टोल प्लाजा पर रोकने से नाराज प्रतापगढ़ के विधायक समर्थकों ने टोल प्लाजा कर्मियों को पीटा, नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊआइमा रामनगर गंसियारी टोल प्लाजा पर रोकने से नाराज प्रतापगढ़ के विश्वनाथगंज के अपना दल एस के विधायक आरके पटेल ने टोल प्लाजा पर जमकर बवाल काटा। टोलकर्मियों की जमकर धुनाई कर दी। तहरीर देने के 24 घंटे बाद भी विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई। इससे टोलप्लाजा कर्मचारियों में काफी आक्रोश है।
मऊआइमा में टोल प्लाजा पर एक दिन पहले हुई मारपीट के मामले में 24 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। टोल कर्मचारियों की ओर से मारपीट, तोडफ़ोड़, धमकी के आरोप मेें विधायक समेत 23 के खिलाफ तहरीर दी गई। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मामले में पुलिस अफसर भी गोलमोल जवाब देते रहे।
घटना एक दिन पहले अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर मऊआइमा के रामफल इनामरी स्थित टोल प्लाजा पर हुई थी। आरोप है कि टोल मांगने पर प्रतापगढ़ के विश्वनाथगंज विधायक आरके वर्मा के समर्थकों ने कर्मचारियों को पीट दिया था। घटना से संबंधित वीडियो भी वायरल हुआ। रविवार दोपहर भुक्तभोगी कर्मचारियों ने मऊआइमा थाने पहुंचकर तहरीर दी।
आरोप लगाया कि पास दिखाने को कहने पर विधायक के कहने पर उनके तीन सरकारी सुरक्षाकर्मियों व 10 अन्य समर्थकों ने लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से पीटा। असलहा तानकर जान से मारने को धमकाया। साथ ही बैरियर समेत अन्य चीजें तोड़ दीं। भुक्तभोगी दीपक सिंह, वैभव,प्रीतम, आजाद की ओर से दी गई तहरीर में विधायक समेत अन्य पर रिपोर्टदर्ज करने की मांग की गई।
शिफ्ट इंचार्ज जौनपुर निवासी दीपक ने आरोप लगाया कि तहरीर देने के बावजूद इंस्पेक्टर रिपोर्ट दर्ज करने को तैयार नहीं हुए। मामले में इंस्पेक्टर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने सीयूजी नंबर पर कॉल रिसीव ही नहीं की। उधर अफसर भी गोलमोल बातें करते रहे। सीओ अमिता सिंह ने बताया कि अभी रिपोर्ट नहीं हो सकी है। लेकिन जब उनसे तहरीर देने के बावजूद रिपोर्ट न दर्ज होने संबंधी आरोपों के बाबत पूछा गया तो उनका कहना था कि वह जानकारी करने के बाद ही कुछ बता पाएंगी।