राष्ट्रीय शैक्षिक महाकुंभ : आनंद कुमार ने दिया मंत्र- सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम के साथ तय रखें लक्ष्य
इंजीनियर्स की नर्सरी तैयार करने वाले सुपर 30 के संस्थापक आनंद सर ने सफलता के मूलमंत्र बताए। उन्होंने कहा कि सफलता के चार मूल मंत्र हैं। सकारात्मक सोच, कठिन परिश्रम, तय लक्ष्य और असीम धैर्य।
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इंजीनियर्स की नर्सरी तैयार करने वाले सुपर 30 के संस्थापक आनंद सर ने सफलता के मूलमंत्र बताए। उन्होंने कहा कि सफलता के चार मूल मंत्र हैं। सकारात्मक सोच, कठिन परिश्रम, तय लक्ष्य और असीम धैर्य। इन चार चीजों की बदौलत हर क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ जिले का एक मेधावी लड़का सरोज मेरे पास पहुंचा। वह पढ़ना चाहता था, लेकिन गरीबी आड़े आ रही थी। मैंने उसे आईआईटी की नि:शुल्क कोचिंग दी। कुछ वर्ष पूर्व वह उत्तीर्ण हुआ और आईआईटी मुंबई में उसे दाखिला मिला।
प्रतापगढ़ में सरोज की तरह बहुत की विलक्षण प्रतिभाएं हैं, उन्हें निखारने की जरूरत है। अगले वर्ष सुपर 30 को विस्तार दिया जाएगा और प्रतापगढ़ में भी सेलेक्शन सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने शिक्षा का व्यवसाय करने वाले शिक्षकों पर तंज कसा। कहा कि शिक्षा का बाजारीकरण नहीं होना चाहिए, बल्कि अभावग्रस्त प्रतिभाओं को निखारने का काम करना चाहिए।
देर शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए ज्ञान, विज्ञान, गणित सहित अन्य विषयों के सरलीकरण पर व्याख्यान हुआ। राष्ट्रीय शैक्षिक महाकुंभ में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार की शाम को 23 राज्यों के प्रतिभाशाली बच्चे व विशेषज्ञों की टीम पहुंच चुकी थी। सुबह 9 बजे जैसे ही सभी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो पूरा परिसर चहक उठा। दोपहर एक बजे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने राष्ट्रीय शैक्षिक महाकुंभ शुभारंभ किया। इसके बाद विशेषज्ञों का व्याख्यान शुरू हुआ।
प्रतिभाओं को संवारना ही सरकार का एकमात्र लक्ष्य : मौर्य
राष्ट्रीय शैक्षिक महाकुंभ का शुुुुभारंभ करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रतिभाओं को संवारना और मुकाम तक पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम होना चाहिए। देश के बच्चों के अंदर प्रतिभाओं की कमी नहीं है। दुनिया के हर देश को बिना भारत की प्रतिभा के सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि बस बच्चों की प्रतिभा को निखारने की जरूरत है। उनकी प्रतिभा को समझने की जरूरत है।
डिंप्टी सीएम ने कहा कि प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार ने अभ्युदय कोचिंग का संचालन शुरू किया है। इसमें इंजीनियरिंग, आईएएस, पीसीएस की परीक्षा की तैयारी नि:शुल्क कराई जाती है। इसमें आईएएस, पीसीएस व वैज्ञानिक अपना समय देकर प्रतिभावान बच्चों की प्रतिभा को निखारेंगे। इस दौरान सदर विधायक राजेंद्र मौर्य, सांसद संगमलाल गुप्ता, जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र, पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष प्रेमलता सिंह, फाफामऊ विधायक गुरु प्रसाद मौर्य आदि मौजूद रहे।
भारत गौरव सम्मान से नवाजी गईं गूगल गुरु समेत देश की 20 प्रतिभाएं
राष्ट्रीय शैक्षिक महाकुंभ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने देश के 23 राज्यों से आए विलक्षण प्रतिभाओं के धनी रुद्रांश सिंह, अंकिता बाजपेयी, मीधांश गुप्ता, हर्ष मौर्य, गुरु उपाध्याय, कुमारी अनीषा, सीम खान, अंजू वर्मा, देवांश लखन, स्वरा त्रिपाठी, अभिषेक मौर्य, मिताली प्रसाद, ईहा दीक्षित, विभू बाजपेयी, रोली श्रीवास्त, अवि शर्मा, आरोही सिंह, भविष्य ठाकुर, गौरव मौर्य, विकास कुमार को भारत गौरव सम्मान से नवाजा। उनकी प्रतिभाओं का भी मंच से बखान किया।