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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सड़क पर उतरे अधिवक्ता
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कहचरी से नागरिकता बिल के समर्थन में अधिवक्ताओं का निकला जुलूस।
- फोटो : PRATAPGARH
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सड़क पर उतरे अधिवक्ता
कचहरी से समर्थन में निकला जुलूस, जमकर नारेबाजी
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शनिवार को अधिवक्ता सड़क पर उतर आए। अधिवक्ताओं के एक गुट ने विरोध में कचहरी से शांति मार्च निकालकर अंबेडकर चौराहा पर प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। शांति मार्च का बैनर लिए अधिवक्ताओं ने नागरिकता संशोधन बिल को काले कानून की संज्ञा देते हुए अविलंब रद्द करने की मांग की। मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि यह कानून एक समुदाय विशेष का उत्पीड़न के करने के लिए लाया गया है।
अधिवक्ता सुरेश तिवारी और आचार्य ओमप्रकाश मिश्र, सिराजुद्दीन, अब्दुल जब्बार के नेतृत्व में निकला जुलूस अंबेडकर चौराहे पर पहुंचा। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। अभिषेक तिवारी ने कहा कि हिंदुस्तान की साझा विरासत को नागरिकता संशोधन कानून के जरिए सरकार खत्म करना चाहती है। अधिवक्ता मो. आरिफ खान ने कहा कि एक समुदाय विशेष को टारगेट करने के लिए यह कानून लाया गया है। अधिवक्ताओं का समूह कचहरी पहुंचा और राष्ट्रपति से कानून रद्द करने का मांगपत्र अतिरिक्त एसडीएम सौंपा। इस मौके पर गुलहसन, जफरूल हसन, हरीश शुक्ल, गिरीश गुप्ता, निसार अहमद, बशीर अहमद, शाहिद नईम, जावेद, इरफान, दिलदार, शरीफ, इबरार जहानिया, दिलवीर, परवेज अहमद, अब्दुल रफीक, मतलूब खान प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
और इधर भारत माता की जय के नारे से गूंजी कचहरी
शनिवार को पहली बार नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में भी लोग सड़क पर उतर गए। अब तक हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने भारत माता की जय के नारे लगाते हुए जुलूस निकाला। कचहरी से जुलूस की शक्ल में निकले अधिवक्ताओं का समूह अंबेडकर चौराहा पहुंचा, जहां समर्थन में नारेबाजी कर मोदी सरकार की जय-जयकार की गई।
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शनिवार को अधिवक्ताओं के एक गुट के नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने के थोड़ी देर बाद वकीलों का दूसरा गुट समर्थन में उतर आया। सैकड़ों की संख्या में निकले वकील अंबेडकर चौराहा पहुंचे और नारेबाजी कर मोदी सरकार के निर्णय की सराहना की। अंबेडकर चौराहे पर वकीलों ने प्रदर्शन करने के बाद चौक तक जुलूस निकालने का फैसला किया। अंबेडकर चौराहे से वकीलों का समूह पुलिस लाइन के रास्ते राजापाल टंकी चौराहे पर पहुंचा। यहां सीओ अभय कुमार पांडेय ने वकीलों से जुलूस नहीं निकालने का अनुरोध किया। इस पर अधिवक्ताओं ने कहा कि हम लोग समर्थन में है, इसलिए जैसा आप कहेंगे, वैसा ही करेंगे। फिर वकीलों का जुलूस ट्रेजरी चौराहे के रास्ते कचहरी पहुंचा। यहां जमकर नारेबाजी करते हुए शक्ति प्रदर्शन किया गया। इससे कचहरी का माहौल गरम हो गया। हालांकि वकीलों के किसी भी गुट ने हिंसक प्रदर्शन नहीं किया। इस मौके पर विवेक त्रिपाठी, रजनीश मिश्र, राजू सिंह, संतोष सिंह, प्रशांत कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
शहर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ तीन से दिन आवाज उठ रही है। शनिवार को पहली बार देखने को मिला जब अधिवक्ता इसके समर्थन में उतरे। अभी तक विरोध प्रदर्शन तो लोग देखते थे, मगर समर्थन में कोई आवाज नहीं उठा रहा था।
अधिवक्ताओं का समर्थन में प्रदर्शन देखकर पुलिस अलर्ट हो गई। डिप्टी सीएम की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को प्रदर्शन की भनक लगते ही पलभर में अंबेडकर चौराहे पर तैनात कर दिया गया। अधिवक्ताओं के जुलूस के साथ पुलिस कदम मिलाने लगी। वकीलों के कचहरी पहुंचने पर किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एसपी आफिस में भारी संख्या में फोर्स जमा हो गई।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में होने वाले प्रदर्शन से घबराए जिला प्रशासन ने शहर के साकेत गर्ल्स पीजी कालेज को वार्षिकोत्सव के लिए अनुमति नहीं प्रदान की। इससे रविवार को होने वाला वार्षिकोत्सव स्थगित कर दिया गया है।
जिले में धारा 144 लागू होने पर जिला सेवायोजन कार्यालय में 23 दिसंबर को आयोजित रोजगार मेला स्थगित कर दिया गया है। सेवायोजन अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि अगली तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
