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Pratapgarh News: कहीं डॉक्टर नहीं मिले तो कहीं होम्योपैथ चिकित्सक करते मिले मरीजों का इलाज
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मुख्यमंत्री आरोग्य मेला से लोगों का अब विश्वास टूट रहा है। दरअसल आरोग्य मेला में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तो बात दूर एमबीबीएस डॉक्टर भी अपनी सेवा नहीं दे रहे हैं। होम्योपैथ और आयुर्वेद के चिकित्सकों के भरोसे आरोग्य मेला में आने वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे में मरीज भी अब यहां पहुंचकर इलाज कराना बेहतर नहीं समझ रहे। रविवार को भी अधिकांश केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विश्वनाथगंज दोपहर 12.30 बजे
पीएचसी विश्वनाथगंज की डॉ. प्रियंका सोनकर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के दिन अवकाश पर थीं। आरोग्य मेले में आने वाले मरीजों का इलाज आयुर्वेद की डॉ. सुनीता और होम्योपैथ के डॉ. अभिनव, डॉ. पीसी यादव ने किया। शाम चार बजे तक यहां 57 मरीजों का इलाज करने का दावा किया। जबकि दोपहर में 12.30 बजे पीएचसी पर सन्नाटा पसरा रहा।
पीएचसी देवर पट्टी दोपहर एक बजे
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवर पट्टी बाघराय में डॉ. ललित सिंह की तैनाती है। दोपहर एक बजे के पहले डॉक्टर घर चले गए थे। एलटी भानू प्रताप अकेले पीएचसी में बैठे थे। एलटी ने बताया कि डॉक्टर और फार्मासिस्ट दोपहर बाद सीएचसी चले गए। इससे दूर दराज से आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ा।
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पीएचसी लीलापुर : दोपहर दो बजे
आरोग्य मेला में दोपहर दो बजे तक 32 मरीज आए थे। डॉ. अजीत त्रिपाठी मरीजों का इलाज कर रहे थे। फार्मासिस्ट ज्ञानेंद्र सिंह मरीजों को दवा वितरण कर रहे थे।
पहले की तरह आरोग्य मेला नहीं रह गया है। पहले भीड़ लगती थी, बाहर से डॉक्टर आते थे, आज तो यहां तैनात डॉक्टर ही आरोग्य मेला के दिन अवकाश पर रहते हैं। आयुर्वेद और होम्योपैथ के डॉक्टर के भरोसे आरोग्य मेला का आयोजन किया जा रहा है।
सौरभ मिश्र, विश्वनाथगंज।
आरोग्य मेला नाम का है। जांच तक का इंतजाम नहीं है। एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं की जाती है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है। इलाज कराने लालगंज सीएचसी पर जाना पड़ता है।
राजकुमार दुबे, लीलापुर।
जो चिकित्सक बगैर सूचना के अवकाश पर गए हैं, उनका एक दिन का वेतन काट दिया जाएगा। एमओआईसी से जवाब मांगा जाएगा दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी क्यों नहीं लगाई गई। इस समय अवकाश पर हूं। 28 को वापस आने के बाद इन चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जरूर करुंगा।
डाॅ. जीएम शुक्ल, सीएमओ।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विश्वनाथगंज दोपहर 12.30 बजे
पीएचसी विश्वनाथगंज की डॉ. प्रियंका सोनकर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के दिन अवकाश पर थीं। आरोग्य मेले में आने वाले मरीजों का इलाज आयुर्वेद की डॉ. सुनीता और होम्योपैथ के डॉ. अभिनव, डॉ. पीसी यादव ने किया। शाम चार बजे तक यहां 57 मरीजों का इलाज करने का दावा किया। जबकि दोपहर में 12.30 बजे पीएचसी पर सन्नाटा पसरा रहा।
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पीएचसी देवर पट्टी दोपहर एक बजे
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवर पट्टी बाघराय में डॉ. ललित सिंह की तैनाती है। दोपहर एक बजे के पहले डॉक्टर घर चले गए थे। एलटी भानू प्रताप अकेले पीएचसी में बैठे थे। एलटी ने बताया कि डॉक्टर और फार्मासिस्ट दोपहर बाद सीएचसी चले गए। इससे दूर दराज से आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ा।
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पीएचसी लीलापुर : दोपहर दो बजे
आरोग्य मेला में दोपहर दो बजे तक 32 मरीज आए थे। डॉ. अजीत त्रिपाठी मरीजों का इलाज कर रहे थे। फार्मासिस्ट ज्ञानेंद्र सिंह मरीजों को दवा वितरण कर रहे थे।
पहले की तरह आरोग्य मेला नहीं रह गया है। पहले भीड़ लगती थी, बाहर से डॉक्टर आते थे, आज तो यहां तैनात डॉक्टर ही आरोग्य मेला के दिन अवकाश पर रहते हैं। आयुर्वेद और होम्योपैथ के डॉक्टर के भरोसे आरोग्य मेला का आयोजन किया जा रहा है।
सौरभ मिश्र, विश्वनाथगंज।
आरोग्य मेला नाम का है। जांच तक का इंतजाम नहीं है। एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं की जाती है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है। इलाज कराने लालगंज सीएचसी पर जाना पड़ता है।
राजकुमार दुबे, लीलापुर।
जो चिकित्सक बगैर सूचना के अवकाश पर गए हैं, उनका एक दिन का वेतन काट दिया जाएगा। एमओआईसी से जवाब मांगा जाएगा दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी क्यों नहीं लगाई गई। इस समय अवकाश पर हूं। 28 को वापस आने के बाद इन चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जरूर करुंगा।
डाॅ. जीएम शुक्ल, सीएमओ।