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‘अमर उजाला’ आधार कार्ड शिविर में पहुंचे सैकड़ों
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 02 Feb 2015 11:29 PM IST
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शहर के अंबेडकर चौराहा के पास स्थित श्रीलक्ष्मी टॉवर स्थित कार्यालय में ‘अमर उजाला’ की ओर से सोमवार को आधार कार्ड बनाने का शिविर लगाया गया। कार्ड बनवाने के लिए शिविर में सुबह ही लोग डटे रहे। शिविर में दर्जनों लोगों ने आवेदन किया। आईडी न लाने की वजह से कई लोगों को निराश लौटना पड़ा।
निष्पक्ष खबरों के माध्यम से हर रोज सभी के सुख-दुख में शामिल ‘अमर उजाला’ ने आधार कार्ड बनवाने के लिए परेशान लोगों के दर्द को समझा तो खुद के कार्यालय में शिविर लगवा दिया। बड़े ही सुव्यवस्थित ढंग से बारी-बारी आधार कार्ड बनवाने के लिए आए लोगों की कंप्यूटर से तस्वीर खींची गई। अंगुलियों के निशान मशीन से लिए गए। साथ ही आंख की तस्वीरें भी कंप्यूटर में लोड की गईं। इसके बाद शिविर में आए लोगों का पूरा नाम, पता उनके जरिए लाए गए अनुमन्य प्रमाण पत्र भी जमा किए गए। इस प्रक्रिया के तहत सैकड़ों लोगों ने कार्ड के लिए आवेदन किया। आईडी यानी पहचान पत्र साथ न लाने की वजह से कई लोगों को शिविर में आने के बाद भी निराश लौटना पड़ा।
आवेदन करने वाले लोग एक माह बाद इंटरनेट से भी आधार कार्ड निकाल सकते हैं। इतना वक्त इसलिए लगेगा कि आवेदन आनलाइन करने के लिए शीर्ष स्तर पर ही वक्त लग जाता है। हूबहू कार्ड बनाने व उसे लोड करने में यह समय जाया होता है। डाक से भेजा गया कार्ड भी घर पहुंचने में भी कम से कम माह भर का समय लगेगा।
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निष्पक्ष खबरों के माध्यम से हर रोज सभी के सुख-दुख में शामिल ‘अमर उजाला’ ने आधार कार्ड बनवाने के लिए परेशान लोगों के दर्द को समझा तो खुद के कार्यालय में शिविर लगवा दिया। बड़े ही सुव्यवस्थित ढंग से बारी-बारी आधार कार्ड बनवाने के लिए आए लोगों की कंप्यूटर से तस्वीर खींची गई। अंगुलियों के निशान मशीन से लिए गए। साथ ही आंख की तस्वीरें भी कंप्यूटर में लोड की गईं। इसके बाद शिविर में आए लोगों का पूरा नाम, पता उनके जरिए लाए गए अनुमन्य प्रमाण पत्र भी जमा किए गए। इस प्रक्रिया के तहत सैकड़ों लोगों ने कार्ड के लिए आवेदन किया। आईडी यानी पहचान पत्र साथ न लाने की वजह से कई लोगों को शिविर में आने के बाद भी निराश लौटना पड़ा।
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आवेदन करने वाले लोग एक माह बाद इंटरनेट से भी आधार कार्ड निकाल सकते हैं। इतना वक्त इसलिए लगेगा कि आवेदन आनलाइन करने के लिए शीर्ष स्तर पर ही वक्त लग जाता है। हूबहू कार्ड बनाने व उसे लोड करने में यह समय जाया होता है। डाक से भेजा गया कार्ड भी घर पहुंचने में भी कम से कम माह भर का समय लगेगा।
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