{"_id":"587a6ce54f1c1b8327baa532","slug":"action-in-lalganj","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार वकीलों पर गुंडा एक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार वकीलों पर गुंडा एक्ट
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jan 2017 12:33 AM IST
विज्ञापन
संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष समेत चार वकीलों के खिलाफ प्रशासन ने गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की है। अधिवक्ताओं पर सरकारी कामों में दखल देने व फरियादियों को धमकाने समेत तमाम गंभीर आरोप प्रशासन की तरफ से लगाए गए हैं। तहसीलदार लालगंज से हुई मारपीट के बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
लालगंज संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह, विकास मिश्रा, संदीप सिंह, आशिक अली समेत अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ तहसीलदार से मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने राव वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ दिनों पहले अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह के ऊपर गुंडा एक्ट लगाने का मामला सामने आया। शनिवार को लालगंज पुलिस ने बताया कि अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह के अलावा अधिवक्ता विकास मिश्र, संदीप व आशिक अली के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। लालगंज पुलिस का कहना है कि इन लोगों का तहसील, कोतवाली, सीओ कार्यालय समेत अन्य स्थानों पर दबदबा है। इनके गिरोह के चलते पीड़ितों को समय से न्याय नहीं मिल पाता। वे फरियादियों के साथ मारपीट करते हैं और अधिकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार करने से बाज नहीं आते। तहसीलदार सदर के मामले का भी हवाला दिया गया है। लालगंज कोतवाल ने बताया कि तहसीलदार से मारपीट के मामले में अन्य लोगों को चिन्हित किया जा रहा है।
विज्ञापन
लालगंज संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह, विकास मिश्रा, संदीप सिंह, आशिक अली समेत अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ तहसीलदार से मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने राव वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ दिनों पहले अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह के ऊपर गुंडा एक्ट लगाने का मामला सामने आया। शनिवार को लालगंज पुलिस ने बताया कि अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह के अलावा अधिवक्ता विकास मिश्र, संदीप व आशिक अली के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। लालगंज पुलिस का कहना है कि इन लोगों का तहसील, कोतवाली, सीओ कार्यालय समेत अन्य स्थानों पर दबदबा है। इनके गिरोह के चलते पीड़ितों को समय से न्याय नहीं मिल पाता। वे फरियादियों के साथ मारपीट करते हैं और अधिकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार करने से बाज नहीं आते। तहसीलदार सदर के मामले का भी हवाला दिया गया है। लालगंज कोतवाल ने बताया कि तहसीलदार से मारपीट के मामले में अन्य लोगों को चिन्हित किया जा रहा है।
विज्ञापन