{"_id":"10-49934","slug":"Pratapgarh-49934-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर में सेंध लगाने का आरोपी हत्थे चढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर में सेंध लगाने का आरोपी हत्थे चढ़ा
Pratapgarh
Updated Mon, 28 Jul 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लालगंज। चार दिन पहले घर से राइफल चोरी के आरोपी प्रधानपुत्र से चोरी की दो बाइकें बरामद हुई हैं। पुलिस का दावा है कि उसका गैंग कई जिलों में बाइक चोरी करता है। उसके पास से तमंचा व कारतूस भी बरामद हुआ है।
कटरा बलीपुर गांव में प्रधान रिटायर्ड फौजी शिव बहादुर गुप्ता ने मंगलवार को घर लाइसेंसी रायफल समेत जेवर चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में प्रधान ने अपने पुत्र सुनील पर शक जताते हुए उसे नामजद कराया। प्रभारी कोतवाल एमपी तिवारी ने शनिवार रात सगरा सुंदरपुर के सरस्वती इंटर कालेज के सामने से बाइक समेत धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से एक तमंचा व दो कारतूस बरामद हुए। छानबीन में बरामद बाइक भी चोरी की निकली, जो प्रतापगढ़ शहर से चुराई गई थी। कोतवाली लाकर सुनील से पूछताछ की गई तो उसने इलाहाबाद से चोरी की गई एक बाइक वन विभाग के जर्जर भवन में छुपाने की बात कही। सुनील की निशानदेही पर वह बाइक भी बरामद कर ली गई। पुलिस के मुताबिक इस बाइक को इटौरी के अंकित पांडेय पुत्र प्रेमशंकर के साथ सुनील ने इलाहाबाद सिविल लाइंस से चुराया था। इस दौरान आरोपी ने आसपास के जिलों से बाइक चोरी करने की बात तो कबूली लेकिन रायफल चोरी में हाथ होने से साफ इंकार कर दिया। कोतवाली पुलिस ने सुनील और अंकित के खिलाफ गिरोह बनाकर बाइक चोरी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। प्रभारी कोतवाल एमपी तिवारी ने बताया कि सुनील गुप्ता गिरोेह बनाकर बाइक चोरी करता है। बाइक चोरी के मामले में पुलिस कई बार उसके खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। पखवारे भर पहले सुनील के साथियों को चोरी की बाइक बेचते समय पकड़कर जेल भेजा गया था, उस समय सुनील फरार हो गया था।
कटरा बलीपुर गांव के प्रधान के शिवबहादुर गुप्ता ने रायफल और जेवर चोरी के मामले में पुत्र सुनील को नामजद कराया था, तभी से इस पर सवाल उठने लगे। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम से जांच कराई गई। सूत्रों की मानें तो टीम ने चोरी की घटना को ही संदिग्ध करार दिया। रही सही कसर सुनील की गिरफ्तारी ने पूरी कर दी। उसने राइफल चोरी की घटना में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया। अब कोतवाली पुलिस ने दूसरे पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि रायफल इलाके के एक प्रभावशाली व्यक्ति के हाथों में रहती थी, हो सकता है गायब होेने के चलते यह कहानी रची जा रही हो। हालांकि पुलिस इसको भी पूरा सही मानने से अभी इंकार कर रही है। इसके अलावा कुछ और बिंदु हैं जिस पर पुलिस पड़ताल कर रही है। छानबीन में जानकारी मिली है कि चोरी के बाद न तो हल्ला गुहार मचा और न घरवालों को इसकी जानकारी हो सकी जबकि प्रधान द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पड़ोसी ओमप्रकाश ने एक युवक को राइफल ले जाते देखा था। पुलिस पड़ोसी पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।प्रभारी कोतवाल एमपी तिवारी का कहना है कि रायफल चोरी की घटना संदिग्ध लग रही है। शीघ्र ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कटरा बलीपुर गांव में प्रधान रिटायर्ड फौजी शिव बहादुर गुप्ता ने मंगलवार को घर लाइसेंसी रायफल समेत जेवर चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में प्रधान ने अपने पुत्र सुनील पर शक जताते हुए उसे नामजद कराया। प्रभारी कोतवाल एमपी तिवारी ने शनिवार रात सगरा सुंदरपुर के सरस्वती इंटर कालेज के सामने से बाइक समेत धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से एक तमंचा व दो कारतूस बरामद हुए। छानबीन में बरामद बाइक भी चोरी की निकली, जो प्रतापगढ़ शहर से चुराई गई थी। कोतवाली लाकर सुनील से पूछताछ की गई तो उसने इलाहाबाद से चोरी की गई एक बाइक वन विभाग के जर्जर भवन में छुपाने की बात कही। सुनील की निशानदेही पर वह बाइक भी बरामद कर ली गई। पुलिस के मुताबिक इस बाइक को इटौरी के अंकित पांडेय पुत्र प्रेमशंकर के साथ सुनील ने इलाहाबाद सिविल लाइंस से चुराया था। इस दौरान आरोपी ने आसपास के जिलों से बाइक चोरी करने की बात तो कबूली लेकिन रायफल चोरी में हाथ होने से साफ इंकार कर दिया। कोतवाली पुलिस ने सुनील और अंकित के खिलाफ गिरोह बनाकर बाइक चोरी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। प्रभारी कोतवाल एमपी तिवारी ने बताया कि सुनील गुप्ता गिरोेह बनाकर बाइक चोरी करता है। बाइक चोरी के मामले में पुलिस कई बार उसके खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। पखवारे भर पहले सुनील के साथियों को चोरी की बाइक बेचते समय पकड़कर जेल भेजा गया था, उस समय सुनील फरार हो गया था।
विज्ञापन
कटरा बलीपुर गांव के प्रधान के शिवबहादुर गुप्ता ने रायफल और जेवर चोरी के मामले में पुत्र सुनील को नामजद कराया था, तभी से इस पर सवाल उठने लगे। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम से जांच कराई गई। सूत्रों की मानें तो टीम ने चोरी की घटना को ही संदिग्ध करार दिया। रही सही कसर सुनील की गिरफ्तारी ने पूरी कर दी। उसने राइफल चोरी की घटना में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया। अब कोतवाली पुलिस ने दूसरे पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि रायफल इलाके के एक प्रभावशाली व्यक्ति के हाथों में रहती थी, हो सकता है गायब होेने के चलते यह कहानी रची जा रही हो। हालांकि पुलिस इसको भी पूरा सही मानने से अभी इंकार कर रही है। इसके अलावा कुछ और बिंदु हैं जिस पर पुलिस पड़ताल कर रही है। छानबीन में जानकारी मिली है कि चोरी के बाद न तो हल्ला गुहार मचा और न घरवालों को इसकी जानकारी हो सकी जबकि प्रधान द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पड़ोसी ओमप्रकाश ने एक युवक को राइफल ले जाते देखा था। पुलिस पड़ोसी पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।प्रभारी कोतवाल एमपी तिवारी का कहना है कि रायफल चोरी की घटना संदिग्ध लग रही है। शीघ्र ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन