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ढाई करोड़ रुपये की डीएपी बेचकर फरार गोदाम प्रभारी निलंबित

Tue, 16 Nov 2021 08:09 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 08:09 PM IST
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Absconding warehouse in-charge suspended after selling DAP worth Rs 2.5 crore
crime
जिले में ढाई करोड़ रुपये की डीएपी बेचकर फरार होने वाले भंडार नायक (गोदाम प्रभारी) संतोष कुमार को पीसीएफ महाप्रबंधक ने निलंबित कर दिया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के लिए उप महाप्रबंधक पीसीएफ नरेंद्र सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है।
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इस मामले में पीसीएफ के जिला प्रबंधक की भी गर्दन फंस सकती है। अफसरों ने जिस दिन खाद के गबन का मामला उजागर किया, उस दिन वह लखनऊ में होने की बात कहते रहे। अफसरों के बार-बार बुलाने के बाद रात आठ बजे पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, वह अंतिम दौर तक दावा करते रहे कि समितियों तक खाद पहुंची है।
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पीसीएफ के खजोहरी, बडनपुर और मीराभवन स्थित गोदाम में रखी 1055.0 मीट्रिक टन डीएपी को बाजार में बेचकर फरार होने वाले गोदाम प्रभारी संतोष कुमार को अफसरों ने सोमवार की शाम निलंबित कर दिया। जिले के रानीगंज तहसील के दुर्गागंज बाजार का निवासी संतोष कुमार लगभग नौ साल से गोदाम प्रभारी था। अधिकारियों को खुश रखने वाले गोदाम प्रभारी के खेल का खुलासा पहली बार सहायक निबंधक सहकारिता अरविंद प्रकाश ने किया।
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उन्होंने पीसीएफ से उन समितियों की डिटेल मांगी, जिसमें गोदाम प्रभारी खाद भेजने का दावा कर रहा था। सहकारिता विभाग के सभी कर्मचारियों को समितियों पर भेजकर वास्तविकता की जांच कराई और सचिवों से लिखित में लिया कि उनके यहां खाद नहीं आई है।
13 नवंबर को जब पीसीएफ गोदाम से खाद बेचने के मामले का खुलासा हुआ, तो जिला प्रबंधक गोदाम प्रभारी के बचाव में आ गए और अधिकारियों के दावे को झूठा बताते हुए समितियों पर खाद भेजने का दावा करने लगे। जब सहायक निबंधक ने अधिकारियों के सामने सचिवों को फोन मिलाकर वास्तविकता खंगाली तो उन्होंने चुप्पी साध ली। मामला जब डीएम के पास पहुंचा, तो उन्होंने गोदाम प्रभारी के खिलाफ फौरन मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा। इसके बाद गोदाम प्रभारी फोन बंदकर फरार हो गया।
हो रही जांच, कहां बेची जा रही डीएपी
गोदाम प्रभारी की करतूत सामने आने के बाद अब अधिकारी इस जांच में जुटे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में डीएपी कहां बेेची गई। 1055 मीट्रिक टन डीएपी गोदामों से गायब करने के बाद कहां खपाई गई। पीसीएफ के कर्मचारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। गोदाम प्रभारी फरार है। ऐसे में अफसरों की परेशानी बढ़ गई है।

समितियों में खाद नहीं होने और स्टॉक में डंप होने की जानकारी होने पर जब खोजबीन की गई, तो पता चला कि गोदाम प्रभारी ही खाद को बाजार में बेचकर फरार हो गया है। अभी यह नहीं पता चल पाया है कि गोदाम प्रभारी ने यह खाद कहां बेची है। अरविंद प्रकाश, सहायक निबंधक, सहकारिता
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