अतीक-अशरफ हत्याकांड : जांच आयोग के सामने उपस्थित होने के सवाल पर यह बोले माफिया के बेटे अली और उमर
आयोग ने जांच के क्रम में पुलिस, मीडिया, स्वतंत्र साक्षियों के अलावा अतीक के दोनों बेटों उमर व अली को भी अपनी बात रखने का अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया। दोनों को नोटिस जारी कर आयोग के समक्ष उपस्थित होकर बयान जारी करने के लिए कहा गया।
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अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद इस तरह की खबरें आईं कि इसे लेकर जेल में बंद अतीक के बेटों उमर-अली बेहद आक्रोशित थे। हालांकि, जब इस हत्याकांड के संंबंध में कुछ कहने का मौका दिया गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली। आयोग का नोटिस लेने से इन्कार करते हुए साफ कह दिया कि उन्हें कुछ नहीं कहना है। न्यायिक आयोग के समक्ष संबंधित जेलकर्मियों ने यह बयान दिया है।
आयोग ने जांच के क्रम में पुलिस, मीडिया, स्वतंत्र साक्षियों के अलावा अतीक के दोनों बेटों उमर व अली को भी अपनी बात रखने का अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया। दोनों को नोटिस जारी कर आयोग के समक्ष उपस्थित होकर बयान जारी करने के लिए कहा गया। हालांकि, वह न तो बयान देने के लिए राजी हुए और न ही उन्होंने नोटिस स्वीकार किया। यह बात तब पता चली जब लखनऊ व नैनी कारागार के वह जेलकर्मी आयोग के समक्ष उपस्थित हुए जो नोटिस लेकर दोनों के पास पहुंचे थे।
जेलकर्मियों ने बताया, मिलने पर क्या कहा दोनों ने
आयोग के समक्ष जिला कारागार लखनऊ के कारापाल अजय कुमार कुलवंत व केंद्रीय कारागार नैनी के कारापाल डॉ.आलोक कुमार ने बयान दिया। दोनों आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। अजय कुमार ने आयोग के सदस्यों को बताया कि वह लखनऊ कारागार में बंद अतीक के बेटे उमर को नोटिस देने गए थे और उसे विषयवस्तु समझाया भी था। हालांकि, उसने नोटिस स्वीकार करने से मना कर दिया। कहा कि उसे 15 अप्रैल की घटना के संबंध में कोई बयान नहीं देना है। न ही वह आयोग के समक्ष उपस्थित होने का इच्छुक है। कुछ ऐसी ही जानकारी डॉ.आलोक ने दी। कहा कि अली अहमद ने नोटिस स्वीकार करने से मना करते हुए कोई बयान देने व आयोग के समक्ष उपस्थित होने से इन्कार किया।