{"_id":"10-24117","slug":"Pratapgarh-24117-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिरकार मैदान में उतरे पुलिस कप्तान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिरकार मैदान में उतरे पुलिस कप्तान
Pratapgarh
Updated Fri, 11 Jan 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। मातहतों की कार्यशैली से परेशान पुलिस कप्तान खुद ही अपराधियों के खिलाफ मैदान में उतर पड़े। शहर के हर कोने में पब्लिक की जांच पड़ताल हुई। स्टेशन पर पुलिस बल देख भगदड़ मच गई।
बुधवार को आधी रात पुलिस अधीक्षक किरण एस दल बल के साथ पहले कोतवाली पहुंचे। वहां अपराधियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई और छापामारी की जानकारी ली। इसके पश्चात जिला अस्पताल के गेट पर पहुंचे। वहां गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों को बुलाया गया। लोगों की जांच पड़ताल शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक दल बल के साथ स्टेशन रोड रात करीब एक बजे पहुंचे। कई लोग पुलिस का लाव लश्कर देख गलियों में खिसक लिए। होटलों पर मौजूद लोगों से आवश्यक जानकारी लेने के बाद शहर के चौक, सदर बाजार समेत अन्य इलाकों में पुलिस गश्त का जायजा लिया। मुखिया के मैदान में उतरने की खबर मिलने के बाद सभी चौकी के सिपाही से लेकर प्रभारी तक मुस्तैद हो गए। हालांकि चर्चा रही कि गत दिनों श्रीराम तिराहे के निकट दरोगा पर लग्जरी वाहन चढ़ाने की कोशिश करने और पिस्टल से फायरिंग करने वालों की भी तलाश हुई लेकिन वे कहीं नजर नहीं आए। वरना ऐसे लोगों पर पुलिस का शिकंजा जरूर कसता।
विज्ञापन
बुधवार को आधी रात पुलिस अधीक्षक किरण एस दल बल के साथ पहले कोतवाली पहुंचे। वहां अपराधियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई और छापामारी की जानकारी ली। इसके पश्चात जिला अस्पताल के गेट पर पहुंचे। वहां गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों को बुलाया गया। लोगों की जांच पड़ताल शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक दल बल के साथ स्टेशन रोड रात करीब एक बजे पहुंचे। कई लोग पुलिस का लाव लश्कर देख गलियों में खिसक लिए। होटलों पर मौजूद लोगों से आवश्यक जानकारी लेने के बाद शहर के चौक, सदर बाजार समेत अन्य इलाकों में पुलिस गश्त का जायजा लिया। मुखिया के मैदान में उतरने की खबर मिलने के बाद सभी चौकी के सिपाही से लेकर प्रभारी तक मुस्तैद हो गए। हालांकि चर्चा रही कि गत दिनों श्रीराम तिराहे के निकट दरोगा पर लग्जरी वाहन चढ़ाने की कोशिश करने और पिस्टल से फायरिंग करने वालों की भी तलाश हुई लेकिन वे कहीं नजर नहीं आए। वरना ऐसे लोगों पर पुलिस का शिकंजा जरूर कसता।
विज्ञापन