is no Arogya Mitra in 12 CHCs
जिले के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जो आयुष्मान योजना से जुड़े होते हुए भी गोल्डन कार्ड धारकों को कैशलेस इलाज की सुविधा मुहैया नहीं करा पा रहे हैं। दरअसल, इन अस्पतालों में पूर्व में तैनात आयुष्मान मित्र मानदेय न मिलने के कारण नौकरी छोड़कर चले गए तो कुछ को लापरवाही की वजह से विभाग ने हटा दिया।
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जिले में संचालित छह प्राइवेट अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के साथ 32 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है। यहां गोल्डन कार्ड दिखाकर मरीज अपना कैशलेस इलाज करा सकते हैं। आयुष्मान के लाभार्थियों की मदद के लिए इन अस्पतालों में एक-एक आरोग्य मित्रों की तैनाती हुई थी। मरीजों को भर्ती कराने से लेकर इलाज और डिस्चार्ज कराने तक की पूरी जिम्मेदारी आयुष्मान मित्रों की होती है।
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मौजूदा समय में 12 ऐसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जहां पर आयुष्मान मित्र की तैनाती नहीं हुई है, मगर अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हैं। ऐसे में कैशलेस इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को गोल्डन कार्ड का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग के अफसर इससे पूरी तरह से अंजान हैं।
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इन सीएचसी में नहीं हैं आरोग्य मित्र
रेफरल सेंटर रानीगंज, सीएचसी मंगरौरा, मंदाह, अजगरा रानीगंज, हरिपुर वरदैता, मानापुर, गड़वारा, मंगापुर, लक्ष्मणपुर, पृथ्वीगंज, ढिढुई और अरैला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक भी आरोग्य मित्र की तैनाती नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज में तीन आरोग्य मित्र तैनात हैं, मगर सुबह नौ बजे से पांच बजे तक ही आरोग्य मित्र अपनी सेवा देते हैं।
तीन वर्ष में तीन आरोग्य मित्रों को हटाया
रानीगंज में तीन वर्ष के भीतर तीन आरोग्य मित्र हटाए गए। कारण यह है कि यहां ओपीडी में मरीज कम आते हैं। उन्हें भर्ती कर इलाज नहीं किया जाता है। इससे आयुष्मान के लाभार्थी सीएचसी के करीब आयुष्मान योजना से जुड़े एक निजी अस्पताल में इलाज कराने चले जाते हैं। ऐसे में आरोग्य मित्रों पर कार्रवाई की गाज गिर रही है।

जहां पर आयुष्मान मित्र की तैनाती नहीं हुई है, वहां के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेकर नए आरोग्य मित्र की तैनाती की जाएगी। हालांकि सीएचसी में तैनात डाटा इंट्री ऑपरेटर को आयुष्मान के मरीजों को भर्ती कर इलाज का निर्देश दिया गया है। डॉ. जीएम शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी।
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