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अमर उजाला के डिप्टी मैनेजर हुए हादसे के शिकार
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 19 Jun 2015 11:30 PM IST
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बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी में ठहरे ‘अमर उजाला’ में मीडिया सॉल्यूशन के डिप्टी मैनेजर मनोज शर्मा भी हादसे के शिकार हो गए। होटल में आग लगने के कारण कमरे में रहे मनोज का दम घुटने लगा। सूचना पर पहुंचे साथी किसी तरह उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। उनके निधन की सूचना से ‘अमर उजाला’ परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की जानकारी होने पर उनकी पत्नी के साथ रिश्तेदार और ‘अमर उजाला’ के कर्मचारी जिला अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव इलाहाबाद लाया गया। अशोक नगर स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शव रखा गया। देर शाम रसूलाबाद घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। सबसे बड़े भाई राजेश शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान ‘अमर उजाला’ परिवार के साथ बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद रहे।
मूलरूप से फर्रुखाबाद के रहने वाले मनोज तीन भाई और तीन बहनों में सबसे छोटे थे। पिता श्यामसुंदर शर्मा वर्ष 2006 में कानपुर में अपनी तैनाती के दौरान फौज से रिटायर हुए और उसके बाद वहीं बस गए। पिता के साथ मां कांति शर्मा को सबसे छोटे और लाडले बेटे की मौत से इस कदर सदमा पहुंचा है कि उन्हें अब तक इस घटना पर यकीन नहीं हो रहा। मनोज इलाहाबाद में पत्नी ममता शर्मा और दो साल के बेटे अर्नव के साथ रहते थे। पांच महीने पहले ही वह बनारस से ट्रांसफर होकर इलाहाबाद आए थे। उनकी पत्नी कौशाम्बी के एक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं। मनोज ‘अमर उजाला’ से पहले कई अन्य अखबारों में भी काम कर चुके थे। स्वभाव से बेहद मिलनसार और मृदुभाषी मनोज काम के सिलसिले से बृहस्पतिवार को प्रतापगढ़ आए थे। रात में वह बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी में ठहरे। भोर में होटल में आग लगने के कारण कमरे में दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
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मूलरूप से फर्रुखाबाद के रहने वाले मनोज तीन भाई और तीन बहनों में सबसे छोटे थे। पिता श्यामसुंदर शर्मा वर्ष 2006 में कानपुर में अपनी तैनाती के दौरान फौज से रिटायर हुए और उसके बाद वहीं बस गए। पिता के साथ मां कांति शर्मा को सबसे छोटे और लाडले बेटे की मौत से इस कदर सदमा पहुंचा है कि उन्हें अब तक इस घटना पर यकीन नहीं हो रहा। मनोज इलाहाबाद में पत्नी ममता शर्मा और दो साल के बेटे अर्नव के साथ रहते थे। पांच महीने पहले ही वह बनारस से ट्रांसफर होकर इलाहाबाद आए थे। उनकी पत्नी कौशाम्बी के एक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं। मनोज ‘अमर उजाला’ से पहले कई अन्य अखबारों में भी काम कर चुके थे। स्वभाव से बेहद मिलनसार और मृदुभाषी मनोज काम के सिलसिले से बृहस्पतिवार को प्रतापगढ़ आए थे। रात में वह बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी में ठहरे। भोर में होटल में आग लगने के कारण कमरे में दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
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