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विज्ञापन निकला नहीं, आफिस पहुंच गए साढ़े छह सौ आवेदन

Sun, 20 Jan 2019 11:22 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 20 Jan 2019 11:22 PM IST
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सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी और सहायिका पदों के लिए विभाग से विज्ञापन नहीं निकला है, मगर भारी संख्या में आवेदन आफिस पहुंच गए हैं। ग्रामीण इलाकों में दुकानदार फर्जी आवेदन पत्र बेचकर महिलाओं को ठग रहे हैं। इस बात का खुलासा उस समय हुआ, जब विभाग में लगभग साढ़े छह सौ आवेदन पत्र आ गए।
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महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग के तहत जिले में सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी और सहायिका की नियुक्ति की जाती है। सुपरवाइजरों की नियुक्ति शासन स्तर पर होती है, जबकि आंगनबाड़ी और सहायिका की नियुक्ति जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से की जाती है। लगभग सात साल से जिले में आंगनबाड़ी और सहायिकाओं की नियुक्ति नहीं हुई है। इधर नियुक्ति की तैयारियों को लेकर चर्चा आम हुई तो ग्रामीण इलाकों में दुकानदारों ने फर्जी विज्ञापन लगाकर आवेदन पत्र बेचना शुरू कर दिया। फिर क्या था, बेरोजगार महिलाओं ने आवेदन पत्र भरकर रजिस्टर्ड डाक से भेजना शुरू कर दिया। विकास भवन स्थित डीपीओ कार्यालय में डाकघर से जब बोरियों में भरकर आवेदन पहुंचे तो लोग हैरत में पड़ गए। जो पत्र रजिस्टर्ड डाक से थे, उन्हें तो लौटा दिया गया, मगर जो पांच रुपये के टिकट लगाकर भेजे गए थे, वह कार्यालय में डंप पड़े हैं। आवेदन आने अभी बंद नहीं हुए हैं। इससे कार्यालय के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।  
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गांव की बेरोजगार महिलाओं को ठगने वाले दुकानदार सिर्फ यूपी में रिक्त पदों के लिए ही आवेदन पत्र नहीं बेच रहे हैं, बल्कि दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लिए भी आवेदन पत्र बेच रहे हैं। आवेदन पत्र भेजने की अंतिम तिथि दस फरवरी रखी है। इसलिए पर्याप्त समय होने से बेरोजगार महिलाएं आवेदन करने से नहीं चूक रही हैं।  
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यह कितना हास्यास्पद है कि पढ़े-लिखे लोग भी बेवकूफ बन रहे हैं। इंटरनेट और घर-घर मोबाइल होने के बाद भी लोग यह जानने का प्रयास नहीं कर रहे हैं कि विभाग से विज्ञापन निकला भी है या नहीं। लोग आंखें बंद करके 50-50 रुपये में आवेदन पत्र खरीदकर रहे हैं और दुकानदार मालामाल हो रहे हैं।  


विभाग में सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी और सहायिका के पद तो रिक्त हैं, मगर अभी तक कोई विज्ञापन नहीं निकाला गया है। अभी शासन स्तर पर रोक लगी हुई है। ठगी करने वाले लोग गुमराह करके आवेदन पत्र बेच रहे हैं। आफिस में भी बड़ी संख्या में आने वाले आवेदनों को लौटाया जा रहा है।    
पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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