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कचहरी से समर्थन में निकला जुलूस, जमकर नारेबाजी
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शनिवार को अधिवक्ता सड़क पर उतर आए। अधिवक्ताओं के एक गुट ने विरोध में कचहरी से शांति मार्च निकालकर अंबेडकर चौराहा पर प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। शांति मार्च का बैनर लिए अधिवक्ताओं ने नागरिकता संशोधन बिल को काले कानून की संज्ञा देते हुए अविलंब रद्द करने की मांग की। मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि यह कानून एक समुदाय विशेष का उत्पीड़न के करने के लिए लाया गया है।
अधिवक्ता सुरेश तिवारी और आचार्य ओमप्रकाश मिश्र, सिराजुद्दीन, अब्दुल जब्बार के नेतृत्व में निकला जुलूस अंबेडकर चौराहे पर पहुंचा। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। अभिषेक तिवारी ने कहा कि हिंदुस्तान की साझा विरासत को नागरिकता संशोधन कानून के जरिए सरकार खत्म करना चाहती है। अधिवक्ता मो. आरिफ खान ने कहा कि एक समुदाय विशेष को टारगेट करने के लिए यह कानून लाया गया है। अधिवक्ताओं का समूह कचहरी पहुंचा और राष्ट्रपति से कानून रद्द करने का मांगपत्र अतिरिक्त एसडीएम सौंपा। इस मौके पर गुलहसन, जफरूल हसन, हरीश शुक्ल, गिरीश गुप्ता, निसार अहमद, बशीर अहमद, शाहिद नईम, जावेद, इरफान, दिलदार, शरीफ, इबरार जहानिया, दिलवीर, परवेज अहमद, अब्दुल रफीक, मतलूब खान प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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और इधर भारत माता की जय के नारे से गूंजी कचहरी
शनिवार को पहली बार नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में भी लोग सड़क पर उतर गए। अब तक हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने भारत माता की जय के नारे लगाते हुए जुलूस निकाला। कचहरी से जुलूस की शक्ल में निकले अधिवक्ताओं का समूह अंबेडकर चौराहा पहुंचा, जहां समर्थन में नारेबाजी कर मोदी सरकार की जय-जयकार की गई।
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शनिवार को अधिवक्ताओं के एक गुट के नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने के थोड़ी देर बाद वकीलों का दूसरा गुट समर्थन में उतर आया। सैकड़ों की संख्या में निकले वकील अंबेडकर चौराहा पहुंचे और नारेबाजी कर मोदी सरकार के निर्णय की सराहना की। अंबेडकर चौराहे पर वकीलों ने प्रदर्शन करने के बाद चौक तक जुलूस निकालने का फैसला किया। अंबेडकर चौराहे से वकीलों का समूह पुलिस लाइन के रास्ते राजापाल टंकी चौराहे पर पहुंचा। यहां सीओ अभय कुमार पांडेय ने वकीलों से जुलूस नहीं निकालने का अनुरोध किया। इस पर अधिवक्ताओं ने कहा कि हम लोग समर्थन में है, इसलिए जैसा आप कहेंगे, वैसा ही करेंगे। फिर वकीलों का जुलूस ट्रेजरी चौराहे के रास्ते कचहरी पहुंचा। यहां जमकर नारेबाजी करते हुए शक्ति प्रदर्शन किया गया। इससे कचहरी का माहौल गरम हो गया। हालांकि वकीलों के किसी भी गुट ने हिंसक प्रदर्शन नहीं किया। इस मौके पर विवेक त्रिपाठी, रजनीश मिश्र, राजू सिंह, संतोष सिंह, प्रशांत कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
शहर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ तीन से दिन आवाज उठ रही है। शनिवार को पहली बार देखने को मिला जब अधिवक्ता इसके समर्थन में उतरे। अभी तक विरोध प्रदर्शन तो लोग देखते थे, मगर समर्थन में कोई आवाज नहीं उठा रहा था।
अधिवक्ताओं का समर्थन में प्रदर्शन देखकर पुलिस अलर्ट हो गई। डिप्टी सीएम की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को प्रदर्शन की भनक लगते ही पलभर में अंबेडकर चौराहे पर तैनात कर दिया गया। अधिवक्ताओं के जुलूस के साथ पुलिस कदम मिलाने लगी। वकीलों के कचहरी पहुंचने पर किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एसपी आफिस में भारी संख्या में फोर्स जमा हो गई।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में होने वाले प्रदर्शन से घबराए जिला प्रशासन ने शहर के साकेत गर्ल्स पीजी कालेज को वार्षिकोत्सव के लिए अनुमति नहीं प्रदान की। इससे रविवार को होने वाला वार्षिकोत्सव स्थगित कर दिया गया है।
जिले में धारा 144 लागू होने पर जिला सेवायोजन कार्यालय में 23 दिसंबर को आयोजित रोजगार मेला स्थगित कर दिया गया है। सेवायोजन अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि अगली तिथि बाद में घोषित की जाएगी।

नागरिकता बिल के समर्थन में कचहरी से पुलिस लाइन तिराहा पहुंचा अधिवक्ता जुलूस।- फोटो : PRATAPGARH

नागरिकता बिल के समर्थन में जुलूस के साथ निकले अधिवक्ताओं को समझाते सीओ सिटी।- फोटो : PRATAPGARH