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जबरन उठाने पहुंचे शहर कोतवाल, कांग्रेस नेताओं ने किया विरोध

Fri, 13 Dec 2019 01:21 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 01:21 AM IST
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agitaion for insaf
अम्बेडकर चौराहे पर अनशन पर बैठे मृत बेटियों के परिजन। - फोटो : PRATAPGARH
इंसाफ के लिए फिर धरने पर बैठा सगी बहनों का परिवार
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जबरन उठाने पहुंचे शहर कोतवाल, कांग्रेस नेताओं ने किया विरोध
प्रतापगढ़। बेटियों के हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए गुरुवार को फिर परिजन धरने पर बैठ गए। उन्हें उठाने के लिए शहर कोतवाल अंबेडकर चौराहे पर पहुंचे। धरने पर बैठे लोगों के समर्थन में कांग्रेसी नेता आ खड़े हुए। जिसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा। बेटियों की हत्या करने वालों की गिरफ्तारी की मांग परिजन करते रहे।
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ निवासी सुभाषचंद्र राव की बेटी शिवांगी और अंजलि दो दिसंबर को अष्टभुुजानगर स्थित कालेज से गायब हो गई थीं। दूसरे दिन दोनों बहनों का शव सांगीपुर थाना क्षेत्र के कुंभापुर सई नदी घाट पर मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण पानी में डूबने के कारण होने की बात सामने आई। हालांकि उसके पहले ही कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। बेटियों के खुदकुशी की बात को परिजन सिरे नकार रहे हैं। उनकी हत्या का आरोप लगाने वाले पिता सुभाष अपने परिवार के साथ लगातार पुलिस प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगा रहा है। तीसरी बार सुभाष गुरुवार दोपहर अंबेडकर प्रतिमा के नीचे आकर धरने पर बैठा। जैसे ही पुलिस को भनक लगी। शहर कोतवाल पीएसी लेकर सभी को जबरन हटवाने के लिए पहुंच गए। पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार को जबरन उठाता देख कांग्रेसी नेता प्रशांतदेव शुक्ल उनके समर्थन में आ खड़े हुए। कुछ देर में भीम सेना के पदाधिकारी भी आ गए। कांग्रेस नेता नीरज तिवारी, संतोष त्रिपाठी, बसपा नेता कमलेश विश्वकर्मा, बसपा नेता विजय मिश्र बाबी समेत तमाम लोग पहुंच गए। जिसके बाद पुलिस को बैकफुट पर जाना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों से लोगों ने दो टूक कहा कि इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
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दरोगा के पैर पकड़कर इंसाफ मांगने लगा सुभाष
अंबेडकर चौराहे पर धरना दे रहे सुभाष व उसके परिवार के लोगों को उठाने के लिए पुलिस पहुंच गई। अचानक सुभाष फफक पड़ा और पुलिसकर्मियों के पैरों पर गिरकर इंसाफ मांगने लगा। यह देख पीएसी के जवानों ने उसे उठाया। कांग्रेसी नेता भी उसे हर संभव मदद का भरोसा दिलाने लगे। जिसके बाद भी उसके आंसू बहते रहे। वह सवाल उठाता रहा कि आखिर रात में दबाव बनाकर अंतिम संस्कार क्यों कराया गया। वह अपने तरीके से दोनों को दफनाते। जिन लोगों पर शंका कर रहे हैं, उन लोगों से पूछताछ के बजाए पुलिस उनकी आवाज को दबा रही है।
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बसपा भी करेगी आंदोलन
सगी बहनों के मौत के मामले में बसपा भी आंदोलन करने की तैयारी में है। बसपा नेता कमलेश विश्वकर्मा ने कहा कि जिले की गिरती हुई कानून व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही। जिस तरह से दो सगी बहनों की हत्या की घटना को पचाने का काम प्रशासन कर रहा है। वह सरासर गलत है। यदि परिवार के लोगों को इंसाफ न मिला तो वे लोग संघर्ष करने को बाध्य होंगे।
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