{"_id":"5c6d94aebdec2259c53e1c20","slug":"administration-fails-in-data-feeding-of-farmers","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की डाटा फिीडिंग में प्रशासन फिसड्डी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की डाटा फिीडिंग में प्रशासन फिसड्डी
Thu, 21 Feb 2019 12:02 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:02 AM IST
विज्ञापन
kisan samman nidhi
- फोटो : अमर उजाला
जिले के 2,75,295 किसानों का डाटा फीड करने में प्रशासन फिसड्डी साबित हुआ है। प्रशासन की नाकामी को देखते हुए शासन ने फीडिंग की तिथि बढ़ाकर अब 25 फरवरी कर दिया है। डाटा फीडिंग की तिथि बढ़ने से ऐसा लगता है कि अब किसानों के खाते में धनराशि आने में भी देरी हो सकती है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को पहली किस्त दो-दो हजार रुपये देने के लिए जिले के 4,50,718 किसानों का डाटा फीड करने के लिए 20 फरवरी का समय दिया गया था। राजस्व, कृषि, एनआईसी और कौशल विकास केंद्रों में अभी तक 1,75,423 किसानों का ही डाटा फीड हुआ है।
जबकि अभी 2,75,295 किसानों का फीडिंग बाकी है। दरअसल, डाटा फीडिंग में राजस्व विभाग की जिम्मेदारी अधिक दी गई है, मगर लेखपालों की लापरवाही के चलते तहसीलों से डाटा मुख्यालय पर नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे किसानों का डाटा ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है
विज्ञापन
तहसीलों में डंप किसानों के घोषणा पत्र
ब्लाकों में जमा होने वाले किसानों के घोषणा पत्र तहसीलों में डंप हैं। लेखपाल इन किसानों के आवेदन पत्रों से मिलान करने के बाद ही अपनी मुहर लगा रहे हैं। इससे तहसीलों का डाटा मुख्यालय तक नहीं पहुंच रहा है।
एक लेखपाल के पास 20 गांव की जिम्मेदारी
विकास विभाग से अधिक दयनीय स्थिति राजस्व विभाग की है, आलम यह है कि मठाधीश लेखपालों को 20-20 गांवों की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि नए लेखपालों को एक या दो गांव दिए गए हैं। अगर कोई लेखपाल कर्मचारियों का नेता है, तो उसे अनगिनत गांव दिए गए हैं। जिससे डाटा कलेक्शन और फीडिंग में देरी हो रही है।
बीमार हुए उपकृषि निदेशक, मेडिकल पर गए
किसानों के डाटा फीडिंग के लिए कृषि विभाग को पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग में डाटा फीडिंग का कार्य अधिक होने और अधिकारियों का दबाव बढ़ने से उपकृषि निदेशक डॉ. रघुनाथ सिंह अचानक बीमार पड़ गए है, इससे वह अवकाश पर चले गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अब मार्च माह के अंतिम सप्ताह में ही लौट कर आएंगे।
डाटा फीडिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है, अभी तक 1,75,423 किसानों का डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है। उपकृषि निदेशक के बीमार होने के कारण जिला कृषि अधिकारी को डीडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपकर 25 फरवरी तक फीडिंग कराने को कहा गया है।
धीरेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को पहली किस्त दो-दो हजार रुपये देने के लिए जिले के 4,50,718 किसानों का डाटा फीड करने के लिए 20 फरवरी का समय दिया गया था। राजस्व, कृषि, एनआईसी और कौशल विकास केंद्रों में अभी तक 1,75,423 किसानों का ही डाटा फीड हुआ है।
विज्ञापन
जबकि अभी 2,75,295 किसानों का फीडिंग बाकी है। दरअसल, डाटा फीडिंग में राजस्व विभाग की जिम्मेदारी अधिक दी गई है, मगर लेखपालों की लापरवाही के चलते तहसीलों से डाटा मुख्यालय पर नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे किसानों का डाटा ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है
विज्ञापन
तहसीलों में डंप किसानों के घोषणा पत्र
ब्लाकों में जमा होने वाले किसानों के घोषणा पत्र तहसीलों में डंप हैं। लेखपाल इन किसानों के आवेदन पत्रों से मिलान करने के बाद ही अपनी मुहर लगा रहे हैं। इससे तहसीलों का डाटा मुख्यालय तक नहीं पहुंच रहा है।
एक लेखपाल के पास 20 गांव की जिम्मेदारी
विकास विभाग से अधिक दयनीय स्थिति राजस्व विभाग की है, आलम यह है कि मठाधीश लेखपालों को 20-20 गांवों की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि नए लेखपालों को एक या दो गांव दिए गए हैं। अगर कोई लेखपाल कर्मचारियों का नेता है, तो उसे अनगिनत गांव दिए गए हैं। जिससे डाटा कलेक्शन और फीडिंग में देरी हो रही है।
बीमार हुए उपकृषि निदेशक, मेडिकल पर गए
किसानों के डाटा फीडिंग के लिए कृषि विभाग को पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग में डाटा फीडिंग का कार्य अधिक होने और अधिकारियों का दबाव बढ़ने से उपकृषि निदेशक डॉ. रघुनाथ सिंह अचानक बीमार पड़ गए है, इससे वह अवकाश पर चले गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अब मार्च माह के अंतिम सप्ताह में ही लौट कर आएंगे।
डाटा फीडिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है, अभी तक 1,75,423 किसानों का डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है। उपकृषि निदेशक के बीमार होने के कारण जिला कृषि अधिकारी को डीडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपकर 25 फरवरी तक फीडिंग कराने को कहा गया है।
धीरेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ।