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प्रशासन फेल, निषेधाज्ञा की उड़ीं धज्जियां, सड़क पर उतरे सपाई
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कचहरी में मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता।
- फोटो : PRATAPGARH
जिला प्रशासन की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के बाद भी प्रशासन को धता बताते हुए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सपाई सड़क पर उतरे और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। कलेक्ट्रेट में धरना दिया। मौके पर पहुंचे एएसपी पूर्वी से भिड़ गए।
नारेबाजी के बीच एएसपी को लौटना पड़ा। अनहोनी की आशंका को देखते हुए कलेक्ट्रेट से लेकर कोषागार चौराहे तक भारी भरकम फोर्स तैनात कर दी गई। सपा के साथ माकपा व भाकपा के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी समेत दूसरे राजनैतिक दलों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के फैसले के विरोध में अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था।
जिसे रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी। जिला प्रशासन लोगों को एक जगह एकत्र होने से रोकता रहा। गुरुवार को सुबह से पुलिस सपा नेताओं समेत दूसरे दलों के पदाधिकारियों की खोजबीन करती रही, लेकिन विरोधी दलों के नेताओं को प्रदर्शन से रोकने में प्रशासन पूरी तरह फेल हो गया। सपा, माकपा, जनवादी, वामपंथी व भाकपा के नेता सड़कों पर उतर गए।
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वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी किसी को रोक नहीं सके। कलेक्ट्रेट में जुटे सपा समेत अन्य दलों के नेता सरकार के फैसले का विरोध करते हुए भाषणबाजी करते रहे। इस बीच बिना अनुमति के हो रहे धरना प्रदर्शन को रोकने के लिए एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी मौके पर पहुंचे।
धरना बंद कराने की बात कहते ही सपाई भड़क उठे। सपा नेता एएसपी से भिड़ गए। हालांकि सीनियर नेताओं ने सभी को समझाबुझाकर शांत कराया। इसके बाद एएसपी ने भारी संख्या में फोर्स बुला ली। कुछ देर बाद एसडीएम सदर विजयपाल सिंह यादव व सीओ सिटी अरविंद वर्मा भारी फोर्स के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गए। प्रदर्शन स्थल से लेकर कोषागार चौराहे तक फोर्स तैनात रही।
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नारेबाजी के बीच एएसपी को लौटना पड़ा। अनहोनी की आशंका को देखते हुए कलेक्ट्रेट से लेकर कोषागार चौराहे तक भारी भरकम फोर्स तैनात कर दी गई। सपा के साथ माकपा व भाकपा के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी समेत दूसरे राजनैतिक दलों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के फैसले के विरोध में अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था।
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जिसे रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी। जिला प्रशासन लोगों को एक जगह एकत्र होने से रोकता रहा। गुरुवार को सुबह से पुलिस सपा नेताओं समेत दूसरे दलों के पदाधिकारियों की खोजबीन करती रही, लेकिन विरोधी दलों के नेताओं को प्रदर्शन से रोकने में प्रशासन पूरी तरह फेल हो गया। सपा, माकपा, जनवादी, वामपंथी व भाकपा के नेता सड़कों पर उतर गए।
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वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी किसी को रोक नहीं सके। कलेक्ट्रेट में जुटे सपा समेत अन्य दलों के नेता सरकार के फैसले का विरोध करते हुए भाषणबाजी करते रहे। इस बीच बिना अनुमति के हो रहे धरना प्रदर्शन को रोकने के लिए एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी मौके पर पहुंचे।
धरना बंद कराने की बात कहते ही सपाई भड़क उठे। सपा नेता एएसपी से भिड़ गए। हालांकि सीनियर नेताओं ने सभी को समझाबुझाकर शांत कराया। इसके बाद एएसपी ने भारी संख्या में फोर्स बुला ली। कुछ देर बाद एसडीएम सदर विजयपाल सिंह यादव व सीओ सिटी अरविंद वर्मा भारी फोर्स के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गए। प्रदर्शन स्थल से लेकर कोषागार चौराहे तक फोर्स तैनात रही।

कचहरी में धरना प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन देते सपा के लोग।- फोटो : PRATAPGARH

चौक में सपा के प्रदर्शन के मद्देनजर तैनात पीएसी।- फोटो : PRATAPGARH